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इमरान खान को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत

इमरान खान को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत, 'लीव इंडिया' नोटिस पर 7 दिसंबर तक रोक

बॉलीवुड एक्टर इमरान खान को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी 'लीव इंडिया' नोटिस पर अंतरिम रोक 7 दिसंबर तक बढ़ा दी है।

इमरान खान को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत लीव इंडिया नोटिस पर 7 दिसंबर तक रोक

इमरान खान को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत |

मुंबई: बॉलीवुड एक्टर इमरान खान को सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत मिली। कोर्ट ने उन्हें इलेक्टोरल रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन में कथित तौर पर मौजूद रहने पर जारी 'लीव इंडिया' नोटिस पर अपनी रोक 7 दिसंबर तक बढ़ा दी है। कोर्ट के आदेश से एक्टर को भारत में रहने की इजाज़त मिल गई है और नोटिस के खिलाफ अंतरिम सुरक्षा 7 दिसंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक लागू रहेगी। इससे पहले खान ने बॉम्बे हाई कोर्ट में एक रिट पिटीशन दायर की थी, जिसमें फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (FRRO), मुंबई द्वारा जारी 14 अक्टूबर, 2026 के लीव इंडिया नोटिस (LIN) को चुनौती दी गई थी, जिसमें उन्हें 28 अक्टूबर को या उससे पहले भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था।

FRRO के भारत छोड़ने के नोटिस को एक्टर ने हाई कोर्ट में दी चुनौती

एक बयान में एक्टर की टीम ने कहा कि इमरान खान पाल, एक एक्टर और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डहोल्डर ने नोटिस जारी करने में FRRO द्वारा अपनाए गए प्रोसेस को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। बयान में कहा गया, "मिस्टर इमरान खान पाल, एक्टर और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डहोल्डर, जो 2 साल की उम्र से भारत में रह रहे हैं, ने माननीय बॉम्बे हाई कोर्ट में एक रिट पिटीशन फाइल की है। इसमें फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (FRRO), मुंबई के 14.10.2026 के लीव इंडिया नोटिस (LIN) को चुनौती दी गई है, जिसमें उन्हें 28.10.2026 को या उससे पहले भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है। पिटीशन में FRRO के अपनाए गए प्रोसेस को चुनौती दी गई है। FRRO ने यह नतीजा निकाला कि इमरान ने एक प्रोटेस्ट में हिस्सा लिया था, और इसी आधार पर उन्हें भारत छोड़ने का आदेश दिया। ऐसा उन्हें सुनवाई का कोई मौका दिए बिना किया गया।

बिना सुनवाई नोटिस जारी करने का आरोप

एक्टर की पिटीशन में कहा गया है कि नोटिस में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के उन प्रोविज़न के बारे में नहीं बताया गया है, जिनका उन्होंने कथित तौर पर उल्लंघन किया है। इसमें यह भी कहा गया है कि नोटिस बिना शो-कॉज नोटिस दिए या उन्हें अपना केस पेश करने का मौका दिए जारी किया गया था। पिटीशन के मुताबिक, खान के पास 2006 से ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) स्टेटस है और वह करीब दो साल की उम्र से इंडिया में रह रहे हैं। उन्होंने इंडिया के साथ अपने पुराने जुड़ाव को दिखाने के लिए अपनी एजुकेशन, प्रोफेशनल काम और देश में फैमिली रिश्तों का हवाला दिया है। एक्टर ने नोटिस को 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान और नाना चौक के पास हुई एक घटना से जोड़ा है, जहां उनका कहना है कि उन्हें पुलिस ने कुछ देर के लिए हिरासत में लिया था। उनके बयान के मुताबिक, वह अपनी गाड़ी की तरफ लौट रहे थे, तभी मीडिया वालों ने उन्हें घेर लिया और पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। उन्होंने किसी भी रोके हुए या बैरिकेड वाले एरिया में घुसने या मौके से जाने के पुलिस के निर्देशों को न मानने से इनकार किया है।

OCI कार्ड रद्द करने का नोटिस

उनकी टीम ने कहा, पिटीशन फाइल होने के बाद FRRO ने एक डिटेल्ड कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में इमरान से पूछा गया है कि 10.10.2026 की सभा में उनकी मौजूदगी की वजह से उनका OCI रजिस्ट्रेशन कैंसिल क्यों न कर दिया जाए, जहां उन्हें मुंबई पुलिस ने कुछ देर के लिए हिरासत में लिया था। इमरान न तो प्रोटेस्ट के ऑर्गनाइज़र थे और न ही उसमें हिस्सा लेने वाले थे। वह यह देखने गए थे कि क्या हो रहा है। इससे पहले कि वह साइट पर पहुंच पाते, उन्हें मीडिया ने घेर लिया और पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पिटीशन में आगे कहा गया है कि खान को परिवार के सदस्यों के साथ येलो गेट पुलिस स्टेशन ले जाया गया और बाद में छोड़ दिया गया। इसमें 10 अक्टूबर को गामदेवी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रोविज़न के तहत दर्ज एक FIR का ज़िक्र है। खान ने कहा है कि आरोप साबित न होने के बावजूद, नोटिस FIR के संबंध में जारी किया गया लगता है।

नोटिस रद्द करने और देश निकाले पर रोक लगाने की मांग

पिटीशन में यह भी बताया गया है कि उनके अनुसार, नोटिस जारी होने के समय कोई चार्जशीट फाइल नहीं की गई थी और न ही कोई चार्ज फ्रेम किए गए थे। यह तर्क देते हुए कि भारत छोड़ने के निर्देश के उनके लिए गंभीर नतीजे हो सकते हैं। खान ने इस कार्रवाई को गैर-ज़रूरी और उन कानूनी सुरक्षा उपायों का उल्लंघन बताते हुए चुनौती दी है, जिनका दावा उनके मामले में किया गया है। उन्होंने नोटिस के हालात और समय पर भी चिंता जताई है, जिसमें उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए जनता की मांग भी शामिल है। याचिका में नोटिस को रद्द करने और FRRO द्वारा बताए गए रिकॉर्ड और सामग्री को सार्वजनिक करने की मांग की गई है। खान ने दबाव डालने वाले कदमों के खिलाफ अंतरिम सुरक्षा भी मांगी है, जिसमें भारत से उन्हें निकालना या देश निकाला देना, ब्लैकलिस्ट करना, या उनके OCI रजिस्ट्रेशन पर असर डालने वाली कोई भी कार्रवाई शामिल है, जब तक मामला कोर्ट में पेंडिंग है। 

(ANI)

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