बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने धार्मिक मंत्र 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' को लेकर मीडिया की रिपोर्टिंग पर नाराजगी जताई है।
मुंबई: मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने मीडिया के कुछ हिस्सों की आलोचना की है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने उनके धार्मिक नारे "हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" का गलत मतलब निकाला और इसे उनके विरोधियों के लिए एक चुनौती के तौर पर दिखाया। सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में बिग बी ने एक मीडिया रिपोर्ट पर नाराज़गी जताई, जिसमें उनके भक्ति मंत्र को उनके विरोधियों के लिए एक संदेश के तौर पर दिखाया गया था। हेडलाइन से लग रहा था कि उन्होंने उन्हें यह कहकर चुनौती दी थी, "अपने हाथी और घोड़े लाओ।"
अभिनेता ने मीडिया पर साधा निशाना
इस मतलब को धार्मिक भावनाओं का अपमान बताते हुए एक्टर ने कहा कि यह मंत्र भगवान कृष्ण को समर्पित एक आह्वान था। इसे टकराव की कहानी बनाने के लिए तोड़-मरोड़कर पेश नहीं किया जाना चाहिए था। "कृष्ण कन्हैया के लिए प्रार्थना के रूप में वो अक्सर जप करते हैं- "हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की", मीडिया उसका निरादर करके अपना प्रचार करने के लिए छापता है। देखिये ये अमिताभ अपने विरोधियों को चुनौती दे रहा है कि ले आओ हाथी घोड़ा हम अपने हथियारों से लड़ेंगे, डरेंगे नहीं, एक तो घोर निंदा एक जय श्री कृष्ण के उपलक्ष्य में और दूसरा, शब्दों को पलट कर विरोधियों को चुनौती देने की बात कर रहे हैं। बिग बी ने X पर लिखा, हमारे हथियार हम डरेंगे नहीं।' एक तरफ यह 'जय श्री कृष्ण' के नारे का बहुत बड़ा अपमान है और दूसरी तरफ वे शब्दों को तोड़-मरोड़कर विरोधियों को चुनौती देने जैसा बना रहे हैं।"
50 मिलियन फॉलोअर्स का दिया हवाला
उन्होंने मीडिया की ज़िम्मेदारी पर भी सवाल उठाया, प्रेस को लोकतंत्र का चौथा पिलर बताया और मीडिया के कुछ हिस्सों के व्यवहार की आलोचना की। अपनी पोस्ट में इस अनुभवी स्टार ने अपने 50 मिलियन फॉलोअर्स का भी ज़िक्र किया और दावा किया कि उनमें से एक हिस्सा ज़रूरत पड़ने पर जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने आगे कहा कि उनके शब्दों का बार-बार गलत मतलब निकालने से उनका इरादा और मज़बूत होगा। "सुनो मीडिया वालों, कान खोलकर सुनो मीडिया वालों, हमारे 50 मिलियन फॉलोअर्स हैं, जिस दिन हम सिग्नल देंगे, उनमें से सिर्फ 10 परसेंट ही हमला करने के लिए तैयार रहते हैं। आप हमारी बातों को जितना तोड़-मरोड़ कर पेश करेंगे और उनकी निंदा करेंगे।
मीडिया की रिपोर्टिंग पर अमिताभ का तंज
हमारे Ef के पास उतनी ही 100 गुना ज़्यादा क्षमता होगी कि वह वैसा ही करे। बस उनके बोलने की बात है। मीडिया क्या छापता है, देखिए: "अमिताभ बच्चन ने विरोधियों की धमकियों पर कटाक्ष किया, रहस्यमयी पोस्ट से निकाली निराशा- 'जाओ, अपने हाथी-घोड़े लेकर आओ' News18 हिंदी" देखो दोस्तों- आस्था का अनादर और बेतुका-बेतुका, निरर्थक या मूर्खतापूर्ण। हास्यास्पद (हास्यस्पद)- हास्यास्पद या हंसने योग्य (उपहास उड़ाना)। असंगत, ये वे हैं जिन्हें देश का 5वां स्तंभ माना जाता है- और 4 स्तंभ हमारी परंपराओं में सम्मान और आदर के साथ पूजनीय हैं। इसे पांचवां इसलिए कहा जाता है, क्योंकि नागरिक उन्हें सम्मान देते हैं। समाज में उन्हें इज़्ज़त का दर्जा दिया जाता है। इज़्ज़त? इससे ज़्यादा मज़ाकिया बात और कुछ नहीं हो सकती।
मीडिया की जवाबदेही पर उठाए सवाल
एक्टर ने यह भी कहा कि लोगों को अपनी गलतियां माननी चाहिए और जब वे गलत हों तो माफी मांगनी चाहिए, लेकिन मीडिया के बर्ताव में यही जवाबदेही नहीं दिखी। अपनी पोस्ट खत्म करते हुए, बच्चन ने कहा कि शुरू में उनका इरादा कवरेज से आहत किसी के तौर पर अपनी भावनाएं ज़ाहिर करने का था, लेकिन उन्होंने ऐसा न करने का फैसला किया, यह कहते हुए कि उनका दर्द निजी था और वह इसे मीडिया के साथ शेयर नहीं करना चाहते थे। अगर हम कोई गलती करते हैं- गलतियां होती हैं- हम तुरंत माफी मांगते हैं और सुधारने की कोशिश करते हैं, लेकिन यहां ऐसा लगता है कि यह उनका जन्मसिद्ध अधिकार है। मैं एक पीड़ित के तौर पर प्यार और स्नेह के साथ कहने वाला था, मैं सोने जा रहा हूं, लेकिन मैं पीड़ित नहीं कहूंगा- मेरे दर्द का अधिकार सिर्फ मेरा है- मीडिया के लायक नहीं है। यह नई बात उनके पहले के ब्लॉग के बैकग्राउंड में आई है, जिसके बारे में कई मीडिया आउटलेट्स ने रिपोर्ट किया था कि बिग बी अपने ब्लॉग में उन लोगों को जवाब दे रहे थे जो उनके बारे में लिखना बंद करने की धमकी दे रहे थे। कुछ छोटे हैं, कुछ बड़े हैं, कुछ सोना ज़्यादा पसंद करते हैं।
अमिताभ की मीडिया को दो टूक
अब देखो इसकी हेडलाइन कैसे बनाई जाएगी। डराओ मत यार, हमारे बारे में लिखना बंद कर दोगे, कोई समस्या नहीं, हमारा समाचार पत्र अब यहां चलता है। तुम एक करोगे, हम 100 करेंगे। कुछ जवान हैं, कुछ बड़े हैं और कुछ बस ज़्यादा सोना पसंद करते हैं। अब देखते हैं कि वे इसके लिए क्या हेडलाइन बनाते हैं। मुझे धमकी मत दो, मेरे दोस्त। अगर तुम हमारे बारे में लिखना बंद कर दो, तो कोई बात नहीं। हमारा अखबार अब यहीं चलता है। तुम एक करो, और हम सौ करेंगे। उस ब्लॉग के आखिर में उन्होंने कहा था, जाओ! ले आओ अपने हाथी घोड़े। हम भी ले आएंगे। हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की। आगे बढ़ो! अपने हाथी और घोड़े लाओ, हम भी अपने लाएंगे। भगवान कृष्ण की जय। एक्टर की लेटेस्ट पोस्ट में मीडिया की भी बुराई की गई, जिसे उन्होंने अकाउंटेबिलिटी की कमी बताया, और कहा कि लोगों को अपनी गलतियां माननी चाहिए और जब वे गलत हों तो माफी मांगनी चाहिए।
(इनपुट: ANI)
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