अमेरिका और ईरान शांति समझौते के करीब पहुंच गए। दोनों पक्ष के वार्ताकार समझौते के बृहत्तर सिद्धांतों पर सहमत हो गए हैं। सीबीएस न्यूज ने ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से यह खबर दी है।
वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान शांति समझौते के करीब पहुंच गए। दोनों पक्ष के वार्ताकार समझौते के बृहत्तर सिद्धांतों पर सहमत हो गए हैं। सीबीएस न्यूज ने ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से यह खबर दी है।
समझौते में यूरेनियम का निपटान भी शामिल होगा
इस रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ईरानियों ने सैद्धांतिक रूप से एक ऐसे समझौते पर सहमति जताई है, जिसमें अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम का निपटान शामिल होगा और सिद्धांतों पर एक व्यापक प्रतिबद्धता है।
यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा रविवार को यह कहने के बाद सामने आया है कि तेहरान के साथ भविष्य में होने वाली कोई भी बातचीत पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान हुई बातचीत से बिल्कुल अलग होगी।
ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने का रास्ता खुला छोड़ते हुए पर्याप्त वित्तीय राहत प्रदान करने के लिए ओबामा प्रशासन की आलोचना करते हुए, ट्रम्प ने अपने समझौते को 'बिल्कुल विपरीत' बताया और इस बात पर जोर दिया कि इस पर अभी पूरी तरह से बातचीत नहीं हुई है।
ओबामा के समझौते जैसा नहीं होगा
'अगर मैं ईरान के साथ कोई समझौता करता हूँ, तो वह अच्छा और उचित होगा, ओबामा के समझौते जैसा नहीं, जिसने ईरान को भारी मात्रा में नकद राशि दी और परमाणु हथियार बनाने का खुला रास्ता खोल दिया। हमारा समझौता बिल्कुल विपरीत है, लेकिन इसे किसी ने देखा नहीं है और न ही कोई जानता है कि यह क्या है। इस पर अभी पूरी बातचीत भी नहीं हुई है। इसलिए उन हारे हुए लोगों की बात मत सुनो, जो किसी ऐसी चीज़ की आलोचना कर रहे हैं जिसके बारे में उन्हें कुछ पता ही नहीं है। मुझसे पहले के उन लोगों के विपरीत, जिन्हें इस समस्या का समाधान कई साल पहले कर देना चाहिए था, मैं बुरे समझौते नहीं करता।
बोले, जल्दबाजी में नहीं होगा समझौता
रविवार को ट्रंप ने यह भी कहा कि वाशिंगटन पश्चिम एशिया में संकट का पूर्ण समाधान प्राप्त करने के लिए ईरान के साथ "जल्दबाजी में कोई समझौता नहीं करेगा' और जोर देकर कहा कि इस्लामिक गणराज्य के बंदरगाहों पर अमेरिकी 'नाकाबंदी' तब तक पूरी तरह से लागू' रहेगी जब तक कि दोनों पक्षों के बीच एक औपचारिक समझौता नहीं हो जाता, प्रमाणित नहीं हो जाता और उस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते।
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