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नेपाल में 5 मार्च को होगा ऐतिहासिक चुनाव

नेपाल में 5 हिंसक प्रदर्शनों के बाद सत्ता के लिए जंग, मैदान में शाह, ओली और थापा

नेपाल में बीते साल हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद देश में आगामी 5 मार्च को चुनाव होने जा रहा है। यह चुनाव सितंबर 2025 में हुए युवाओं के हिंसक प्रदर्शनों के बाद पहला चुनाव है।

नेपाल में 5 हिंसक प्रदर्शनों के बाद सत्ता के लिए जंग मैदान में शाह ओली और थापा

Nepal Votes on March 5 After Turbulent Political Upheaval |

काठमांडू (नेपाल)। नेपाल में बीते साल हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद देश में आगामी 5 मार्च को चुनाव होने जा रहा है। यह चुनाव सितंबर 2025 में हुए युवाओं के हिंसक प्रदर्शनों के बाद पहला चुनाव है। तब देश के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार गिर गई थी। ओली सरकार के गिरने के बाद नेपाल की पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनाई गई। इसी सरकार की देखरेख में 5 मार्च को मतदान होने जा रहा है। इस चुनाव में मुख्य रूप से तीन चेहरे काफी चर्चा में हैं।

बालेंद्र शाह - रैप से राजनीति तक

काठमांडू के पूर्व मेयर और रैपर से नेता बने 35 वर्षीय बालेंद्र शाह, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रमुख हैं। बीते साल इन्होंने ओली सरकार विरोधी प्रदर्शनों का समर्थन किया था और युवाओं में राजनीतिक बदलाव का प्रतीक बने। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले शाह ने हिप-हॉप संगीत के माध्यम से भ्रष्टाचार और सामाजिक असमानता के खिलाफ आवाज उठाई।

केपी शर्मा ओली - हार के बाद वापसी की कोशिश

73 वर्षीय केपी शर्मा ओली नेपाल की राजनीति के अनुभवी नेता माने जाते हैं। बीते साल इनकी सरकार विरोध प्रदर्शन को संभाल नहीं पाई और इन्हें प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा। इसके बावजूद ये कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-UML के नेता के रूप में फिर से चुनाव मैदान में हैं।

गगन थापा - कांग्रेस का नया दांव

नेपाली कांग्रेस के 49 वर्षीय नेता गगन थापा भी प्रधानमंत्री की दौड़ में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। थापा छात्र जीवन से ही राजनीति में काफी सक्रिय रहे हैं। इन्होंने 2006 के उस ऐतिहासिक आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाई थी जिसने नेपाल से राजशाही का अंत किया था। वहीं, तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके पुष्प कमल दहल भी नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधि के रूप में चुनाव मैदान में हैं।

चुनाव प्रणाली और मतदाता

नेपाल में प्रतिनिधि सभा के लिए 2015 के संविधान के आधार पर कुल 165 निर्वाचन क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं। इन क्षेत्रों के लिए फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली का इस्तेमाल होगा, जबकि अतिरिक्त 110 सदस्यों का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से होगा। इस तरह प्रतिनिधि सभा में कुल 275 सदस्य होंगे।

करीब 1.9 करोड़ मतदाता करेंगे अपने मताधिकार का प्रयोग

इस चुनाव में करीब 1.9 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें करीब 96.63 लाख पुरुष, 92.40 लाख महिलाएं और लगभग 200 अन्य श्रेणियों के मतदाता शामिल हैं। इस चुनाव में राजनीतिक दलों और स्वतंत्र उम्मीदवारों सहित कुल 3,484 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं, पीआर श्रेणी के तहत केवल 63 पार्टियों ने उम्मीदवारों की अंतिम सूची जमा की है।

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