अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ की धमकियों के बाद ग्रीनलैंड पर कब्जा को लेकर नयी धमकी दी है। इससे दुनिया ट्रेड वॉर के मुहाने पर पहुंच गयी है।
मुंबई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ की धमकियों के बाद ग्रीनलैंड पर कब्जा को लेकर नयी धमकी दी है। इससे दुनिया ट्रेड वॉर के मुहाने पर पहुंच गयी है। हालांकि, यूरोपीय संघ भी जवाबी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर ट्रेड वॉर शुरू होने का खतरा बढ़ गया है। इस ग्लोबल अनिश्चितता के कारण भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। नतीजा ये हुआ कि कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1220 अंकों से भी अधिक लुढ़क गया। निफ्टी भी गिरकर 25,200 के भी नीचे आ गया जिससे निवेशकों के अरबों रुपये की भारी चपत लगी है।
सेंसेक्स में 1,065.78 अंक की ऐतिहासिक गिरावट, निफ्टी 353 अंक टूटा
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,065.78 अंक या 1.28% की गिरावट के साथ 82,180.47 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 353 अंक या 1.38% टूटकर 25,232.50 के स्तर पर बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट में इससे भी तेज गिरावट देखने को मिली। BSE Midcap और BSE Smallcap दोनों ही 2% से ज्यादा टूट गए। छोटे और मझोले शेयरों में भी भारी गिरावट दिखी। 700 से अधिक शेयर अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए, जो निवेशकों के बीच छाई गहरी निराशा को दिखाता है।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 8 पैसे गिरकर 90.98 पर पहुंचा भारतीय रुपया
मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 8 पैसे गिरकर 90.98 पर आ गया। फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और कमजोर घरेलू शेयर बाजार के कारण रुपये पर दबाव जारी है। आयातकों की मजबूत डॉलर मांग और लगातार विदेशी निवेश की निकासी ने भारतीय करेंसी पर दबाव बनाए रखा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव मंगलवार को 0.11% बढ़कर 64.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें देश में महंगाई और राजकोषीय दबाव को लेकर चिंताएं बढ़ा सकती हैं।
BSE पर गिरावट के साथ बंद होने वाले शेयरों की संख्या रही अधिक
शेयर मार्केट में आज मचे हाहाकार के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर गिरावट के साथ बंद होने वाले शेयरों की संख्या अधिक रही। एक्सचेंज पर कुल 4,402 शेयरों में आज कारोबार देखने को मिला। इसमें से सिर्फ 783 शेयर तेजी के साथ बंद हुए। वहीं 3,498 शेयरों में गिरावट देखी गई। जबकि 121 शेयर बिना किसी उतार-चढ़ाव के सपाट बंद हुए। इसके अलावा 65 शेयरों ने आज कारोबार के दौरान अपना नया 52-वीक हाई छुआ। वहीं 713 शेयरों ने अपने 52-हफ्तों का नया निचला स्तर छुआ।
लाल निशान में रहे सेक्टोरल सेक्टर के सभी इंडेक्स
सेक्टोरल सेक्टर के सभी इंडेक्स भी लाल निशान में रहे। सेक्टोरल फ्रंट पर रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा मार देखने को मिली और यह करीब 5% टूट गया। इसके अलावा ऑटो, आईटी, मीडिया, मेटल, PSU बैंक, फार्मा, ऑयल एंड गैस और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में 1.5% से 2.5% तक की गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स के 30 में 29 शेयर गिरावट के साथ बंद
शेयर मार्केट में आज की तेज गिरावट का आलम ये था कि बीएसई सेंसेक्स के 30 में 29 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। इसमें भी इटरनल (Eternal) का शेयर 4.02 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर्स रहा। वहीं बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, इंडिगो और ट्रेंट के शेयरों में 2.89 फीसदी से लेकर 3.88 फीसदी तक की गिरावट रही। शेयर बाजार में मचे हाहाकार के बीच सेंसेक्स का सिर्फ एक शेयर एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) बैंक आज 0.38 फीसदी की तेजी के साथ आज हरे निशान में बंद हुआ।
केवल दो दिनों में निवेशकों के डूबे 10 लाख करोड़
शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन भारी बिकवाली से निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। दो दिन में निवेशकों को 10 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं। विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से अपना पैसा तेजी से निकाल रहे हैं। महज दो दिनों के भीतर निवेशकों को लगभग 10 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए हैं। BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटल शुक्रवार को 468 लाख करोड़ रुपये था, जो आज गिरकर 458 लाख करोड़ रुपये के करीब आ गया है। सोमवार को FIIs ने भारतीय शेयर बाजार से 3,262 करोड़ रुपये की निकासी की। जनवरी महीने में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से करीब 29,315 करोड़ रुपये निकाल चुके है।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/mehbooba-mufti-clarifies-dixon-plan-is-ncs-agenda-not-ours/105671
महबूबा मुफ्ती ने फारूक अब्दुल्ला पर साधा निशाना, कश्मीरी पंडितों की वापसी का किया स्वागत