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एनएसई का दस साल का इंतजार खत्म..

एनएसई का दस साल का इंतजार खत्म, आईपीओ को सेबी ने दी मंजूरी

Stock Market Regulator : शेयर बाजार नियामक सेबी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के लिए मंजूरी प्रदान कर दी है।

एनएसई का दस साल का इंतजार खत्म आईपीओ को सेबी ने दी मंजूरी

एनएसई का दस साल का इंतजार खत्म, आईपीओ को सेबी ने दी मंजूरी |

Stock Market Regulator : शेयर बाजार नियामक सेबी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के लिए मंजूरी प्रदान कर दी है। एनएसई की आइपीओ योजना एक दशक से ज्यादा समय से अटकी हुई थी। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE को दस साल की कानूनी लड़ाई के बाद  IPO लाने की मंजूरी मिली है। मार्केट रेगुलेटर सेबी ने IPO फाइल करने के लिए NOC जारी कर दी है। इससे आईपीओ को लाने की बड़ी बाधा दूर हो गई है। एनएसई अब 1,400 करोड़ रुपए सेटलमेंट के बाद पेपर फाइल करेगी।

एनएसई ने 10 हजार करोड़ रुपये जुटाने के लिए 2016 में मसौदा दस्तावेज जमा किए थे। लेकिन प्रशासन में कमियों और को-लोकेशन केस से जुड़ी चिंताओं के कारण सेबी ने इसे मंजूरी नहीं दी थी। रेगुलेटरी और लीगल मुद्दों की वजह से वापस लेना पड़ा था। उसके बाद से को-लोकेशन और डार्क फाइबर जैसे मामलों में जांच चल रही थी, जिसने IPO को रोक रखा था। तब से लेकर अब तक एनएसई कई बार मंजूरी के लिए सेबी से संपर्क कर चुका है। NSE ने जून 2025 में सेबी के सामने सेटलमेंट एप्लीकेशन दाखिल की थी और करीब 1,400 करोड़ रुपए सेटलमेंट अमाउंट देने को तैयार हो गई है। नवंबर 2025 की फाइनेंशियल रिपोर्ट में NSE ने 1,297 करोड़ रुपए का प्रोविजन किया था, साथ ही पहले से 100 करोड़ रुपए जमा थे।

सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने जनवरी की शुरुआत में कहा था कि रेग्युलेटर ने को-लोकेशन मामले में एनएसई की निपटान याचिका को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। माना जा रहा था कि यह एनएसई आइपीओ के लिए रास्ता साफ करेगा। 

आईपीओ दिवाली के आसपास आ सकता है। ऑफर फॉर सेल के जरिए 2.5 फीसदी हिस्सेदारी ऑफर की जा सकती है। एक अनुमान मुताबिक NSE का अनलिस्टेड शेयर भाव ₹2,000 प्रति शेयर के करीब है, जिससे उसका मार्केट कैप करीब ₹5 लाख करोड़ बैठता है। यह लिस्टेड BSE से लगभग पांच गुना बड़ा है, जिसका मार्केट कैप शुक्रवार तक ₹1.13 लाख करोड़ था। 30 नवंबर तक इक्विटी कैश सेगमेंट में NSE की हिस्सेदारी 92.7% और इक्विटी ऑप्शंस सेगमेंट में 74.3% थी।

NSE के चेयरपर्सन श्रीनिवास इंजेटी ने कहा, ‘SEBI से IPO अप्रूवल मिलना हमारी ग्रोथ जर्नी में महत्वपूर्ण माइलस्टोन है। यह सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए वैल्यू क्रिएशन की नई शुरुआत है और भारतीय इकॉनमी में NSE की भूमिका को मजबूत करता है।’

एनएसई को यह मंजूरी भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज के लिए एक महत्वपूर्ण नियामक कदम है। अब एनएसई से उम्मीद की जा रही है कि वह अपने आईपीओ की संरचना और समय को अंतिम रूप देने के करीब पहुंचेगा। NSE अब आधिकारिक तौर पर मर्चेंट बैंकर और लॉ फर्म्स के साथ मिलकर अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) तैयार कर सकेगी। 8-9 महीने में NSE का IPO लॉन्च हो सकता है। एनएसई की बाजार में मजबूत स्थिति के कारण अच्छी लिस्टिंग की उम्मीद है।

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