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अनुभव सिन्हा ने साझा की अपनी सोच

अनुभव सिन्हा ने बताया महात्मा गांधी की नैतिक ताकत का प्रभाव, मनोज बाजपेयी निभाएंगे गांधी की भूमिका

अनुभव सिन्हा ने महात्मा गांधी की नैतिक ताकत और स्वतंत्रता सेनानियों के आपसी सम्मान पर अपनी सोच साझा की। सुधीर मिश्रा के निर्देशन में बन रही फिल्म में मनोज बाजपेयी गांधी की भूमिका निभाएंगे।

अनुभव सिन्हा ने बताया महात्मा गांधी की नैतिक ताकत का प्रभाव मनोज बाजपेयी निभाएंगे गांधी की भूमिका

Anubhav Sinha on Mahatma Gandhi's Moral Strength, Manoj Bajpayee to Play Gandhi |

मुंबई (महाराष्ट्र)। फिल्म निर्माता अनुभव सिन्हा ने महात्मा गांधी की शख्सियत, उनकी नैतिक ताकत और लोगों पर उनके प्रभाव को लेकर अपनी सोच साझा की है। अनुभव सिन्हा के मुताबिक, गांधी जी की सबसे बड़ी ताकत यह थी कि उनके कहने पर लोग अपने मतभेद भुलाकर एकजुट हो जाते थे। वहीं, उन्होंने महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल और जवाहरलाल नेहरू जैसे नेताओं के बीच आपसी सम्मान और देश के प्रति समर्पण का भी जिक्र किया। अनुभव सिन्हा और सुधीर मिश्रा की आगामी फिल्म आजादी के दौर के एक कम चर्चित अध्याय पर आधारित है, जिसमें मनोज बाजपेयी महात्मा गांधी की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म में सौरभ शुक्ला और वहीदा रहमान भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। इस फिल्म के जरिए इतिहास के उस दौर के मानवीय पहलुओं और गांधी जी के व्यक्तित्व को बड़े पर्दे पर पेश करने की तैयारी है।

गांधी के जीवन के 21 दिनों पर आधारित है फिल्म की कहानी

अनुभव सिन्हा और सुधीर मिश्रा ने इस फिल्म के लिए साथ काम किया है। कहानी आजादी के दौर के उन 21 दिनों पर केंद्रित है, जब महात्मा गांधी दिल्ली में सत्ता के केंद्र से दूर चले गए थे और उनका यह कदम आत्मचिंतन से जुड़ा था। फिल्म में मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका में हैं, जबकि सौरभ शुक्ला भी अहम किरदार निभाएंगे। इस प्रोजेक्ट का निर्माण अनुभव सिन्हा और नरेंद्र हिरावत ने बनारस मीडिया वर्क्स के बैनर तले किया है, जबकि इसे NH स्टूडियोज प्रस्तुत कर रहा है।

बेटे के साथ बातचीत में गांधी के प्रभाव का किया जिक्र

अनुभव सिन्हा ने अपने बेटे के साथ महात्मा गांधी के प्रभाव और उनकी नैतिक ताकत को लेकर हुई बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि गांधी लोगों से कहते थे कि अगर वे आपस में झगड़ना बंद नहीं करेंगे, तो वह खाना नहीं खाएंगे। इस बात पर उनके बेटे ने हंसते हुए पूछा, 'तो?' इसके जवाब में सिन्हा ने कहा कि लोग झगड़ा बंद कर देते थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा एक बार नहीं, बल्कि कई बार हुआ और यही गांधी की शख्सियत का प्रभाव था।

गांधी और आंबेडकर के बीच मतभेदों के बावजूद सम्मान की मिसाल

अनुभव सिन्हा ने महात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. आंबेडकर के संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर के नेता अपने मतभेदों के बावजूद देश को प्राथमिकता देते थे। उन्होंने बताया कि संविधान सभा के गठन के समय आंबेडकर ने जवाहरलाल नेहरू से संविधान लिखने की जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को देने की बात कही, जो देश और वंचितों को बेहतर समझता हो। सिन्हा के अनुसार, गांधी की आलोचना करने वाले आंबेडकर ने भी देशहित में साथ काम करने का निर्णय लिया और कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए।

गांधी, पटेल और नेहरू के आपसी संबंधों पर भी बोले अनुभव सिन्हा

अनुभव सिन्हा ने सरदार वल्लभभाई पटेल, महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के बीच आपसी सम्मान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पटेल को अधिक वोट मिलने के बावजूद गांधी ने नेहरू का नाम आगे रखा और पटेल पीछे हट गए। सिन्हा के मुताबिक, इन नेताओं के बीच मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के प्रति दुश्मनी या तंज कसने वाली टिप्पणियां देखने को नहीं मिलती थीं। उन्होंने गांधी, पटेल, नेहरू, वी.पी. मेनन, भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसी ऐतिहासिक शख्सियतों पर और काम किए जाने की जरूरत पर भी जोर दिया।

वहीदा रहमान की मौजूदगी से फिल्म को लेकर बढ़ी चर्चा

इस फिल्म को लेकर पहले से ही चर्चा है और दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान के इससे जुड़ने के बाद उत्सुकता और बढ़ गई है। वह आठ साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं। फिल्म में मनोज बाजपेयी और सौरभ शुक्ला के साथ वहीदा रहमान भी नजर आएंगी। फिल्म की कहानी में इतिहास के मानवीय पहलुओं को सामने लाने की कोशिश की गई है, जिसमें महात्मा गांधी के जीवन के एक महत्वपूर्ण दौर को केंद्र में रखा गया है।

सुधीर मिश्रा कर रहे हैं फिल्म का निर्देशन

इस फिल्म का निर्देशन सुधीर मिश्रा कर रहे हैं, जबकि अनुभव सिन्हा और नरेंद्र हिरावत इसके निर्माता हैं। फिल्म का निर्माण बनारस मीडिया वर्क्स के बैनर तले किया जा रहा है और इसे NH स्टूडियोज प्रस्तुत कर रहा है। मनोज बाजपेयी महात्मा गांधी की भूमिका में नजर आएंगे, जबकि सौरभ शुक्ला भी महत्वपूर्ण किरदार निभाएंगे। यह प्रोजेक्ट भारतीय स्वतंत्रता के इतिहास से जुड़े एक कम चर्चित अध्याय को सिनेमाई रूप में पेश करेगा।

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