मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और कमजोर ग्लोबल संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को हाहाकार नजर आया।
मुंबई। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और कमजोर ग्लोबल संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को हाहाकार नजर आया। US Fed द्वारा अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची रहने के संकेत ने बाजार का सेंटीमेंट और बिगाड़ दिया। बाजार में डर इतना ज्यादा था कि मार्केट की घबराहट मापने वाला "इंडिया विक्स" 21% उछल गया। शेयर बाजार में घबराहट भरी बिकवाली देखने को मिली। नतीजा ये हुआ कि शेयर बाजार में पिछले तीन दिनों से चली आ रही तेजी पर आज ब्रेक लग गया। सेंसेक्स और निफ्टी एक दिन में 3% से ज्यादा टूट गए।
सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट, कच्चा तेल $116 के पार
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 2,496.89 अंक यानी 3.26% गिरकर 74,207.24 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 775.65 अंक टूटकर 23,002.15 के स्तर पर आ गया। कच्चे तेल की कीमत करीब 10 फीसदी तेजी के साथ 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बुधवार को 92.63 पर बना हुआ है जो इसका ऑल टाइम लो है। फॉरेक्स मार्केट्स आज बंद रहे। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि तेल की कीमतों में तेजी से रुपये पर और दबाव बढ़ेगा। इससे भारत का तेल आयात का बिल बढ़ जाएगा और चालू खाते पर दवाब बढ़ेगा।
अमेरिकी फेड के सख्त रुख से निवेशकों का भरोसा कमजोर
अमेरिका के फेडरल बैंक ने अपनी रिपोर्ट में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि देश में महंगाई उम्मीद के मुताबिक नीचे नहीं आ रही है। बैंक ने महंगाई और बेरोजगारी बढ़ने और बोरोइंग कॉस्ट में इस साल केवल एक बार कटौती का अनुमान लगाया है। निकट भविष्य में तेल की कीमत बढ़ने से महंगाई बढ़ने का खतरा है। इस खबर ने भारत में निवेशकों के सेंटीमेंट को कमजोर किया।
सभी 16 सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद
बाजार में आज चौतराफ बिकवाली के दौरान निफ्टी के सभी 16 सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों पर रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी नहीं बचे। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स करीब 2-2% गिर गए। सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों पर रहा, जहां करीब 3% की गिरावट आई। HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन के इस्तीफे और नैतिकता को लेकर टिप्पणी के बाद इस बैंक का शेयर 5% से ज्यादा गिर गया। इसके साथ ही बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों पर भारी दबाव रहा, जहां करीब 3% की गिरावट आई।
तेल बना गिरावट का बड़ा कारण
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बाजार में लौटी इस तेज गिरावट की सबसे बड़ी वजह रही। ब्रेंट क्रूड फिर से अपने हालिया उच्च स्तर 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। मिडिल ईस्ट में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे हमलों के कारण ऑयल और गैस की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिससे तेल की कीमतों में उछाल आया। इस वजह से तेल कंपनियों - HPCL, BPCL और Indian Oil इस महीने पहले ही करीब 25% टूट चुकी हैं।
निवेशकों को भारी चपत
शेयर मार्केट में हाहाकार के बीच निवेशकों को भारी चपत लगी है और उनकी संपत्ति में करीब 11.62 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन आज घटकर 427.38 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इसके पिछले कारोबारी दिन 439.00 लाख करोड़ रुपये रहा था। इस तरह BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज करीब 11.62 लाख करोड़ रुपये घटा है।
विदेशी निवेशकों का पलायन
विदेशी निवेशकों का भारत में बिकवाली का सिलसिला आज भी जारी रहा। बुधवार को उन्होंने 2,714 करोड़ रुपये की बिकवाली की। यह लगातार 14वां दिन था जब एफआईआई भारतीय बाजार में नेट सेलर रहे। हालांकि आज का आंकड़ा कल आएगा लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।
गिरावट की आंधी में टूटे 3,174 शेयर
स्टाक एक्सचेंज पर आज 4,404 शेयरों में कारोबार हुआ जिसमें से 3,174 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सिर्फ 1,070 शेयर तेजी के साथ बंद हुए। वहीं 3,174 शेयरों में गिरावट देखी गई। 160 शेयर बिना किसी उतार-चढ़ाव के सपाट बंद हुए। इसके अलावा 53 शेयरों ने आज कारोबार के दौरान अपना नया 52-वीक हाई छुआ। वहीं 368 शेयरों ने अपने 52-हफ्तों का नया निचला स्तर छुआ।
सेंसेक्स के सभी दिग्गज फेल
शेयर बाजार में आज की भारी गिरावट का आलम ये था कि सेंसेक्स में शामिल सभी 30 के 30 शेयर आज गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। इसमें इटरनल का शेयर 5.65 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर्स रहा। वहीं, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और लार्सन एंड टुब्रो के शेयरों में 4.72 फीसदी से लेकर 5.42 फीसदी तक की गिरावट रही।
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