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27 कंपनियां और 22 जहाज प्रतिबंधित

अमेरिका ने ईरान पर कसा शिकंजा, 27 कंपनियों और 22 जहाजों पर प्रतिबंध

अमेरिका ने ईरान से जुड़े प्रतिबंधों का नया दौर घोषित करते हुए 27 कंपनियों, छह व्यक्तियों और 22 जहाजों को निशाना बनाया है।

अमेरिका ने ईरान पर कसा शिकंजा 27 कंपनियों और 22 जहाजों पर प्रतिबंध

US Tightens Grip on Iran, Sanctions 27 Companies and 22 Ships |

वॉशिंगटन (अमेरिका): अमेरिका ने ईरान से जुड़े प्रतिबंधों का नया दौर घोषित करते हुए 27 कंपनियों, छह व्यक्तियों और 22 जहाजों को निशाना बनाया है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने यह कदम ईरान के तेल व्यापार और प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले नेटवर्क पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया है। अमेरिकी वित्त विभाग के मुताबिक, इस कार्रवाई का मकसद ईरानी शासन की तेल से होने वाली आय को रोकना और उन लोगों तथा कंपनियों को निशाना बनाना है, जो ईरान के तेल कारोबार को जारी रखने में मदद करते हैं।

ईरान की तेल बिक्री रोकने पर अमेरिका का जोर

अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वित्त विभाग ईरानी शासन को उस धन से वंचित करने की कोशिश कर रहा है, जिसका इस्तेमाल वह क्षेत्र में युद्ध संबंधी गतिविधियों के लिए करता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की तेल बिक्री को सक्षम बनाने वाले नेटवर्क का खुलासा करना जारी रखेगा। बेसेंट ने चेतावनी दी कि ईरान को प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले लोगों और कंपनियों को अमेरिकी कार्रवाई से छूट नहीं मिलेगी।

गुप्त समुद्री बेड़े को बनाया निशाना

अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत की गई यह कार्रवाई ईरान के शेष गुप्त समुद्री बेड़े को निशाना बनाती है। इस नेटवर्क में उन टैंकरों और अन्य जहाजों को शामिल बताया गया है, जिनका इस्तेमाल ईरानी पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों को विदेशी बाजारों तक पहुंचाने के लिए किया जाता है। प्रतिबंधों के दायरे में तुर्किये, चीन, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और मार्शल द्वीप समूह समेत कई देशों के शिपिंग ऑपरेटर, समुद्री प्रबंधन कंपनियां और व्यापारिक फर्म शामिल हैं। अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) के अनुसार, प्रतिबंधित जहाजों में कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पाद, द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस, रसायन और बिटुमेन का परिवहन करने वाले टैंकर शामिल हैं।

अरबों डॉलर के तेल कारोबार पर असर डालने की कोशिश

अमेरिकी वित्त विभाग का दावा है कि इस कार्रवाई से ईरान के अवैध समुद्री बेड़े का बड़ा हिस्सा प्रभावी रूप से निष्क्रिय हो गया है। विभाग के अनुसार, ईरान अरबों डॉलर के पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन के लिए इस नेटवर्क पर निर्भर रहा है। विभाग ने बताया कि प्रतिबंधित जहाजों ने लाखों बैरल ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पादों को दक्षिण और पूर्वी एशिया के बाजारों तक पहुंचाया है। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि अलग-अलग देशों के झंडों के तहत पंजीकृत जहाजों और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के इस्तेमाल से इस नेटवर्क का वास्तविक आकार छिपाने और प्रतिबंधों से बचने की कोशिश की जाती है।

विदेश विभाग ने भी की अलग कार्रवाई

अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरानी मूल के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के कारोबार में शामिल 10 संस्थाओं, छह व्यक्तियों और पांच जहाजों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने कहा कि अमेरिका ईरान की आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बढ़ाने के लिए राजनयिक और आर्थिक साधनों का इस्तेमाल कर रहा है। पिगोट के अनुसार, वित्त विभाग ने इसी अभियान के तहत ईरान के कथित गुप्त समुद्री बेड़े से जुड़ी 17 संस्थाओं और जहाजों पर अलग से प्रतिबंध लगाए हैं।

अगस्त में शुरू हुआ था ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट

‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ की घोषणा स्कॉट बेसेंट ने 24 अगस्त 2026 को की थी। इस अभियान का उद्देश्य ईरान के वित्तीय नेटवर्क, तेल बिक्री और प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले माध्यमों को निशाना बनाना है। अमेरिकी वित्त विभाग के मुताबिक, अभियान के तहत अवैध राजस्व के स्रोतों और धन के लेन-देन को आसान बनाने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि ईरान के साथ प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए कारोबार करने वाली संस्थाओं को अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से बाहर किया जा सकता है।

कई तेल टैंकरों के नाम प्रतिबंध सूची में शामिल

अमेरिकी वित्त विभाग ने प्रतिबंधों के दायरे में आने वाले कई जहाजों का विवरण भी साझा किया है।

  • - PARITOSH: कोमोरोस के झंडे वाला यह टैंकर 2026 में 1,00,000 बैरल से अधिक ईरानी बिटुमेन या डामर ले गया।
  • - BITU: पनामा के झंडे वाले इस जहाज ने इस वर्ष 1,70,000 बैरल से अधिक ईरानी बिटुमेन या डामर का परिवहन किया।
  • - STARWAY: पनामा के झंडे वाले इस जहाज ने 2025 से अब तक 30 लाख बैरल से अधिक ईरानी नेफ्था पहुंचाया।
  • - GAS LUCKY: बहामास के झंडे वाले इस द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस टैंकर ने 2025 से अब तक 5,00,000 बैरल से अधिक ईरानी एथिलीन का परिवहन किया।

वित्त विभाग ने यह भी कहा कि HAKUNA MATATA और PINOCCHIO नाम के दो जहाजों को प्रतिबंध सूची से हटाया जा रहा है। विभाग के अनुसार, ये जहाज ईरान के कथित गुप्त बेड़े से बाहर निकल गए हैं और इन्हें गैर-प्रतिबंधित या अमेरिका समर्थित ऑपरेटरों को बेच दिया गया है।

प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर दंड की चेतावनी

अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, प्रतिबंधों के तहत अमेरिका में मौजूद या अमेरिकी नागरिकों के स्वामित्व वाली नामित व्यक्तियों की संपत्तियों को अवरुद्ध करना और इसकी जानकारी OFAC को देना अनिवार्य है। यह व्यवस्था उन संस्थाओं पर भी लागू होती है, जिनमें एक या अधिक प्रतिबंधित व्यक्तियों की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी 50 प्रतिशत या उससे अधिक है। विभाग ने चेतावनी दी कि प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर अमेरिकी और विदेशी नागरिकों को दीवानी या आपराधिक दंड का सामना करना पड़ सकता है। प्रतिबंधित व्यक्तियों से जुड़े कुछ लेन-देन में शामिल विदेशी वित्तीय संस्थानों पर भी द्वितीयक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि प्रतिबंधों का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि संबंधित पक्षों के व्यवहार में बदलाव लाना भी है। विभाग ने स्पष्ट किया कि वह प्रतिबंधों से बचने के प्रयासों पर नजर रखेगा और ऐसे नेटवर्क को बाधित करने के लिए कार्रवाई जारी रखेगा।

(एएनआई)

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