क्रूड ऑयल $102 के पार जाने और F&O एक्सपायरी के तनाव के बीच सेंसेक्स-निफ्टी मामूली बढ़त पर बंद हुए। जानें बाजार के उतार-चढ़ाव, सेक्टोरल चाल और निवेशकों के लिए मुख्य बातें।
मुंबई (महाराष्ट्र)। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगी आग और वायदा बाजार की मासिक एक्सपायरी (F&O Expiry) के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई की चिंताओं के बावजूद घरेलू निवेशकों की लिवाली के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी दिन के निचले स्तरों से उबरकर मामूली बढ़त (Margin Gain) के साथ हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहे।
आज के मुख्य आंकड़े (Key Highlights)
- सेंसेक्स (BSE Sensex): 138.36 अंक (+0.19%) की बढ़त के साथ 74,902.59 के स्तर पर बंद हुआ।
- निफ्टी 50 (NSE Nifty): 46.30 अंक (+0.20%) चढ़कर 23,477.80 पर बंद हुआ।
- कच्चा तेल (Brent Crude): 1.2% से ज्यादा बढ़कर $102 प्रति बैरल के पार पहुंचा।
- रुपया (USD vs INR): अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 95.44 के स्तर पर बंद हुआ।
- सोना और चांदी (Commodities): 24 कैरेट सोना ₹1,53,612 प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहा, जबकि चांदी में 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह ₹2,41,134 प्रति किलोग्राम पर आ गई।
- घरेलू सपोर्ट: अगस्त महीने में इक्विटी फंड्स में मजबूत इनफ्लो और एसआईपी बंद होने की दर (SIP Stoppage Ratio) में आई कमी ने बाजार को सहारा दिया।
बाजार का विस्तृत विश्लेषण: तेजी के बीच क्या हैं मुख्य चिंताएं?
मासिक डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की समाप्ति के दिन भारतीय बाजार में काफी अस्थिरता रही। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स (Geojit Investments) के रिसर्च हेड विनोद नायर के मुताबिक, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और लंबे समय से जारी जियोपॉलिटिकल (भू-राजनीतिक) तनाव ने ऊर्जा-जनित महंगाई (Energy-led Inflation) का खतरा बढ़ा दिया है। इससे दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा मौद्रिक नीतियां सख्त करने (Monetary Tightening) यानी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका मजबूत हुई है। निवेशक अब भावी दरों का रुख समझने के लिए अमेरिकी मुद्रास्फीति (US Inflation) आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
इसके अलावा, वैश्विक बॉन्ड यील्ड (Bond Yields - सरकारी प्रतिभूतियों पर मिलने वाला रिटर्न) में उछाल और बैंक ऑफ जापान (BOJ) द्वारा दरें बढ़ाए जाने की संभावना से 'येन कैरी ट्रेड' (Yen Carry Trade - कम ब्याज दर वाले जापानी येन में लोन लेकर अन्य देशों में निवेश की रणनीति) के खत्म होने का डर है, जिससे उभरते बाजारों (Emerging Markets) में विदेशी पूंजी के प्रवाह पर दबाव दिख सकता है।
सेक्टोरल प्रदर्शन: बैंकिंग और मीडिया में हरियाली, मेटल-फार्मा में मंदी
गिरावट वाले सेक्टर्स: निफ्टी मेटल 0.65% की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा टूटा। इसके अलावा निफ्टी फार्मा (-0.51%), निफ्टी ऑटो (-0.41%), निफ्टी FMCG (-0.27%) और निफ्टी IT (-0.08%) में बिकवाली का माहौल रहा।
बढ़त वाले सेक्टर्स: निफ्टी मीडिया में 0.55% की बढ़त दर्ज की गई। बैंकिंग शेयरों ने बाजार को सहारा दिया, जिसमें निफ्टी पीएसयू बैंक 0.39% और निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.34% की मजबूती के साथ बंद हुए।
एशियाई बाजारों में बिकवाली का रुख
कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण एशियाई बाजारों पर दबाव देखने को मिला। जापान का निकेई 225 (Nikkei 225) 0.27% गिरकर 64,966 पर, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 0.70% गिरकर 5,689 पर, हांगकांग का हैंगसेंग 1.48% टूटकर 24,906 पर, ताइवान का वेटेड इंडेक्स 0.52% गिरकर 46,940 पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) 0.25% की गिरावट के साथ 7,033 पर बंद हुआ।
Smart FAQ Block
प्र. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें बढ़ने से शेयर बाजार पर नकारात्मक असर क्यों पड़ता है?
उ. भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड ऑयल महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ता है, रुपया कमजोर होता है और कंपनियों की विनिर्माण व परिवहन लागत बढ़ जाती है, जिससे मुनाफा घटता है और बाजार में बिकवाली आती है।
प्र. F&O एक्सपायरी के दिन बाजार में इतनी अस्थिरता क्यों रहती है?
उ. Futures & Options (F&O) एक्सपायरी महीने का वह अंतिम गुरुवार होता है जब ट्रेडर्स को अपने फ्यूचर्स और ऑप्शंस सौदों को सेटल या अगले महीने के लिए रोलओवर करना होता है। इस वजह से ट्रेडिंग वॉल्यूम अचानक बढ़ जाता है और कीमतों में तेजी से उतार-चढ़ाव आता है।
प्र. 'येन कैरी ट्रेड unwind' होने का भारतीय बाजार पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उ. जब निवेशक जापान से कम ब्याज दर पर येन उधार लेकर भारत जैसे उभरते बाजारों में शेयर खरीदते हैं, तो इसे कैरी ट्रेड कहते हैं। यदि जापान ब्याज दरें बढ़ाता है, तो निवेशकों को येन कर्ज चुकाने के लिए भारतीय बाजार से अपने शेयर बेचकर पैसा निकालना पड़ता है, जिससे घरेलू बाजार गिर सकता है।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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