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प्रतिभाओं के बिना अमेरिका मजबूत नहीं बनेगा

‘प्रतिभाओं के लिए दरवाजे बंद कर अमेरिका मजबूत नहीं बनेगा’: न्यूजॉम

कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजॉम ने ट्रंप की आव्रजन नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि कंपनियों पर रोक से कानूनी आव्रजन और अमेरिकी अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

‘प्रतिभाओं के लिए दरवाजे बंद कर अमेरिका मजबूत नहीं बनेगा’ न्यूजॉम

Newsom Slams Trump Immigration Policies |

वॉशिंगटन: कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजॉम ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन नीतियों की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम से निलंबित करने का सरकार का फैसला कानूनी आव्रजन को सीमित कर रहा है और इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है।

कानूनी आव्रजन को लेकर ट्रंप प्रशासन पर निशाना

गुरुवार (स्थानीय समय) को सोशल मीडिया मंच एक्स पर गवर्नर न्यूजॉम के प्रेस कार्यालय ने उनके बयान को साझा किया। न्यूजॉम ने कहा, “प्रतिभाओं के लिए दरवाजे बंद करके आप अमेरिका को मजबूत नहीं बना सकते। आपको अमेरिकी श्रमिकों में निवेश करना होगा और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ व प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करना होगा।” पोस्ट में आगे कहा गया कि डोनाल्ड ट्रंप कानूनी आव्रजन पर कार्रवाई करके अमेरिकी अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं। न्यूजॉम के अनुसार, यह कदम प्रशासन की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए उठाया जा रहा है।

प्रमिला जयपाल ने भी फैसले पर जताई चिंता

न्यूजॉम की ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं, जब अमेरिकी प्रशासन ने कई बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम (PERM) से निलंबित किया है। यह कार्यक्रम योग्य विदेशी कामगारों को रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड हासिल करने का रास्ता प्रदान करता है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने प्रशासन के रुख का बचाव किया है। गुरुवार को डेमोक्रेटिक सांसद प्रमिला जयपाल के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “समाजवाद का मतलब शायद यह सुनिश्चित करने के लिए जी-जान से लड़ना है कि बड़ी-बड़ी कंपनियों को सस्ते श्रम की कभी न खत्म होने वाली आपूर्ति मिलती रहे।” प्रतिनिधि सभा की आव्रजन उपसमिति की सदस्य और पूर्व एच-1बी वीजा धारक जयपाल ने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई कानूनी आव्रजन और अमेरिका की नवाचार क्षमता को कमजोर करती है। एक्स पर अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि वह आव्रजन उपसमिति में शीर्ष डेमोक्रेट हैं और कांग्रेस की एकमात्र ऐसी सदस्य हैं, जिनके पास वास्तव में एच-1बी वीजा था। उन्होंने यह भी कहा कि वह माइक्रोसॉफ्ट के हजारों कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करती हैं। जयपाल के मुताबिक, प्रशासन लगातार उन कानूनी रास्तों को सीमित करने की कोशिश कर रहा है, जिनके माध्यम से अप्रवासी अमेरिका में अपनी प्रतिभा का योगदान दे सकते हैं। उन्होंने PERM कार्यक्रम को रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड की दिशा में महत्वपूर्ण पहला कदम बताया।

अप्रवासियों पर निर्भर हैं कई क्षेत्र

जयपाल ने कहा कि PERM कार्यक्रम ऐसी प्रक्रिया निर्धारित करता है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी कामगारों की भर्ती अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी हो और अमेरिकी नौकरियों को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने कहा कि तकनीकी क्षेत्र समेत कई क्षेत्रों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था, समुदाय और परिवार अप्रवासियों पर निर्भर हैं। उनके अनुसार, कानूनी आव्रजन के रास्तों पर सख्ती करने से स्थिर और विविध श्रमिक आधार बनाने के प्रयास प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही, इससे बेईमान नियोक्ताओं से अमेरिकी श्रमिकों की सुरक्षा के प्रयासों को भी नुकसान पहुंच सकता है। जयपाल ने कहा कि कानूनी आव्रजन पर कार्रवाई करके मौजूदा आव्रजन व्यवस्था की समस्याओं को दूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट लंबे समय से व्यापक आव्रजन सुधारों की वकालत करता रहा है, ताकि पुरानी व्यवस्था का आधुनिकीकरण हो और दुनिया भर के लोगों को अमेरिका में काम करने तथा अपने परिवारों के साथ रहने के अधिक कानूनी अवसर मिल सकें। उनके अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट या PERM कार्यक्रम को निशाना बनाने से कानूनी आव्रजन और अमेरिका की नवाचार क्षमता कमजोर होती है।

एच-1बी वीजा धारकों को लेकर वैंस का बयान

इससे पहले, वीजा धोखाधड़ी पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में वैंस ने एच-1बी वीजा पर अमेरिका आने वाले श्रमिकों को “बंधुआ मजदूर” बताया था। उन्होंने दावा किया था कि एच-1बी वीजा पर काम करने वाले कर्मचारी समान पदों पर कार्यरत अमेरिकी नागरिकों की तुलना में 20,000 डॉलर कम कमा रहे हैं। वहीं, विदेशी आउटसोर्सिंग कंपनियों के जरिए नियुक्त कर्मचारियों के वेतन में अंतर 48,000 डॉलर तक बताया। वैंस ने आरोप लगाया कि कुछ कंपनियां विदेशी कामगारों को नियुक्त करके अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से निकालती हैं और उनके स्थान पर कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को रखकर मुनाफा कमाती हैं।

कई बड़ी आईटी कंपनियों को कार्यक्रम से किया गया निलंबित

अमेरिकी श्रम सचिव कीथ सोंडरलिंग ने घोषणा की कि सरकार कुछ बड़ी आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियों को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम से निलंबित कर रही है। इनमें कॉग्निजेंट, इंफोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी शामिल हैं। श्रम विभाग ने निलंबन के पीछे कई सक्रिय संघीय जांचों का हवाला दिया। इसके अलावा, अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों माइक्रोसॉफ्ट और एडोब को भी कार्यक्रम से निलंबित किया गया। सोंडरलिंग ने कहा कि इन कंपनियों ने सामूहिक रूप से लाखों विदेशी कामगारों की भर्ती की है और बड़ी संख्या में एच-1बी वीजा स्वीकृतियां तथा स्थायी श्रम प्रमाणपत्र हासिल किए हैं। उन्होंने दावा किया, “2009 से केवल इन कंपनियों ने ही लगभग 30 लाख विदेशी श्रमिकों की भर्ती की है। उन्हें 2,30,000 से अधिक एच-1बी वीजा स्वीकृतियां और 1,00,000 से अधिक स्थायी श्रम प्रमाणपत्र प्राप्त हुए हैं। इसका मतलब है कि अमेरिकी श्रमिकों से सैकड़ों-हजारों नौकरियां छीन ली गईं।”

विदेशी छात्रों के लिए नए शुल्क का भी प्रस्ताव

यह घोषणा अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण (OPT) में भाग लेने के इच्छुक एफ-1 गैर-आप्रवासी छात्रों के लिए नए शुल्क प्रस्तावित किए जाने के एक दिन बाद हुई। विभाग ने कहा कि प्रस्तावित उपायों का उद्देश्य अमेरिकी श्रमिकों की सुरक्षा करना और आव्रजन प्रणाली की अखंडता को मजबूत करना है।

(एएनआई)

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