SBI रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की सात बड़ी टेक कंपनियों मैग्निफिसेंट सेवन का कुल कर्ज 2026 के मध्य तक 45% बढ़कर 578 अरब डॉलर पहुंच गया।
नई दिल्ली: SBI रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की सात सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों, जिन्हें मैग्निफिसेंट सेवन के नाम से जाना जाता है, का कुल कर्ज़ 2026 के बीच तक लगभग 45 परसेंट बढ़कर USD 578 बिलियन हो गया है। इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर के तेज़ी से विस्तार से जुड़े फाइनेंशियल रिस्क को लेकर चिंता बढ़ गई है। मैग्निफिसेंट सेवन में अल्फाबेट, अमेज़न, एप्पल, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया और टेस्ला शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि उनका कुल कर्ज़, जो 2025 में लगभग USD 399 बिलियन था, अब 2023 के लेवल से लगभग 1.7 गुना ज़्यादा है। इसमें बड़े ऑफ-बैलेंस-शीट कमिटमेंट्स का भी ज़िक्र है, जिसमें खरीद और इन्वेस्टमेंट से जुड़ी ज़िम्मेदारियां शामिल हैं, क्योंकि कंपनियां अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना जारी रखे हुए हैं।
बढ़ती यील्ड से कंपनियों की वैल्यूएशन पर दबाव
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि ज़्यादा उधार लेने की लागत और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड भविष्य की कमाई पर लागू डिस्काउंट रेट को बढ़ाकर उनके वैल्यूएशन पर दबाव डाल सकती हैं। इक्विटी ड्यूरेशन अप्रोच का इस्तेमाल करते हुए रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया कि यील्ड में बढ़ोतरी से सात कंपनियों के लिए लगभग USD 1.67-2 ट्रिलियन की संभावित मार्केट कैपिटलाइज़ेशन में गिरावट आ सकती है, जिनकी कुल मार्केट वैल्यू लगभग USD 23 ट्रिलियन आंकी गई थी। रिपोर्ट में एंथ्रोपिक के पब्लिक इक्विटी मार्केट में आने की उम्मीद की ओर भी इशारा किया गया, जो शायद 12 नवंबर के आसपास होगी, जिसका टारगेट वैल्यूएशन USD 1.5-2 ट्रिलियन होगा। इसने प्रस्तावित लिस्टिंग को AI बूम की फाइनेंशियल वायबिलिटी के लिए एक "हाई-स्टेक्स लिटमस टेस्ट" बताया, जिससे पब्लिक इन्वेस्टर्स यह आकलन कर सकें कि क्या बढ़ता एंटरप्राइज रेवेन्यू इसमें शामिल बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और कंप्यूटिंग कॉस्ट को सही ठहरा सकता है।
बढ़ती बॉन्ड यील्ड से फेड का अनरियलाइज्ड लॉस बढ़ा
टेक्नोलॉजी कंपनियों के अलावा, SBI रिसर्च ने US फेडरल रिजर्व की गवर्नमेंट सिक्योरिटीज की होल्डिंग्स पर बढ़ते बॉन्ड यील्ड के असर पर भी रोशनी डाली। ट्रेजरी होल्डिंग्स पर इसका अनरियलाइज्ड लॉस USD 26.3 बिलियन बढ़ गया, जो दिसंबर 2025 में USD 535.3 बिलियन से बढ़कर जून 2026 में USD 561.5 बिलियन हो गया। इसी दौरान US 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड 4.18 परसेंट से बढ़कर 4.44 परसेंट हो गई। रिपोर्ट में कहा गया है, "ज़्यादा यील्ड मौजूदा बॉन्ड की कीमतों को कम करती है, जिससे फेड के पास रखी ट्रेजरी सिक्योरिटीज़ की मार्केट वैल्यू कम होती है और अनरियलाइज्ड लॉस बढ़ता है।"
इसने साफ किया कि फेडरल रिजर्व के टोटल एसेट्स में गिरावट काफी हद तक उसके क्वांटिटेटिव टाइटनिंग प्रोग्राम के तहत सिक्योरिटीज़ रनऑफ को दिखाती है, न कि बढ़ती यील्ड के कारण ऑटोमैटिक राइट-डाउन को।
(ANI)
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