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शेयर बाजार में 'ब्लैक मंडे'

हफ्ते के पहले दिन शेयर मार्केट धड़ाम, निवेशकों के ₹14 लाख करोड़ डूबे

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध और ब्रेंट क्रूड की कीमत में जारी तेजी के कारण भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले दिन भारी गिरावट के साथ बंद हुए।

हफ्ते के पहले दिन शेयर मार्केट धड़ाम निवेशकों के ₹14 लाख करोड़ डूबे

Markets Crash Amid West Asia Tensions and Oil Price Surge |

मुंबई। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध और ब्रेंट क्रूड की कीमत में जारी तेजी के कारण भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले दिन भारी गिरावट के साथ बंद हुए। इस बीच रुपये की कीमत में आयी कमी ने इस गिरावट को और बढ़ा दिया। डॉलर के मुकाबले रुपया 94 के स्तर तक पहुंच गया जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गयी है।

सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट

सोमवार को कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1836.57 अंक यानी 2.46 फीसदी की गिरावट के साथ 72,696.39 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 601.85 अंक यानी 2.60 फीसदी की गिरावट के साथ 22,512.65 के स्तर पर बंद हुआ। मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 93.84-93.86 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। मिडिल ईस्ट युद्ध और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज से टैंकरों का आवागमन बाधित होने के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें $110-113 प्रति बैरल से ऊपर चली गई हैं। इस उछाल से तेल पर निर्भर भारत के लिए इंपोर्टेड महंगाई बढ़ रही है, कॉर्पोरेट प्रॉफिट कम हो रहा है।

अमेरिका-ईरान टकराव और तेल आपूर्ति पर खतरे से वैश्विक अनिश्चितता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान 48 घंटों के भीतर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज को दोबारा नहीं खोलता है, तो अमेरिका ईरान की एनर्जी फैसिलिटीज को नष्ट कर सकता है। इसके जवाब में, ईरान ने भी कहा है कि अगर अमेरिका उसके पावर प्लांटों पर हमला करता है, तो वह स्ट्रैट ऑफ हॉर्मूज को पूरी तरह से बंद कर देगा। इस कारण बाजार को लेकर निवेशक अभी भी सतर्कता बरत रहे हैं। वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता के कारण विदेशी इंस्टीट्यूशनल निवेशक रिस्क से बचने की सोच के बीच लगातार बिकवाली कर रहे हैं। इससे इन्वेस्टर का भरोसा बड़े पैमाने पर कम हो रहा है और जल्द ही मार्केट कैपिटलाइज़ेशन में भारी नुकसान हो रहा है।

एक ही दिन में निवेशकों के 14 लाख करोड़ रुपये साफ

आज की गिरावट को लेकर सबसे बड़ी चिंता ये है कि बाजार से सिर्फ एक दिन में ₹14 लाख करोड़ की संपत्ति साफ हो गई। विदेशी निवेश मार्च में अब तक ₹90,152 करोड़ की बिकवाली कर चुके हैं। विदेशी निवेशक जंग शुरू होने के बाद से अब तक ₹50 लाख करोड़ की बिकवाली कर चुके है। सोमवार के कारोबार में BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 4,15,11,534.52 करोड़ रुपये हो गया। शुक्रवार को यह 4,29,11,487.59 करोड़ रुपये था। इस प्रकार निवेशकों की सम्पत्ति में 13,99,953.07 रुपये की कमी आयी है।

मेटल और रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा मार

ब्रॉडर लेवल पर मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जबरदस्त बिकवाली है। निफ्टी पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट में बंद हुए हैं। निफ्टी मेटल में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट है। रियल्टी इंडेक्स 4.7 प्रतिशत नीचे आया है। निफ्टी कज्यूमर ड्यूरेबल्स 5 प्रतिशत से ज्यादा टूटा है। पीएसयू बैंक इंडेक्स में 4 प्रतिशत की गिरावट है। निफ्टी पर एचसीएल टेक, पावरग्रिड और टेक महिंद्रा टॉप गेनर्स रहे। वहीं टाइटन, श्रीराम फाइनेंस, ट्रेंट, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी टॉप लूजर्स रहे।

एचसीएल टेक और पावर ग्रिड ने दिखाई मजबूती

निफ्टी 50 की कंपनियों में सबसे ज़्यादा बढ़त एचसीएल टेक में देखने को मिली, जिसमें 1.87 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। इसके बाद, पावर ग्रिड में 1.52 प्रतिशत की बढ़त, इंफोसिस में 0.08 प्रतिशत की बढ़त और ओएनजीसी में 0.02 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली।

श्रीराम फाइनेंस और टाइटन के निवेशकों को लगा तगड़ा झटका

निफ्टी 50 की कंपनियों में सबसे ज़्यादा नुकसान श्रीराम फाइनेंस को हुआ जिसमें 6.49 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसके बाद, टाइटन कंपनी में 6.18 प्रतिशत की गिरावट, ट्रेंट में 5.71 प्रतिशत की गिरावट, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज में 5.52 प्रतिशत की गिरावट और अल्ट्राटेक सीमेंट्स में 5.24 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।

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