शेयर बाजार में बुधवार को सुस्ती रही। सेंसेक्स 183 अंक गिरकर 77,472 और निफ्टी 126 अंक फिसलकर 24,207 पर बंद हुआ। आईटी शेयरों में भारी बिकवाली और मिक्स्ड ग्लोबल संकेतों का असर दिखा।
मुंबई (महाराष्ट्र)। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार के दौरान सुस्ती देखने को मिली और प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। आईटी, ऑटो, एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में भारी बिकवाली के चलते बाजार शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख पाया। बैंकिंग और मेटल शेयरों में आई तेजी भी बाजार को संभालने में नाकामयाब रही, जिसके चलते कारोबार के अंत में निवेशकों को निराशा हाथ लगी।
सेंसेक्स 183 अंक टूटा, निफ्टी में 126 अंकों की गिरावट
सेंसेक्स और निफ्टी में दर्ज हुई इस कमजोरी के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 183.15 अंक यानी 0.24 फीसदी की गिरावट के साथ 77,472.94 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक 126.80 अंक या 0.52 फीसदी टूटकर 24,207.75 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार जानकारों का मानना है कि सेक्टरों के बीच आपसी विपरीत रुख (सेक्टोरल डाइवर्जेंस) ने बेंचमार्क सूचकांकों पर दबाव बढ़ाने का काम किया।
IT शेयरों में बिकवाली से निवेशकों की चिंता बढ़ी
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने बाजार की चाल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, "अमेरिका द्वारा ईरान पर प्रतिबंधों में नरमी बरते जाने, घरेलू बॉन्ड यील्ड में नरमी आने और बैंकिंग शेयरों में लिवाली से मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं कम हुई थीं, जबकि बेहतर प्राप्ति/ वसूली (Realisation) की संभावनाओं से मेटल शेयरों में तेजी आई। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन द्वारा आव्रजन कार्रवाई के बीच वीजा अपॉइंटमेंट रोके जाने से आईटी शेयरों में आई कमजोरी ने मार्जिन के दबाव को लेकर चिंताओं को फिर से हवा दे दी, जिससे ये सभी gains बेअसर हो गए।"
गिरावट दर्ज करने वाले प्रमुख सेक्टर
एनएसई पर प्रमुख सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी आईटी इस कारोबारी सत्र में सबसे बड़ा नुकसान उठाने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 1.47 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, निफ्टी एफएमसीजी में 0.95 फीसदी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.93 फीसदी, निफ्टी रियल्टी में 0.83 फीसदी, निफ्टी ऑटो में 0.74 फीसदी, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.58 फीसदी और निफ्टी हेल्थकेयर में 0.07 फीसदी की सुस्ती देखी गई।
बढ़त बनाने वाले सेक्टरों का हाल
इसके विपरीत, कुछ सेक्टरों में खरीदारी का रुझान भी नजर आया। निफ्टी मेटल में 1.27 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक सूचकांक में 1 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया। इसके साथ ही निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.77 फीसदी, निफ्टी फार्मा में 0.23 फीसदी और निफ्टी मीडिया में 0.06 फीसदी की मामूली तेजी दर्ज की गई।
निफ्टी के टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी 50 के शेयरों में कोटक बैंक, एक्सिस बैंक, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और एचडीएफसी लाइफ आज के शीर्ष लाभ कमाने वाले शेयरों में शामिल रहे। दूसरी ओर, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड और इंफोसिस के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली, जो प्रमुख पिछड़ने वाले शेयरों में रहे।
विक्रम कासट का बाजार विश्लेषण
पीएल कैपिटल के एडवाइजरी एंड डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर, विक्रम कासट ने बाजार के रुख पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, "होरमुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से बाजार को कुछ समर्थन मिला, जबकि आईटी, ऑटो, एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सुस्त प्रदर्शन वाले सेक्टरों ने बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर डाला।"
कच्चे तेल में गिरावट और सोने-चांदी के भाव
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों के बीच बुधवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, सर्राफा बाजार में बुलियन की चाल मजबूत बनी रही, जहां 24 कैरेट सोना 1,62,120 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,43,698 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर ट्रेड करती नजर आई।
निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर
विक्रम कासट ने आगे कहा कि निवेशक आगे भी वैश्विक संकेतों, अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों, कच्चे तेल की चाल और एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशकों) के प्रवाह पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेंगे, साथ ही बुनियादी रूप से मजबूत शेयरों के प्रति चुनिंदा रुख अपनाना जारी रखेंगे।
ब्याज दरों पर अमेरिका के आंकड़ों का असर
वहीं, विनोद नायर का कहना है कि ब्याज दरों के दृष्टिकोण पर अधिक स्पष्टता पाने के लिए अब निवेशकों की निगाहें अमेरिका के कोर पीसीई आंकड़ों पर टिकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोर आंकड़े सीमित दायरे में रहते हैं, तो यह संकेत मिलेगा कि ऊर्जा की कीमतों में हालिया उछाल अस्थायी था, जिससे ब्याज दरों को लेकर चिंताएं कम होंगी और उभरते बाजारों में निवेश प्रवाह को बल मिलेगा।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुझान
एशियाई बाजारों की बात करें तो अधिकांश प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 0.68 फीसदी की तेजी के साथ 66,304 के स्तर पर बंद हुआ, हांगकांग का हैंग सेंग 0.50 फीसदी चढ़कर 25,640 पर पहुंच गया, ताइवान का वेटेड इंडेक्स 1.45 फीसदी की छलांग के साथ 45,832 पर बंद हुआ, और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.96 फीसदी की मजबूती के साथ 6,808 पर बंद हुआ। हालांकि, इसके उलट सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.25 फीसदी की गिरावट के साथ 5,721 पर बंद हुआ।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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