प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

फिल्म विवाद गहराया

'सतलुज' को OTT से हटाने पर कुणाल कामरा ने CBFC पर उठाए सवाल

'सतलुज' फिल्म को OTT से हटाए जाने के बाद कुणाल कामरा ने CBFC की भूमिका पर सवाल उठाया है।

सतलुज को ott से हटाने पर कुणाल कामरा ने cbfc पर उठाए सवाल

Kunal Kamra Questions CBFC After 'Sutlej' Removed from OTT Platform |

मुंबई,(महाराष्ट्र)। कॉमेडियन कुणाल कामरा ने दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म ‘सतलुज’ को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ZEE5 से हटाए जाने के बाद केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की आलोचना की है। उन्होंने सवाल उठाया कि फिल्म के लिए 127 कट की मांग क्यों की गई और सेंसर प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता की मांग की।

कुणाल कामरा ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

कुणाल कामरा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि CBFC का OTT प्लेटफॉर्म या अंतरराष्ट्रीय रिलीज पर अधिकार क्षेत्र नहीं है। उन्होंने दावा किया कि फिल्म का विषय मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन से जुड़ा है, जिन्होंने पंजाब में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को उजागर किया था।

सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली पर उठाया सवाल

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, कि अगर दस्तावेजी तथ्यों पर आधारित किसी फिल्म को भारतीय दर्शकों तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा है, तो जनता को यह जानने का अधिकार है कि इसके पीछे कारण क्या है। कामरा ने सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पत्रकारों को बोर्ड के फैसलों और उसके मानदंडों पर जवाब मांगना चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि कुछ फिल्मों को आसानी से मंजूरी मिल जाती है, जबकि कुछ अन्य लंबे समय तक अटकी रहती हैं।

फिल्म को दोबारा उपलब्ध कराने के विकल्पों पर विचार

विवाद के बीच ‘सतलुज’ को OTT प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। ZEE5 ने एक बयान जारी कर पुष्टि की कि फिल्म अगले आदेश तक भारत में उपलब्ध नहीं होगी। प्लेटफॉर्म ने यह भी कहा कि फिल्म को दोबारा दर्शकों के लिए उपलब्ध कराने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित फिल्म

फिल्म को लेकर कई हस्तियों और राजनीतिक नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने पंजाब में उग्रवाद के दौर के दौरान कथित अवैध हत्याओं और गुप्त अंतिम संस्कारों के मामलों को सामने लाने का काम किया था। जसवंत सिंह खालरा 1995 में लापता हो गए थे और बाद में उनका शव सतलुज नदी के पास हरिके पुल के क्षेत्र में मिला था। आरोप लगाया गया था, कि उनका अपहरण और हत्या तत्कालीन पंजाब पुलिस के कुछ अधिकारियों की भूमिका के कारण हुई।

हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी ‘सतलुज’

हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी ‘सतलुज’ का निर्माण आरएसवीपी और मैकगफिन पिक्चर्स ने किया है। फिल्म में दिलजीत दोसांझ के अलावा अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान जैसे कलाकार भी नजर आते हैं। (एएनआई)

यह भी पढ़ेंः अंशुला कपूर ने रोहन ठक्कर संग रचाई शादी, साझा की खूबसूरत तस्वीरें

Related to this topic: