भारतीय शेयर बाजार से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपना बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी में है।
नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपना बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी में है। एक विश्लेषणात्मक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए आने वाला यह मेगा आईपीओ करीब ₹30,000 करोड़ का हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन जाएगा। यह आईपीओ न केवल बाजार में एनएसई के एकाधिकार को दिखाएगा, बल्कि इसके बिजनेस मॉडल की ताकत को भी दुनिया के सामने रखेगा।
दो साल में जुड़े 4 करोड़ नए निवेशक, दुनिया का चौथा सबसे बड़ा बाजार बना भारत
ब्रोकरेज फर्म जेरोधा की 'डेली ब्रीफ' (Zerodha's Daily Brief) के विश्लेषण में एनएसई को भारतीय वित्तीय बाजार के बुनियादी ढांचे का "धड़कता हुआ दिल" बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में निवेशकों का इकोसिस्टम बेहद तेजी से फैल रहा है। मार्च 2026 तक एक्सचेंज के पास पंजीकृत निवेशकों की संख्या करीब 13 करोड़ दर्ज की गई है, जो कि दो साल पहले महज 9 करोड़ से थोड़ी ज्यादा थी। विश्लेषण में साफ कहा गया है कि, "भारत अब मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) के मामले में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा इक्विटी बाजार बन चुका है और देश ने महज दो साल में लगभग 4 करोड़ नए निवेशक जोड़े हैं।"
डेरिवेटिव्स और निफ्टी 50 वीकली ऑप्शंस से हुई छप्परफाड़ कमाई
इस रिपोर्ट में एनएसई की कमाई के स्रोतों का चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। वित्त वर्ष 2026 (FY26) के दौरान एक्सचेंज ने करीब ₹16,600 करोड़ का ऑपरेटिंग रेवेन्यू जेनरेट किया। इसका लगभग 79 प्रतिशत हिस्सा प्लेटफॉर्म पर होने वाले ट्रेड से वसूले जाने वाले ट्रांजैक्शन चार्ज से आता है। इसमें सबसे बड़ा गेम-चेंजर इक्विटी ऑप्शंस (Equity Options) साबित हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, "अकेले इक्विटी ऑप्शंस से ₹10,000 करोड़ का रेवेन्यू मिला, जो एनएसई की कुल कमाई का लगभग 60 फीसदी है। इस भारी-भरकम कमाई के पीछे मुख्य रूप से एक ही इंस्ट्रूमेंट का हाथ रहा और वह है-'निफ्टी 50 वीकली ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट'।"
बता दें कि एनएसई एक ऐसा अनोखा बिजनेस है जिसे बाजार के गिरने या चढ़ने से कोई फर्क नहीं पड़ता। जब तक देश का फाइनेंशियल मार्केट पूरी तरह ठप न हो जाए, इस दिग्गज को छूना मुश्किल है क्योंकि हर ट्रेड पर इसे तय कमीशन (ट्रांजैक्शन चार्ज) मिलता ही है। (Source: ANI)
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