अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान की मिसाइल क्षमता को समाप्त करने के दावे के बावजूद तेहरान की मिसाइल लॉन्चिंग की क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा अभी बचा है।
वाशिंगटन (अमेरिका)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान की मिसाइल क्षमता को समाप्त करने के दावे के बावजूद खुफिया सूत्रों के आकलन से संकेत मिलता है कि तेहरान की मिसाइल लॉन्चिंग की क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा अभी बचा है। सीएनएन ने जानकार सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।
अमेरिकी-इजरायल हमलों के बावजूद मिसाइल लॉन्चर सुरक्षित
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, पांच हफ्ते तक अमेरिका-इजराइल की ओर से सैन्य ढांचे पर हमले के बावजूद हाल की खुफिया जांच में यह तथ्य सामने आया है कि ईरान के करीब आधे मिसाइल लॉन्चर सुरक्षित हैं। इसके अलावा एकतरफा हमला करने वाले हजारों ड्रोन अभी भी उसके शस्त्रागार का हिस्सा हैं।
ईरान के पास अभी भी गंभीर हथियार उपलब्ध
सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि ईरान के पास अभी भी मध्य पूर्व में भयानक तबाही मचाने के साजोसामान मौजूद हैं।
आकलन में बताया गया है कि ईरान के कई मिसाइल भंडार तक अभी तक अमेरिकी पहुंचे भी नहीं हैं जबकि कई ऐसे मिसाइल भंडार ऐसे हैं जिनपर हमले तो हुए हैं लेकिन वो मिसाइलें मिट्टी के अंदर दब गये हैं लेकिन उनके अभी भी सुरक्षित होने की संभावना है।
तटीय क्रूज मिसाइलें और एंटी-शिप क्षमता सुरक्षित
खुफिया जानकारी से यह भी पता चलता है कि ईरान की बड़ी संख्या में तटीय क्रूज मिसाइलें अमेरिकी बमबारी से काफी हद तक सुरक्षित बची हुई हैं। ये एंटी-शिप मिसाइलें होर्मुज से गुजरने वाली जहाजों को निशाना बनाने के लिए हैं। इसके अलावा ईरान और उसके समर्थक गुटों ने इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के ऊपर मिसाइलों और ड्रोनों की बारिश जारी रखी है। इसमें पूरे मध्य पूर्व में सैन्य ठिकानों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है। ईरान ने अब मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल के आर्थिक और औद्योगिक स्थलों पर हमले शुरू कर दिए हैं।
ईरान का औद्योगिक ठिकानों पर जवाबी हमला
ईरान ने कहा कि उसके औद्योगिक ठिकानों पर अमेरिका और इजरायल की तरफ से पहले हमले किए गये और वह जवाब दे रहा है। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और इजराइल में ताजा हमले किए हैं। ईरान ने अबू धाबी में अमेरिकी स्टील उद्योग, बहरीन में अमेरिकी एल्युमीनियम उद्योग और इजरायल की हथियार बनाने वाली प्रमुख कंपनी रफायल की फैक्ट्री पर हमले किए हैं।
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