Nepal : नेपाल में जेन जी नेताओं में देश को हिंदू राष्ट्र के मामले पर दो भागों में बंट गया है। एक गुट जहां देश को फिर से हिंदू राष्ट्र बनाना चाहता है, वहीं दूसरा गुट लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अंदर ही..
Nepal : नेपाल में जेन जी नेताओं में देश को हिंदू राष्ट्र के मामले पर दो भागों में बंट गया है। एक गुट जहां देश को फिर से हिंदू राष्ट्र बनाना चाहता है, वहीं दूसरा गुट लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अंदर ही सुधार चाहता है। दोनों खेमों में यह मतभेद गहरा होता जा रहा है। नेपाली सूत्रों के मुताबिक हिंदू राष्ट्र के पक्ष में बोलने वाले लगातार यह दबाव बनाए हुए हैं कि देश को हिंदू राष्ट्र होना चाहिए, तभी नेपाल अपनी सांस्कृतिक रक्षा कर सकता है।
उनकी नाराजगी इस बात को लेकर है कि काठमांडू के मेयर बालेन शाह पश्चिमी ताकतों के इशारे पर बोल रहे हैं। उनका विरोध नए गृहमंत्री के पद पर ओम प्रकाश आर्याल की नियुक्ति को भी लेकर है। वे लगातार प्रधानमंत्री सुशीला कार्की से उन्हें हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पद संभालते ही 48 करोड़ के घोटाले का आरोप भी उन पर लग रहा है। उनका आरोप यह भी है कि बरबरी फाउंडेशन पूरे मामले में अप्रत्यक्ष रूप से नेपाल की राजनीति को संचालित करने की कोशिश कर रहा है। इस संगठन को अमेरिका से फंडिंग होती है, वहीं दूसरे खेमे के सूदन गुरुंग भी गृहमंत्री को हटाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को धमकी दे चुके हैं।
भारत के साथ नेपाल का रोटी बेटी का रिश्ता
धमकी में उन्होंने कहा कि यदि वे प्रधानमंत्री बना सकते हैं तो प्रधानमंत्री पद से हटा भी सकते हैं। हिंदू समर्थक नेताओं का कहना है कि चीन के मद्देनजर अमेरिका नेपाल में अपना अड्डा बनाना चाहता है और जब तक वहां हिंदू ताकतें रहेंगी. वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सकता, इसलिए विरोधी पक्ष के साथ मिलकर वह हिंदू सनातन परंपरा को समाप्त करना चाहता है। जेन जी के आंदोलन को सनातन विरोधी शाह और उनके लोगों ने साजिश कर हाइजैक कर लिया।
हिंदू स्वयं सेवक (एचएसएस) नाम के संगठन के कार्यकर्ता भी भारत की तर्ज पर नेपाल में एकल विद्यालय चला रहे हैं। इनके समर्थक भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग भी करते रहे हैं। उनका कहना है कि भारत के साथ नेपाल का रोटी बेटी का रिश्ता हजारों साल से चल रहा है। दोनों देशों की सांस्कृतिक जड़ें काफी गहरी हैं। हालांकि वे सीधे तौर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस)से अपना किसी भी तरह का कोई संबंध होने की बात पर मौन साध लेते हैं। तमाम कम्युनिस्ट नेता और उनके समर्थक यह आरोप लगाते रहे हैं कि आरएसएस नेपाल में हिंदूशाही के लिए लगातार काम कर रहा है। कुल मिलाकर देखा जाए तो दोनों पों में तनाव बना हुआ है।
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