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तकनीक और अर्थव्यवस्था पर केपीएमजी

भारत की AI महत्वाकांक्षाओं के लिए प्रतिभा, कंप्यूटिंग क्षमता और R&D अहम: रिपोर्ट

KPMG की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को AI और उभरती तकनीकों से आर्थिक लाभ लेने के लिए अपने टैलेंट पूल, आरएंडडी और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को युद्धस्तर पर मजबूत करना होगा।

भारत की ai महत्वाकांक्षाओं के लिए प्रतिभा कंप्यूटिंग क्षमता और rd अहम रिपोर्ट

Representative Image (File Photo) |

नई दिल्ली। केपीएमजी की एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य उभरती तकनीकों के दम पर देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां देने के लिए भारत को अपने टैलेंट पूल और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को युद्धस्तर पर मजबूत करना होगा। रिपोर्ट के अनुसार, भविष्य की उत्पादकता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए तकनीक को केवल विकसित करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उसे बड़े पैमाने पर लागू करना भी जरूरी है।

केपीएमजी की इस महत्वपूर्ण रिपोर्ट में सवाल उठाया गया है, "क्या भारत उन क्षमताओं - जैसे टैलेंट, रिसर्च क्षमताएं, उद्यम, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और संस्थान - को विकसित कर सकता है, जिनकी जरूरत इन तकनीकों से बड़े पैमाने पर मूल्य सृजित करने के लिए है?" देश के भविष्य को आकार देने में तकनीक की भूमिका सबसे अहम होगी।

तकनीकी नवाचार के लिए पांच प्रमुख आधार जरूरी

रिपोर्ट में तकनीकी नवाचार को व्यावहारिक और आर्थिक फायदों में बदलने के लिए पांच मुख्य स्तंभों को रेखांकित किया गया है। इनमें टैलेंट, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), कंप्यूटिंग व डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक को बड़े पैमाने पर लागू करने वाले उद्यम और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। देश को रिसर्च, इंजीनियरिंग और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में कुशल प्रोफेशनल्स की भारी आवश्यकता होगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों और प्रयोगशालाओं में रिसर्च को व्यावसायिक उपयोग तक ले जाने की मजबूत व्यवस्था भी जरूरी है।

डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में UPI का शानदार उदाहरण

केपीएमजी ने भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम (UPI) का हवाला देते हुए बताया कि कैसे बेहतरीन तकनीक देश की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान UPI के जरिए लगभग 314 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 24,161 करोड़ से अधिक ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए। वहीं, जून 2026 तक इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाले कुल उपयोगकर्ताओं का आंकड़ा 55.49 करोड़ को पार कर गया था। रिपोर्ट मानती है कि UPI ने यह साबित कर दिया है कि एक मजबूत डिजिटल पब्लिक प्लेटफॉर्म पूरी अर्थव्यवस्था का व्यवहार बदल सकता है।

भविष्य की उभरती तकनीकें और जिम्मेदार गवर्नेंस की जरूरत

अब इस अनुभव को AI, सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक, ड्रोन, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों में दोहराने का अवसर है। AI में स्वास्थ्य सेवा, कृषि, शिक्षा और शासन (गवर्नेंस) में मूल्य के नए स्रोत बनाने की अपार क्षमता है। हालांकि, इसके लिए नैतिक, सुरक्षित और समावेशी शासन जरूरी है। रिपोर्ट ने अपने निष्कर्ष में स्पष्ट किया, "आखिरकार, तकनीक का मूल्य केवल उसी आधार पर तय होता है कि उससे कैसे परिणाम मिलते हैं।"
​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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