फिटनेस एक्सपर्ट नम्रता पुरोहित ने बताया कि जान्हवी कपूर और सारा अली खान करीब 10 साल से उनके साथ पिलेट्स ट्रेनिंग कर रही हैं। उन्होंने सेलेब्रिटीज के अनुशासन और अपने बिजनेस के अनुभव भी साझा किए।
मुंबई (महाराष्ट्र)। बॉलीवुड अभिनेत्री जान्हवी कपूर और सारा अली खान पिछले करीब 10 सालों से फिटनेस एक्सपर्ट नम्रता पुरोहित से पिलेट्स की ट्रेनिंग ले रही हैं। नम्रता ने बातचीत में बताया कि दोनों अभिनेत्रियां अब पिलेट्स की तकनीक, बॉडी मूवमेंट, ब्रीदिंग और सही फॉर्म को अच्छी तरह समझने लगी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जान्हवी कपूर कभी-कभी अपने दोस्तों को भी पिलेट्स सिखाती हैं। नम्रता के मुताबिक, बॉलीवुड सितारों से उन्होंने अनुशासन, फोकस और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसे अहम सबक सीखे हैं। इसके अलावा, नम्रता और उनके पिता समीर पुरोहित ने हाल ही में अपना 50वां पिलेट्स स्टूडियो खोलकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नम्रता ने अपने शुरुआती बिजनेस सफर का अनुभव साझा करते हुए बताया कि भरोसे के आधार पर की गई साझेदारी में आई मुश्किलों से उन्होंने सीखा कि बिजनेस में हर समझौता लिखित और स्पष्ट होना चाहिए।
जान्हवी कपूर अब दूसरों को भी सिखा सकती हैं पिलेट्स
बातचीत में नम्रता पुरोहित ने बताया कि जान्हवी कपूर पिलेट्स में काफी माहिर हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वह कभी-कभी जान्हवी से मजाक में कहती हैं कि अब वह खुद इंस्ट्रक्टर बन सकती हैं। नम्रता के मुताबिक, जान्हवी मूवमेंट को अच्छी तरह समझती हैं और कभी-कभी यात्रा के दौरान अपने दोस्तों की क्लास भी ले लेती हैं। उन्होंने कहा कि जान्हवी ने इस एक्सरसाइज के बारे में काफी कुछ सीखा है, जो उनके लिए खुशी की बात है।
फॉर्म, ब्रीदिंग और मूवमेंट की समझ ने बनाया माहिर
नम्रता पुरोहित ने कहा कि उन्हें यह देखकर अच्छा लगता है कि जान्हवी और सारा ने अपने शरीर को बेहतर ढंग से समझना सीख लिया है। दोनों न केवल खुद पिलेट्स कर सकती हैं, बल्कि फॉर्म, मूवमेंट, ब्रीदिंग और मांसपेशियों को सक्रिय रखने की तकनीक को भी अच्छी तरह समझती हैं। उनके अनुसार, इन चीजों की बेहतर समझ के कारण दोनों दूसरे लोगों को भी सही तरीके से अभ्यास करने में मदद कर सकती हैं। नम्रता ने दोनों अभिनेत्रियों की इस प्रगति को सकारात्मक अनुभव बताया।
सेलेब्रिटीज से नम्रता पुरोहित ने सीखा अनुशासन का महत्व
नम्रता ने बताया कि वह जहां सेलेब्रिटीज को फिटनेस ट्रेनिंग देती हैं, वहीं उनसे खुद भी बहुत कुछ सीखती हैं। उनके मुताबिक, सेलेब्रिटीज से मिलने वाली सबसे बड़ी सीख अनुशासन और दृढ़ संकल्प है। उन्होंने कहा कि वे अपने लक्ष्य को लेकर काफी फोकस्ड रहते हैं और उसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करते हैं। नम्रता के अनुसार, वे ट्रेनिंग के दौरान दी गई सलाह का पालन करते हैं और यही अनुशासन उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में मदद करता है।
क्या है पिलेट्स और क्यों किया जाता है इसका अभ्यास?
पिलेट्स मन और शरीर के बीच तालमेल बेहतर बनाने वाली एक्सरसाइज पद्धति है, जिसकी शुरुआत 20वीं सदी में हुई थी। इसे जोसेफ पिलेट्स ने विकसित किया था। इस अभ्यास में केवल ताकत और लचीलेपन पर ही नहीं, बल्कि शरीर के मध्य हिस्से की मजबूती, नियंत्रित मूवमेंट, शारीरिक जागरूकता और एकाग्रता पर भी ध्यान दिया जाता है। फिटनेस के प्रति अपने समग्र दृष्टिकोण के कारण पिलेट्स आज भी काफी लोकप्रिय है।
नम्रता और समीर पुरोहित ने देश में बढ़ाई पिलेट्स की पहुंच
नम्रता पुरोहित और उनके पिता समीर पुरोहित ने भारत में पिलेट्स को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दोनों ने इस फिटनेस पद्धति के प्रति लोगों की समझ बढ़ाने और इसे अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए काम किया है। हाल ही में उन्होंने अपना 50वां पिलेट्स स्टूडियो खोलने की उपलब्धि हासिल की। उनके स्टूडियो के जरिए देश में अधिक लोगों को इस एक्सरसाइज का अभ्यास करने का अवसर मिल रहा है।
बिजनेस में धोखे से मिला बड़ा सबक, हर समझौते को लिखित रखने की सीख
नम्रता पुरोहित ने अपने कारोबारी सफर की शुरुआती चुनौतियों को याद करते हुए बताया कि एक ऐसे व्यक्ति के साथ साझेदारी करना, जिस पर उन्होंने केवल मौखिक भरोसा किया था, उनके लिए मुश्किल अनुभव साबित हुआ। स्टूडियो के विस्तार के दौरान हुई इस घटना ने उन्हें सिखाया कि बिजनेस में हर समझौते को लिखित रूप में रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भरोसे के बावजूद गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं, इसलिए सभी शर्तों और बातों को स्पष्ट रूप से दर्ज करना चाहिए।

पिता के साथ शुरुआती संघर्षों ने सिखाई कारोबारी समझ
नम्रता ने बताया कि उस समय वह और उनके पिता समीर पुरोहित इन मामलों में काफी भरोसा करने वाले और अनुभवहीन थे। उन्होंने कहा कि करियर और जिंदगी की शुरुआत में ही मिले इस अनुभव ने उन्हें बिजनेस से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सबक सिखाया। उनके मुताबिक, जब सभी समझौते लिखित और स्पष्ट होते हैं, तो अस्पष्टता की गुंजाइश कम हो जाती है। नम्रता ने इसे अपने सबसे बड़े कारोबारी सबकों में से एक बताया। (Source: ANI)
यह भी पढ़ें: अनुभव सिन्हा ने बताया महात्मा गांधी की नैतिक ताकत का प्रभाव, मनोज बाजपेयी निभाएंगे गांधी की भूमिका