प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पर्यावरण संरक्षण और जलवायु नेतृत्व के लिए सेशेल्स का नया राष्ट्रपति सम्मान 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' मिला है। वह यह पुरस्कार पाने वाले दुनिया के पहले नेता हैं।
सेशेल्स के राष्ट्रपति से 'गार्जियन ऑफ़ द ब्लू होराइज़न' सम्मान प्राप्त करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी | ANI
विक्टोरिया (सेशेल्स): भारत के बढ़ते वैश्विक कद और पर्यावरण के क्षेत्र में सक्रिय नेतृत्व को रेखांकित करते हुए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी सेशेल्स यात्रा के दौरान वहां के नवनिर्मित राष्ट्रपति सम्मान 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता और 'छोटे द्वीप विकासशील देशों' की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए दिया गया है। पीएम मोदी इस पुरस्कार को पाने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए हैं। सेशेल्स सरकार ने अपने राष्ट्रीय पुरस्कार प्रणाली में बदलाव करने के कुछ सप्ताह बाद ही इस सम्मान को शुरू किया था।
सेशेल्स की संसद ने इसी माह देश की पुरानी राष्ट्रीय पुरस्कार प्रणाली रद्द की थी
इससे पहले इसी महीने, सेशेल्स की संसद ने देश की पुरानी राष्ट्रीय पुरस्कार प्रणाली (जिसमें 'मेडल ऑफ द रिपब्लिक ऑफ सेशेल्स' शामिल था) को रद्द कर दिया था और इस नए 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' सम्मान को मंजूरी दी थी। इस बदलाव से पहले, 'मेडल ऑफ द रिपब्लिक ऑफ सेशेल्स' को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान माना जाता था। पुरानी व्यवस्था के अनुसार, सेशेल्स के हर राष्ट्रपति को यह पदक स्वतः ही मिल जाता था। इसके अलावा, पुराने पुरस्कार देने के तरीके में पारदर्शिता को लेकर भी काफी आलोचनाएं होती थीं। इस पूरी व्यवस्था को बदलकर एक नया सम्मान बनाना यह दिखाता है कि यह द्वीप देश पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को कितना महत्व देता है।
पीएम मोदी ने सेशेल्स की जनता और सरकार को धन्यवाद दिया
पीएम मोदी ने सेशेल्स की जनता और वहां की सरकार को धन्यवाद दिया और इसे जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से जूझ रहे देशों को समर्पित किया। सम्मान प्राप्त करने के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ''मुझे 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' से सम्मानित करने के लिए सेशेल्स के लोगों, वहां की सरकार और राष्ट्रपति हर्मिनी का हृदय से आभार।'' वैश्विक पर्यावरण जिम्मेदारी पर एक मजबूत संदेश देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ''मैं इस सम्मान को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करता हूं और इसे उन सभी देशों को समर्पित करता हूं, जो जलवायु परिवर्तन की चुनौती से लड़ रहे हैं और पर्यावरण सुरक्षा को आने वाली पीढ़ियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। यह एक ऐसी गंभीर चुनौती है जिससे हमें मिलकर पार पाना होगा।''
पारिस्थितिक संरक्षण के लिए भारत के अटूट संकल्प को दोहराया
पारिस्थितिक संरक्षण का नेतृत्व करने के भारत के अटूट संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि भारत हमारी पृथ्वी को अधिक हरा-भरा और टिकाऊ बनाने के लिए जो भी आवश्यक होगा, वह करने के लिए तैयार है। पीएम मोदी ने कहा, ''यह हमारी विभिन्न घरेलू नीतियों, 'मिशन लाइफ' पर हमारे जोर और 'अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन' व 'आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन' जैसे वैश्विक प्रयासों में साफ झलकता है।''