डूंगरपुर में उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे पर वाहनों से रेडियम लगाने के नाम पर अवैध वसूली करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश। पुलिस ने 8 आरोपियों को किया गिरफ्तार।
डूंगरपुर (राजस्थान)। उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर रात के अंधेरे में वाहनों को रोककर रेडियम रिफ्लेक्टर लगाने के नाम पर जबरन अवैध वसूली करने वाली एक अंतरराज्यीय गैंग का जिला पुलिस की विशेष टीम (डीएसटी) ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के आठ सदस्यों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर उनके पास से 21,000 रुपये नकद, एक अर्टिगा कार, टॉर्च, मोबाइल और फर्जी रसीद कट्टे जब्त किए हैं।
'तीसरी आंख' हेल्पलाइन से खुला राज
जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई की पटकथा एसपी द्वारा जारी तीसरी आंख हेल्पलाइन नंबर पर मिली एक गुप्त शिकायत के बाद लिखी गई थी। पुलिस से प्राप्त जानकारी अनुसार, 30 जुलाई की रात तीसरी आंख नंबर पर सूचना मिली थी कि रतनपुर पुलिस चौकी के पास कुछ लोग टॉर्च लेकर आते हैं और हाईवे पर आने-जाने वाले वाहनों को डरा-धमकाकर रेडियम पट्टी लगाने के नाम पर अवैध वसूली करते हैं।

योजनाबद्ध तरीके से बिछाया गया जाल
सूचना की पुष्टि के बाद डीएसटी प्रभारी व बिछीवाड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने प्राइवेट वाहन में बैठकर जाल बिछाया। जैसे ही पुलिस की गाड़ी रतनपुर ओवरब्रिज के पास पहुंची, आरोपियों ने टॉर्च से इशारा कर गाड़ी को साइड में रुकवा लिया। गाड़ी पर पहले से रेडियम पट्टी लगी होने की बात कहने पर भी आरोपी जबरन 300 रुपये की मांग करने लगे और रुपये न देने पर गाड़ी जब्त करने की धमकी दी। उन्होंने पीबी रोड सेफ्टी रिफ्लेक्टिव एंटरप्राइजेज नाम की 300 रुपये की फर्जी रसीद काटकर थमा दी। इशारा मिलते ही आसपास मुस्तैद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मौके से सभी आठों आरोपियों को दबोच लिया।
दिल्ली से संचालित होता था पूरा रैकेट
पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी दिल्ली निवासी बॉबी कुमार के इशारे पर गैंग बनाकर काम कर रहे थे। इनके पास रेडियम पट्टी लगाने की न तो कोई आधिकारिक स्वीकृति थी और न ही पंजीकरण से संबंधित कोई वैध दस्तावेज। कार्रवाई के दौरान पकड़े गए आरोपियों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और स्थानीय क्षेत्र के शातिर शामिल हैं।
(Published By: Ravi Pandey)
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