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बलूचिस्तान के खुजदार में सरकारी स्कूल बंद

बलूचिस्तान के खुजदार में एकमात्र सरकारी स्कूल एक साल से बंद, शिक्षक न होने पर धरने पर बैठे अभिभावक

बलूचिस्तान के खुजदार जिले में शिक्षकों की गैरहाजिरी के कारण एक साल से बंद पड़े सरकारी प्राइमरी स्कूल को लेकर अभिभावकों ने जोरदार प्रदर्शन किया है।

बलूचिस्तान के खुजदार में एकमात्र सरकारी स्कूल एक साल से बंद शिक्षक न होने पर धरने पर बैठे अभिभावक

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बलूचिस्तान (पाकिस्तान)। खुजदार जिले के जहरी इलाके के तारासानी के निवासियों ने इलाके के एकमात्र सरकारी प्राइमरी स्कूल के लगातार बंद रहने के विरोध में प्रदर्शन किया है। उन्होंने अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि वे शिक्षक उपलब्ध कराने और बुनियादी शैक्षिक सुविधाएं सुनिश्चित करने में नाकाम रहे हैं। 'द बलूचिस्तान पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी प्राइमरी स्कूल करीब एक साल से शिक्षण कर्मचारियों की लंबे समय से अनुपस्थिति के कारण लगभग बंद पड़ा है।

शिक्षकों की गैरहाजिरी से ठप पढ़ाई

हालांकि स्कूल की इमारत अभी भी मौजूद है और छात्राएं हर सुबह अपनी किताबों और स्कूल बैग के साथ स्कूल पहुंचती हैं लेकिन क्लास लेने के लिए कोई शिक्षक मौजूद नहीं होता है। अभिभावकों और निवासियों का कहना है कि इस स्थिति के कारण स्कूल में पढ़ाई-लिखाई का काम पूरी तरह से ठप है। इससे दर्जनों लड़कियां प्राथमिक शिक्षा से वंचित रह गई हैं।

गरीब परिवारों की बेटियों का दांव पर भविष्य

उन्होंने कहा कि कई परिवार अपनी बेटियों को घर से दूर स्थित स्कूलों में भेजने का खर्च नहीं उठा सकते इसलिए इलाके के बच्चों के लिए यह स्थानीय स्कूल बहुत महत्वपूर्ण है। लोगों ने आरोप लगाया कि स्कूल में तैनात शिक्षक लंबे समय से अनुपस्थित हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग के प्रति निराशा जताई और दावा किया कि शिक्षकों की अनुपस्थिति की रिपोर्ट के बावजूद, अधिकारी स्कूल को फिर से चालू करने के लिए कोई ठोस कदम उठाने में नाकाम रहे हैं।

अधिकारियों से तुरंत दखल देने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के सरकार के बार-बार किए जाने वाले दावों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों का उन समुदायों के लिए कोई खास मतलब नहीं है जहां बुनियादी स्कूली शिक्षा भी उपलब्ध नहीं है। अभिभावकों और समुदाय के सदस्यों ने खुजदार में स्थानीय शिक्षा अधिकारियों और पदाधिकारियों से तुरंत दखल देने की अपील की। ​​उन्होंने मांग की कि अधिकारी स्कूल में तैनात शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करें और बिना किसी देरी के नियमित क्लास फिर से शुरू करें।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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