पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई की चिंताओं के बीच ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है। वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसके असर को लेकर विशेषज्ञ सतर्क हैं।
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य तनाव और आपूर्ति संकट के बीच सोमवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 115 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को गहरी चिंता में डाल दिया है।
52-सप्ताह के उच्च स्तर के करीब कच्चे तेल के दाम
पिछले एक सप्ताह के भीतर कच्चे तेल के दाम में 5 फीसदी से ज्यादा का उछाल दर्ज किया गया है। फिलहाल यह अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर यानी 117.41 डॉलर प्रति बैरल के बेहद करीब कारोबार कर रहा है। मध्य पूर्व के इस संघर्ष का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर पड़ रहा है।
घरेलू और वैश्विक बाजारों के लिए चिंता की बात
'एनरिच मनी' के सीईओ पोनमुडी आर ने मौजूदा हालात पर बात करते हुए कहा कि क्षेत्र में जारी गतिरोध आने वाले दिनों में और विकट हो सकता है।
उन्होंने कहा, "मध्य पूर्व में जारी गतिरोध और इसके और बढ़ने का जोखिम, घरेलू बाजारों के लिए एक बड़ी चिंता है। WTI क्रूड 101-102 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि ब्रेंट 115 डॉलर के ऊपर बना हुआ है। सप्लाई को लेकर लगातार बनी चिंताएं कीमतों को ऊंचा बनाए हुए हैं और ऊर्जा आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं के लिए भविष्य के हालात को अनिश्चित बना रही हैं।"
महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर मंडराता खतरा
नागरिक हवाई अड्डों और अहम बुनियादी ढांचे पर ईरानी समर्थित हूती बलों के हमलों के बाद सुरक्षा जोखिम बेकाबू हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब में तैनात गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मियों और उनके परिवारों को तुरंत देश छोड़ने का आदेश दे दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक सप्लाई पर संकट
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला तेल परिवहन युद्ध-पूर्व के स्तर से आगे निकल गया है। उन्होंने इसके पीछे अमेरिकी नौसेना की सख्त नाकेबंदी और सैन्य अभियानों का हाथ बताया है।
गौर करने वाली बात यह है कि दुनिया का 20 से 25 फीसदी सीबॉर्न ऑयल और एलएनजी इसी महत्वपूर्ण रास्ते से गुजरता है। इस बीच, क्षेत्रीय स्तर पर रिफाइनिंग क्षमता को भी तगड़ा झटका लगा है और प्रतिदिन करीब 3 मिलियन बैरल क्षमता बाधित हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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