FY27 की अप्रैल-सितंबर अवधि में भारत का राजकोषीय घाटा 7.14 लाख करोड़ रुपये रहा, जो वार्षिक बजट लक्ष्य का 42.1% है। पिछले साल इसी अवधि में यह 36.5% था।
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की अप्रैल-सितंबर अवधि में भारत का राजकोषीय घाटा 7.14 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। यह पूरे वित्त वर्ष के बजट अनुमान 16.96 लाख करोड़ रुपये का 42.1 प्रतिशत है। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में राजकोषीय घाटा वार्षिक लक्ष्य का 36.5 प्रतिशत था। ये आंकड़े वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट्स (CGA) ने जारी किए हैं।
राजकोषीय घाटा क्या दर्शाता है?
राजकोषीय घाटा सरकार के कुल खर्च और उधार को छोड़कर उसकी कुल प्राप्तियों के बीच के अंतर को दर्शाता है। CGA की 'यूनियन गवर्नमेंट अकाउंट्स एट ए ग्लान्स' रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के पहले छह महीनों में सरकार के खर्च और प्राप्तियों का विवरण सामने आया है। इसके मुताबिक, सितंबर 2026 के अंत तक राजकोषीय घाटा वार्षिक बजट अनुमान के 42.1 प्रतिशत तक पहुंच चुका था।
सरकार का कुल खर्च 25.5 लाख करोड़ रुपये रहा
CGA की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान केंद्र सरकार का कुल खर्च 25.5 लाख करोड़ रुपये रहा। यह पूरे वित्त वर्ष के बजट अनुमान का 47.7 प्रतिशत है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कुल खर्च वार्षिक बजट अनुमान का 45.5 प्रतिशत था। इस तरह सरकारी खर्च का बजट लक्ष्य के मुकाबले अनुपात पिछले साल की समान अवधि से अधिक रहा।
राजस्व और पूंजीगत व्यय का कितना रहा हिस्सा?
कुल सरकारी खर्च में से राजस्व व्यय 18.95 लाख करोड़ रुपये रहा, जो वार्षिक बजट लक्ष्य का 45.9 प्रतिशत है। वहीं, पूंजीगत व्यय 6.55 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पूरे साल के बजट अनुमान का 53.6 प्रतिशत है। पूंजीगत व्यय में बुनियादी ढांचे और संपत्ति निर्माण पर किया जाने वाला खर्च शामिल होता है। पिछले साल इसी अवधि में पूंजीगत व्यय वार्षिक लक्ष्य का 51.8 प्रतिशत था।
केंद्र सरकार की प्राप्तियां 18.35 लाख करोड़ रुपये पहुंचीं
अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान केंद्र सरकार को कुल 18.35 लाख करोड़ रुपये की प्राप्तियां हुईं। यह पूरे वित्त वर्ष के बजट अनुमान का 50.3 प्रतिशत है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 49.5 प्रतिशत था। प्राप्तियों में शुद्ध कर राजस्व 12.76 लाख करोड़ रुपये रहा, जो वार्षिक लक्ष्य का 44.5 प्रतिशत है। वहीं, गैर-कर राजस्व 4.8 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो बजट अनुमान का 72.2 प्रतिशत है।
राजस्व घाटा 1.38 लाख करोड़ रुपये रहा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में राजस्व घाटा 1.38 लाख करोड़ रुपये रहा। यह पूरे वित्त वर्ष के बजट लक्ष्य का 23.4 प्रतिशत है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा वार्षिक लक्ष्य का 5.2 प्रतिशत था। इसके अलावा, अप्रैल-सितंबर के दौरान सरकार का ब्याज भुगतान 6.46 लाख करोड़ रुपये रहा, जो वार्षिक बजट अनुमान का 46 प्रतिशत है।
CGA ने आंकड़ों को लेकर दी अहम जानकारी
कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट्स (CGA) ने स्पष्ट किया है कि किसी वित्तीय वर्ष के दौरान जारी किए जाने वाले राजकोषीय घाटे के आंकड़े जरूरी नहीं कि उस वर्ष के अंतिम घाटे को दर्शाएं। इसकी वजह सरकारी प्राप्तियों और खर्चों के समय में होने वाला अंतर है, जो मासिक खातों को प्रभावित कर सकता है। CGA ने यह भी बताया कि जारी किए गए आंकड़े अनंतिम (Provisional) हैं और इनका ऑडिट नहीं हुआ है। (Source: ANI)
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