Indian Stock Market : भारतीय शेयर मार्केट में शुक्रवार को वैश्विक बाजार से मिले नकारात्मक संकेतों के कारण दबाव में दिखा।
Indian Stock Market : भारतीय शेयर मार्केट में शुक्रवार को वैश्विक बाजार से मिले नकारात्मक संकेतों के कारण दबाव में दिखा। दो दिन की तेजी के बाद आज सप्ताहांत मार्केट में तेज गिरावट देखने को मिली और दोनों इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का कारण वैश्विक संकेतों के साथ ही रुपए में कमजोरी को माना जा रहा है। डॉलर के मुकाबले रुपया 71 पैसे कमजोर हुआ। रुपए ने 89.48/$ का रिकॉर्ड निचला स्तर छुआ। 8 मई 2025 के बाद सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट आई। बता दें कि पिछले 6 महीने में सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट देखने को मिली है। साथ ही ग्लोबल स्तर पर गिरावट का प्रमुख कारण यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में रेट कट की उम्मीदें कमजोर होना माना जा रहा है।
मार्केट में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 400.76 अंक या 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,231.92 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 444.84 अंक या 0.51 प्रतिशत गिरकर 85,187.84 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 124.00 अंक या 0.47 प्रतिशत गिरकर 25,068.15 पर आ गया। रुपया 89 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया। इंट्रा-डे सत्र के दौरान 89.49 के सर्वकालिक निम्नतम स्तर पर पहुंच गया।
कारोबार के दौरान बड़े सेक्टर्स भी दबाव में रहे, जिससे इंडेक्स पर असर पड़ा। खास बात यह रही कि निफ्टी ने पिछले दिन ही अपना 52-वीक हाई 26,246.65 छुआ था, लेकिन शुक्रवार को मुनाफावसूली और ग्लोबल दबाव ने इसे नीचे खींच लिया। NSE मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1% से ज्यादा टूटे। यह संकेत था कि निवेशकों ने छोटे और मिड-साइज शेयरों में जमकर प्रॉफिट बुकिंग की। हफ्ते भर में दोनों इंडेक्स 2.24% तक नीचे रहे, जिससे साफ है कि छोटे और मध्यम शेयरों पर दबाव ज्यादा रहा।
इस दौरान सेक्टोरल इंडेक्स में मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट दिखी, जो 2.5% नीचे बंद हुआ। रियल्टी इंडेक्स भी 2% गिरा। बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 0.8% और 1% से ज्यादा टूटे। PSU बैंक इंडेक्स 1.5% गिरा। फार्मा और IT सेक्टर भी 0.4% नीचे रहे, जबकि ऑटो इंडेक्स लगभग फ्लैट रहा। इन सबके बीच सिर्फ निफ्टी FMCG ही ऐसा सेक्टर था जो हल्की बढ़त के साथ 0.15% ऊपर रहा। वहीं Nifty Auto पूरे दिन लगभग फ्लैट ही घूमता रहा।
आज की गिरावट के बावजूद पूरे हफ्ते का हाल देखें तो सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने करीब 0.60% की बढ़त के साथ यह हफ्ता पॉजिटिव में खत्म किया। यानी कि शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद सेंटिमेंट कमजोर नहीं दिखा। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स की हालत हफ्तेभर कमजोर रही और ये दोनों 2.24% तक टूट गए। इससे साफ है कि निवेशक बड़े और मजबूत शेयरों में रहना पसंद कर रहे हैं, जबकि छोटे शेयरों में फिलहाल सावधानी बढ़ गई है।
सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा स्टील, एचसीएल टेक, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और इटरनल प्रमुख रूप से पिछड़े रहे। वहीं, मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और आईटीसी लाभ में रहीं। आज सिर्फ 13 कंपनियों के शेयर ही हरे निशान पर बंद हुए। इनमें मारुति, एमएंडएम, टीएमपीवी, आईटीसी और एशियन पेंट के शेयर सबसे ज्यादा लाभ में रहे।
भारतीय मार्केट के साथ ही एशियाई बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.79 प्रतिशत, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक 2.45 प्रतिशत, जापान का निक्केई 225 सूचकांक 2.40 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक 2.38 प्रतिशत गिर गया। यूरोपीय बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। गुरुवार को अमेरिकी बाजार नकारात्मक दायरे में बंद हुए। नैस्डैक कंपोजिट में 2.15 प्रतिशत, एसएंडपी 500 में 1.56 प्रतिशत और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.84 प्रतिशत की गिरावट आई।
आज चढ़ने वाले शीर्ष शेयर
निफ्टी 50 की कंपनियों में सबसे ज़्यादा बढ़त मारुति सुजुकी में देखने को दिखी जिसमें 1.12 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। इसके बाद, मैक्स हेल्थकेयर में 1.05 प्रतिशत की बढ़त, इंटरग्लोब में 1.01 प्रतिशत की बढ़त, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.89 प्रतिशत की बढ़त, टाटा कंज्यूमर में 0.79 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली।
आज गिरने वाले शीर्ष शेयर
निफ्टी 50 की कंपनियों में सबसे ज़्यादा नुकसान हिंडाल्को को हुआ, जिसमें 2.77 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसके बाद, टाटा स्टील में 2.59 प्रतिशत की गिरावट, जेएसडब्ल्यू स्टील में 2.54 प्रतिशत की गिरावट, बजाज फाइनेंस में 2.39 प्रतिशत की गिरावट, एचसीएल टेक में 2.28 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
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