भारतीय स्टेट बैंक ने अमेरिका में अपनी बैंकिंग सब्सिडियरी का विस्तार करते हुए टेक्सास के डलास स्थित फ्रिस्को में SBIC बैंक की नई शाखा शुरू की है।
नई दिल्ली। बैंकिंग दिग्गज भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने वैश्विक मंच पर अपनी पैठ को और मजबूत कर लिया है। बैंक की अमेरिकी सहायक इकाई 'SBIC बैंक' ने टेक्सास के नॉर्थ डलास स्थित फ्रिस्को में अपनी नई शाखा का उद्घाटन किया। कैलिफोर्निया राज्य से बाहर बैंक का यह पहला कदम है, जिसके साथ ही अमेरिका में एसबीआई की सब्सिडियरी शाखाओं की कुल संख्या बढ़कर आठ हो गई है।
इस नई शाखा का शुभारंभ एसबीआई के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु शेट्टी ने किया। टेक्सास में बैंकिंग परिचालन शुरू होना उत्तर अमेरिकी बाजार में बैंक की बड़ी रणनीतिक मौजूदगी को दर्शाता है।
तीन प्रत्यक्ष शाखाएं और वाशिंगटन में प्रतिनिधि कार्यालय
अमेरिका में आठ सब्सिडियरी शाखाओं के नेटवर्क के अलावा, भारतीय स्टेट बैंक तीन प्रमुख शहरों- न्यूयॉर्क, शिकागो और लॉस एंजिल्स में सीधी शाखाओं का संचालन भी करता है। इसके साथ ही अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में बैंक का एक प्रतिनिधि कार्यालय (रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस) भी कार्यरत है।
डलास को शाखा विस्तार के लिए चुनने की मुख्य वजह इसका एक प्रमुख वैश्विक और राष्ट्रीय व्यावसायिक केंद्र होना है। नई शाखा के जरिए रिटेल डिपॉजिट, कमर्शियल लेंडिंग, दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय रेमिटेंस यानी धन प्रेषण और अनिवासी भारतीयों (NRI) के लिए विशेष वित्तीय सेवाएं मुहैया कराई जाएंगी।
उत्तरी अमेरिका में रणनीतिक बदलाव और भारत-अमेरिका संबंध
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए एसबीआई चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु शेट्टी ने कहा, "SBIC बैंक की टेक्सास शाखा की शुरुआत एसबीआई की अंतरराष्ट्रीय विकास यात्रा में एक अहम पड़ाव है। कैलिफोर्निया से आगे बढ़कर किया गया यह विस्तार रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाजारों में हमारी पकड़ मजबूत करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।"
उन्होंने आगे कहा, "यह भौगोलिक विविधता दोनों देशों के व्यापक आर्थिक उद्देश्यों से सीधी जुड़ी है। इसके माध्यम से हम स्थानीय समुदायों, भारतीय प्रवासियों और स्थानीय कारोबारियों की बैंकिंग जरूरतों को पूरा करेंगे। साथ ही, यह कदम भारत और अमेरिका के बीच वित्तीय और व्यापारिक संबंधों को अधिक प्रगाढ़ बनाने में हमारी भूमिका को मजबूत करता है।"
29 देशों में 245 केंद्रों तक फैला एसबीआई का वैश्विक तंत्र
भारतीय स्टेट बैंक का वैश्विक कारोबार दुनिया के कोने-कोने में फैला हुआ है। वर्तमान में 29 देशों में बैंक के 245 ओवरसीज पॉइंट्स मौजूद हैं, जिनमें विदेशी शाखाएं, उप-कार्यालय, प्रतिनिधि इकाइयां, सब्सिडियरी और जॉइंट वेंचर्स शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार और क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स को सुगम बनाने के लिए एसबीआई ने 56 देशों के 222 वित्तीय संस्थानों के साथ 'कॉरेस्पोंडेंट बैंकिंग' समझौते भी किए हैं। इसके जरिए सीमा-पार व्यापार निपटान और पेमेंट ट्रांसफर का काम निर्बाध रूप से पूरा होता है।
डिजिटल बैंकिंग और विदेशी कारोबार में जबरदस्त उछाल
एसबीआई का डिजिटल प्लेटफॉर्म 'YONO ग्लोबल' ऐप भी विदेशों में अपनी मजबूत पकड़ बना चुका है। वर्तमान में यह ऐप 14 विदेशी कार्यालयों और सब्सिडियरी में अपनी सेवाएं दे रहा है।
बैंक के विदेशी कारोबार के आंकड़ों में भी भारी बढ़त देखने को मिली है। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, एसबीआई का विदेशी अग्रिम (फॉरेन एडवांसेज) सालाना आधार पर 22.86 प्रतिशत बढ़कर 8,31,332 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, विदेशी शाखाओं में जमा राशि (डिपॉजिट मोबिलाइजेशन) भी 22.61 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज करते हुए 2,83,319 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।
(इनपुट: ANI)
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