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कृष्णमूर्ति ने नफरत के खिलाफ बैठक की

राजा कृष्णमूर्ति और दक्षिण एशियाई सांसदों ने बढ़ती नफरत के खिलाफ राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन का किया नेतृत्व

अमेरिकी कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति और दक्षिण एशियाई सांसदों के एक गठबंधन ने बुधवार को राज्य और स्थानीय दक्षिण एशियाई निर्वाचित अधिकारियों के साथ एक राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन का नेतृत्व किया।

 राजा कृष्णमूर्ति और दक्षिण एशियाई सांसदों ने बढ़ती नफरत के खिलाफ राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन का किया नेतृत्व

Krishnamoorthi Leads Anti-Hate Roundtable with South Asian MPs |

वाशिंगटन डीसी [अमेरिका]: अमेरिकी कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति और दक्षिण एशियाई सांसदों के एक गठबंधन ने बुधवार को राज्य और स्थानीय दक्षिण एशियाई निर्वाचित अधिकारियों के साथ एक राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन का नेतृत्व किया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य दक्षिण एशियाई अमेरिकी समुदायों को निशाना बनाकर बढ़ रही नफरत और भेदभाव पर चर्चा करना और नीति निर्माताओं द्वारा नफरत का मुकाबला करने तथा हिंसा को रोकने के लिए उठाए जा सकने वाले ठोस कदमों पर विचार करना था।

सम्मेलन में कई प्रमुख सांसद हुए शामिल

गोलमेज सम्मेलन का विवरण कांग्रेस सदस्य कृष्णमूर्ति ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक प्रेस विज्ञप्ति में साझा किया। विज्ञप्ति में बताया गया कि इस गोलमेज सम्मेलन में प्रतिनिधि प्रमिला जयपाल, अमी बेरा, सुहास सुब्रमण्यम और श्री थानेदार के साथ-साथ देश भर के राज्य और स्थानीय निर्वाचित अधिकारी, इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट और स्टॉप एएपीआई हेट के प्रतिनिधि शामिल हुए।

नफरत और हिंसा से निपटने की रणनीति पर चर्चा

प्रतिभागियों ने दक्षिण एशियाई समुदायों के अनुभवों, नफरत को बढ़ावा देने वाले कारकों और रोकथाम, रिपोर्टिंग तथा प्रतिक्रिया को मजबूत करने की रणनीतियों पर चर्चा की। कृष्णमूर्ति ने कहा, "आज के गोलमेज सम्मेलन में देश भर के दक्षिण एशियाई नेता एक साथ आए ताकि हमारे समुदायों में बढ़ रही नफरत, उत्पीड़न और हिंसा का सामना किया जा सके और इस बारे में हम क्या कर सकते हैं, इस पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।" उन्होंने कहा, “यह दक्षिण एशियाई अमेरिकियों की सुरक्षा के बारे में है, लेकिन यह इस बात को स्पष्ट करने के बारे में भी है कि किसी भी अमेरिकी को इस बात का एहसास नहीं कराया जाना चाहिए कि वह अपने जन्म स्थान, अपनी पूजा पद्धति या अपने नाम के कारण समाज से अलग-थलग है। इसीलिए मैं घृणा अपराधों के प्रति हमारी प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए काम कर रहा हूं, जिसमें घृणा अपराध आयोग अधिनियम भी शामिल है, ताकि हम इस घृणा के कारणों को बेहतर ढंग से समझ सकें और हिंसा को होने से पहले ही रोक सकें।”

घृणा अपराध आयोग अधिनियम फिर पेश किया गया

विज्ञप्ति में बताया गया कि इस वर्ष की शुरुआत में, कृष्णमूर्ति ने सीनेटर क्रिस्टन गिलिब्रैंड और प्रतिनिधियों ग्रेस मेंग और निडिया वेलास्केज़ के साथ घृणा अपराध आयोग अधिनियम को फिर से पेश किया। यह विधेयक एक द्विदलीय आयोग की स्थापना करेगा, जो घृणा अपराधों के कारणों की जांच करेगा। इसमें सोशल मीडिया और प्रौद्योगिकी की भूमिका भी शामिल होगी। आयोग पूर्ण रिपोर्टिंग में आने वाली बाधाओं का आकलन करने और सफल रोकथाम तथा प्रतिक्रिया रणनीतियों की पहचान करने का काम करेगा।

घृणा अपराधों के आंकड़ों के ऑडिट का प्रस्ताव

विधेयक में राष्ट्रीय स्तर पर घृणा अपराधों से संबंधित जानकारी की सटीकता और विश्वसनीयता में सुधार के लिए संघीय घृणा अपराध डेटा का सरकारी जवाबदेही कार्यालय द्वारा ऑडिट कराना भी अनिवार्य होगा। विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस गोलमेज सम्मेलन में नॉर्थ कैरोलिना, न्यू जर्सी, वर्जीनिया, कैलिफोर्निया, मिशिगन, टेक्सास और पेंसिल्वेनिया के राज्य और स्थानीय निर्वाचित अधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा, इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल और स्टॉप एएपीआई हेट की सह-संस्थापक मंजू कुलकर्णी ने भी सम्मेलन में हिस्सा लिया।

(एएनआई)

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