न्यूयॉर्क। आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नूं की हत्या की साजिश रचने के आरोप में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को अमेरिका में 24 साल..
न्यूयॉर्क। आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नूं की हत्या की साजिश रचने के आरोप में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को अमेरिका में 24 साल जेल की सजा सुनाई गई है। निखिल गुप्ता को शुक्रवार को दोषी ठहराया गया था। मामले में एफबीआई ने बताया कि इस मामले से साफ हो जा रहा है कि वे विदेशी नागरिकों द्वारा अमेरिका में नागरिकों को धमकाने या नुकसान पहुंचाने के प्रयासों के खिलाफ लगातार सतर्क हैं।
एफबीआई का कहना है कि निखिल गुप्ता ने हत्या के लिए पैसे देने, हत्या की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने की पूरी जिम्मेदारी कुबूल की है। उनका दोष संयुक्त राज्य की अदालत में स्वीकार किया गया, वहीं एफबीआई के असिस्टेंट डायरेक्टर रोमन रोजहावस्की ने कहा कि अमेरिकी नागरिक को सिर्फ स्वतंत्रता से अपनी राय रखने के कारण निशाना बनाया गया था, लेकिन कानून ने समय रहते इसे रोका।
अमेरिकी अधिकारियों ने साजिश नाकाम की
इस मामले में अमेरिका के न्याय विभाग ने बताया कि निखिल गुप्ता को एक भारतीय सरकारी कर्मचारी (जिसका नाम मामले में नहीं बताया गया) ने भर्ती किया था, ताकि पन्नून की हत्या के लिए हिटमैन की व्यवस्था की जा सके। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने साजिश को फेल कर दिया। इसके अलावा, भारत की विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि अब निखिल गुप्ता भारत सरकार का कर्मचारी नहीं है।
कौन है पन्नू?
गुरुपतवंत सिंह पन्नूं भारत द्वारा आतंकवादी घोषित हैं और इसके पास अमेरिकी और कनाडाई नागरिकता भी है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ऐसे किसी भी मामले में जो अमेरिका में नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करे, कानून उन्हें बख्शेगा नहीं।
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