ज्वेलरी और घड़ियों का मशहूर ब्रांड टाइटन अब कृत्रिम हीरों के कारोबार में उतरेगा। टाइटन कंपनी ने बीयॉन के साथ मिलकर प्रयोगशाला (लैब) में तैयार किए गए हीरे के क्षेत्र में उतरने का ऐलान किया है।
नई दिल्ली। टाटा समूह का ज्वेलरी और घड़ियों का मशहूर ब्रांड "टाइटन" अब कृत्रिम हीरों के कारोबार में उतरेगा। टाइटन कंपनी ने "बीयॉन" के साथ मिलकर प्रयोगशाला (लैब) में तैयार किए गए हीरे के क्षेत्र में उतरने का ऐलान किया है। कंपनी ने टाइटन की तरह ही इस नए ब्रांड को शीर्ष स्थान पर पहुंचाने का लक्ष्य लेकर नये वेंचर है का ऐलान किया है।
टाइटन के प्रबंध निदेशक अजय चावला ने दी जानकारी
टाइटन के प्रबंध निदेशक (एमडी) अजय चावला ने इन्वेस्टर्स मीट के दौरान यह जानकारी दी। चावला ने विश्लेषकों को बताया, 'बीयॉन के साथ हम शीर्ष स्थान हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। शुरुआत में, जब हम देश के मेट्रो शहरों में पांच से 10 स्टोर खोलेंगे। इससे हमें बेहतर ढंग से समझ में आएगा कि हर एक सामान को बनाने और बेचने में कितना खर्च आ रहा है और हमारी कुल कमाई कितनी हो रही है। इससे हमें पता चलेगा कि हमारा अनुमान सही था या नहीं।'
लैब में तैयार डायमंड का बाजार 2 प्रतिशत से भी कम
चावला ने आगे कहा कि अगले कुछ महीनों में ये स्टोर खुल जाएंगे लेकिन कंपनी इन्हें सिर्फ महानगरों तक ही सीमित नहीं रखेगी। एक बार जब हमें यह समझ में आ जाएगा कि ये कैसे काम कर रहा है तब हम इसे और आगे भी ले जाएंगे।' कंपनी का अनुमान है कि लैब में तैयार किए गए डायमंड का बाजार पूरे डायमंड जड़े हुए गहनों के बाजार का 2 प्रतिशत से भी कम है।
कंपनी अपने मौजूदा हीरे के ब्रांड में जारी रखेगी निवेश
चावला ने आगे कहा, 'लेकिन इसमें बढ़ने की संभावना है। सवाल यह है कि आखिर यह कितना बड़ा होगा? हम अभी नहीं जान पाएंगे। यह बहुत शुरुआती चरण है और हम जानते हैं कि हम यह तब भी कर सकते हैं जब हम विकास कर रहे हैं और अपने मौजूदा कीमती हीरे के ब्रांड क्षेत्र में लगातार निवेश कर रहे हैं, जो तनिष्क, मिया, कैरटलेन, जोया हैं।' इसके साथ ही, कंपनी अपने मौजूदा हीरे के ब्रांड (तनिष्क, मिया, कैरटलेन, जोया) में निवेश जारी रखेगी।
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