केरल में जन्मी नित्या रमन ने लॉस एंजिल्स के मेयर का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। वह शहर की पहली भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई मेयर चुनी गई हैं।
लॉस एंजिल्स। केरल में जन्मी नित्या रमन ने लॉस एंजिल्स के मेयर का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। वह शहर की पहली भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई मेयर चुनी गई हैं। मौजूदा मेयर कैरेन बास ने अपनी हार स्वीकार कर ली है और सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है। लॉस एंजिल्स काउंटी के ताजा चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, नित्या रमन को 4,60,772 वोट मिले, जो कुल मतों का 52.70 प्रतिशत है। वहीं, कैरेन बास को 4,13,519 वोट मिले, जो 47.30 प्रतिशत हैं। इस तरह रमन ने 47,253 वोटों की बढ़त हासिल की। हालांकि, ये आंकड़े अभी अस्थायी हैं और चुनाव अधिकारी मंगलवार को पड़े मतों की गिनती और प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।
आपकी अगली मेयर बनकर बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं'
नित्या रमन ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, "लॉस एंजिल्स, मैं आपकी अगली मेयर बनकर बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं।" उनकी जीत के बाद मौजूदा मेयर कैरेन बास ने भी उन्हें फोन कर बधाई दी। बास ने X पर लिखा कि उन्होंने काउंसिल मेंबर रमन को जीत की बधाई दी है और सत्ता के सुचारू हस्तांतरण के लिए प्रतिबद्ध हैं। वहीं, रमन ने भी बास से बातचीत कर उनके नेतृत्व और लंबे समय से की जा रही सार्वजनिक सेवा के लिए आभार जताया।
आवास और बेघर लोगों की समस्या पर रहा फोकस
नित्या रमन के चुनावी अभियान में किफायती आवास, बेघर लोगों की समस्या और शहर की नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया था। LAist की रिपोर्ट के मुताबिक, उनके चुनावी वादों में पुलिस व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार, सड़कों पर बेहतर रोशनी और गड्ढों की मरम्मत जैसे मुद्दे भी शामिल थे।
छह साल की उम्र में अमेरिका चली गई थीं नित्या
भारत में जन्मी नित्या रमन छह साल की उम्र में अपने परिवार के साथ अमेरिका चली गई थीं। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी की और इसके बाद मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से शहरी नियोजन में मास्टर डिग्री हासिल की। राजनीति में आने से पहले उन्होंने बेघर लोगों के लिए काम किया। इस दौरान उन्होंने SELAH नेबरहुड होमलेस कोएलिशन की सह-स्थापना भी की। नित्या रमन ने 2020 में लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल का चुनाव जीतकर पहली एशियाई-अमेरिकी महिला और पहली दक्षिण एशियाई सदस्य बनने का गौरव हासिल किया था। इसके बाद 2024 के चुनाव में भी उन्होंने अपना जनादेश बरकरार रखा। अब मेयर का चुनाव जीतकर उन्होंने अमेरिकी राजनीति में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
ANI
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