प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

अमेरिका-ईरान तनाव: खुफिया रिपोर्ट का बड़ा खुलासा

अमेरिकी खुफिया एजेंसी की चेतावनी: पश्चिम एशिया में अमेरिकी राजनयिकों पर खतरे का साया

अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ईरान मध्य पूर्व में अमेरिकी राजनयिकों पर हमलों की साजिश रच रहा है। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को सैन्य कार्रवाई की सीधी चेतावनी दी है।

अमेरिकी खुफिया एजेंसी की चेतावनी पश्चिम एशिया में अमेरिकी राजनयिकों पर खतरे का साया

वाशिंगटन (अमेरिका)। मध्य पूर्व में अमेरिकी अधिकारियों और राजनयिकों पर मंडराते खतरे को लेकर अमेरिकी खुफिया विभाग ने एक सनसनीखेज रिपोर्ट जारी की है। खुफिया जानकारी के मुताबिक, ईरान ने क्षेत्र में तैनात अमेरिकी राजनयिकों को निशाना बनाने की अपनी कोशिशें बेहद तेज कर दी हैं और ये साजिशें अब खतरनाक चरण में पहुंच चुकी हैं।

अमेरिकी मीडिया आउटलेट 'एक्सिओस' की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह गोपनीय खुफिया मेमो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को सौंपा गया है। मेमो में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर हमले की तैयारियां advanced स्तर पर हैं।

इसके अलावा, अमेरिकी रक्षा और सुरक्षा अधिकारियों को यह भी आशंका है कि यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोही अपने हमलों का दायरा बढ़ा सकते हैं। अब तक मुख्य रूप से सऊदी अरब को निशाना बनाने वाले हूती विद्रोही क्षेत्र के अन्य पड़ोसी देशों में भी हमला कर सकते हैं।

सऊदी अरब से गैर-जरूरी स्टाफ की वापसी

बढ़ते सुरक्षा खतरों के बीच, अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब स्थित अपने दूतावास से गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश जारी किया है।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिकॉट ने कहा, "यह खबर गलत है कि अमेरिका पूरे खाड़ी क्षेत्र के दूतावास खाली करा रहा है। हमने केवल सऊदी अरब में तैनात गैर-जरूरी अमेरिकी कर्मचारियों और उनके परिजनों को ही वापस लौटने के निर्देश दिए हैं।"

पिगॉट ने स्पष्ट किया कि यह कदम सऊदी अरब के भीतर नागरिक हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों को देखते हुए उठाया गया है। इन हमलों से आम नागरिकों की जान जा रही है और हवाई यात्रा में भी भारी बाधा आ रही है।

ट्रंप की सीधी सैन्य चेतावनी: 'एपिक फ्यूरी' दोहराने का संकेत

एक तरफ जहां खुफिया रिपोर्टों से हड़कंप मचा है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। फ्लोरिडा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने ईरान को सीधी सैन्य चेतावनी दी।

ट्रंप ने साफ कहा कि यदि ईरान कूटनीतिक समझौते के लिए तैयार नहीं होता है, तो अमेरिका फिर से सैन्य हमला करने से पीछे नहीं हटेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "या तो वे (ईरान) कूटनीतिक समझौते पर सहमत होंगे, या फिर हम एक और छोटा 'एपिक फ्यूरी' (Epic Fury) सैन्य अभियान चला सकते हैं। अगर वे समझदार हैं, तो कहेंगे कि 'चलिए, काम की बात करते हैं।' लेकिन मुझे संदेह है कि वे ऐसा करेंगे, क्योंकि शायद वे उतने समझदार नहीं हैं।"

मिडटर्म चुनाव और बढ़ता तनाव

नवंबर के पहले सप्ताह में अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों (Midterms) को देखते हुए भू-राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में सैन्य टकराव और बढ़ सकता है। वाशिंगटन और तेहरान, दोनों ही पक्ष अपने-अपने रुख पर कड़े बने हुए हैं, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता और गहराने की आशंका है।
​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

यह भी पढ़ें: ईरान पर इसी हफ्ते हमले की आशंका: राजदूत के बयान के बाद ट्रंप ने दी नई सैन्य कार्रवाई की चेतावनी

Related to this topic: