गायिका और अभिनेत्री मैरी मिलबेन ने कहा है कि न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान ममदानी मैडिसन स्क्वायर गार्डन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम को रद्द नहीं कर सकते।
न्यूयॉर्क [अमेरिका]: गायिका और अभिनेत्री मैरी मिलबेन ने कहा है कि न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान ममदानी मैडिसन स्क्वायर गार्डन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम को रद्द नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि अमेरिका में कानून निर्वाचित अधिकारियों को राजनीतिक मतभेदों के आधार पर निजी कार्यक्रमों को रद्द करने से रोकता है।
'ममदानी की टिप्पणियों का कोई महत्व नहीं'
एएनआई से बात करते हुए मिलबेन ने कहा, "उनकी [ममदानी की] टिप्पणियों का कोई महत्व नहीं है। यह कार्यक्रम होगा। मैडिसन स्क्वायर गार्डन एक पूर्ण विकसित निगम है। वे राजनीतिक बयानबाजी पर प्रतिक्रिया नहीं देते। वे पूंजीवाद का पालन करते हैं... ममदानी इस बारे में कुछ नहीं कर सकते।" उन्होंने आगे कहा, "अमेरिका में ऐसे कानून हैं जो किसी निर्वाचित अधिकारी को किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने से रोकते हैं, सिर्फ इसलिए कि उन्हें वह पसंद नहीं है।"
'राजनीतिक बयानबाजी के आधार पर नहीं हो सकता कार्यक्रम रद्द'
मिलबेन ने कार्यक्रम के प्रति ममदानी के कथित विरोध की आलोचना करते हुए कहा, "वे वास्तविक दुनिया और निश्चित रूप से अमेरिका की कार्यप्रणाली से बिल्कुल अनजान हैं... इस बारे में कुछ अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या वे इसे रद्द कर सकते हैं या नहीं। नहीं, वे ऐसा नहीं कर सकते।"
ममदानी पर मोदी विरोधी होने का लगाया आरोप
मिलबेन ने कहा, "जब इस कार्यक्रम के बारे में उनकी टिप्पणियां सामने आईं तो मुझे आश्चर्य नहीं हुआ, क्योंकि वे न केवल लोकतंत्र विरोधी और धार्मिक स्वतंत्रता विरोधी निर्वाचित अधिकारी रहे हैं, बल्कि मोदी विरोधी भी हैं। वे उन सभी बातों के खिलाफ हैं जिनके लिए प्रधानमंत्री मोदी एक नेता के रूप में खड़े हैं। वे निश्चित रूप से उन सभी बातों के खिलाफ हैं जिनके लिए भारतीय समुदाय खड़ा है।" उनकी यह टिप्पणी ममदानी द्वारा मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आरएसएस प्रमुख के प्रस्तावित कार्यक्रम का विरोध करने के बाद आई।
ममदानी ने कहा था- 'मैं रैली का समर्थन नहीं करता'
इससे पहले मंगलवार को मेयर ज़ोहरान ममदानी ने कहा था कि वह शहर में आरएसएस के आगामी कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें जानकारी नहीं है कि नगर प्रशासन के पास निजी तौर पर आयोजित सभा को रद्द करने का अधिकार क्षेत्र है या नहीं। ममदानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, "मैं रैली का समर्थन नहीं करता, लेकिन मुझे नहीं पता कि क्या शहर के पास किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार क्षेत्र है।"
29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होगा कार्यक्रम
ममदानी की ये टिप्पणियां आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के मंगलवार को न्यूयॉर्क पहुंचने के बाद आईं। यह उनके अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के तीन देशों के दौरे का पहला पड़ाव है। न्यूयॉर्क पहुंचने पर भागवत का पारंपरिक तिलक लगाकर स्वागत किया गया। वह 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित होने वाले "सार्वभौमिक एकता समारोह" में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम आरएसएस की शताब्दी वर्षगांठ से जुड़ा है और रक्षा बंधन के आसपास आयोजित किया जा रहा है।
USCIRF ने भी जताया था विरोध
कुछ दिन पहले अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने वाशिंगटन से आरएसएस नेतृत्व के साथ उच्च स्तरीय संपर्क से बचने का आग्रह किया था और संभावित प्रतिबंधों की मांग की थी। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस सिफारिश को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने USCIRF को एक "पक्षपाती" संस्था बताया था, जिसने "भारत के बारे में बार-बार गलत और भड़काऊ बयान दिए हैं।" उन्होंने कहा था कि ऐसे आकलन को नजरअंदाज किया जाना चाहिए।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी
शनिवार को होने वाले कार्यक्रम का आयोजन एहेड फोरम (अमेरिकन हिंदू फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग) कर रहा है। आयोजकों ने इसे शहर में भारतीय प्रवासियों के सबसे बड़े जमावड़ों में से एक बताया है। कार्यक्रम में मोहन भागवत के संबोधन के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और धार्मिक नेताओं के भाषण भी शामिल होंगे।
एएनआई
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