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फिल्म 'हनुमान अंश' की नई रिलीज डेट घोषित

नीम करौली बाबा की विरासत पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' की नई रिलीज डेट घोषित

नीम करौली बाबा के जीवन और विरासत से प्रेरित फिल्म 'हनुमान अंश' अब 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म करुणा, सेवा और आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित एक भावनात्मक कहानी पेश करती है।

नीम करौली बाबा की विरासत पर बनी फिल्म हनुमान अंश की नई रिलीज डेट घोषित

Hanuman Ansh New Release Date Announced |

मुंबई: "नीम करौली बाबा" के जीवन और विरासत से प्रेरित फिल्म 'हनुमान अंश' की रिलीज डेट बदल दी गई है। अब यह फिल्म 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म व्यापार विश्लेषक तरण आदर्श ने अपने X अकाउंट पर यह घोषणा की है। उन्होंने लिखा, 'हनुमान अंश' को नई रिलीज डेट 7 अगस्त 2026 मिली है। इसे प्रमुख हस्तियों से सराहना और भरपूर समर्थन मिला है। चुनिंदा स्क्रीनिंग में 'हनुमान अंश' को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। कई जानी-मानी हस्तियों ने इसकी सराहना और समर्थन किया है।

फिल्म का नाम क्यों हैं 'हनुमान अंश'?

विशाल चतुर्वेदी द्वारा लिखित और निर्देशित इस फिल्म में शोभिना डब्ल्यू सत्या, विहान एस हेगड़े, चंदन आनंद, पूर्णिमा तिवारी, अनिल के रस्तोगी और गुलशन पांडे मुख्य भूमिका में हैं। इससे पहले, एएनआई से बात करते हुए निर्देशक चतुर्वेदी ने कहा कि उन्होंने जानबूझकर फिल्म का शीर्षक 'हनुमान अंश' चुना ताकि संत का सीधा नाम लेने के बजाय एक आध्यात्मिक अवधारणा को दर्शाया जा सके।

एक वैचारिक नाम 'हनुमान अंश'

उन्होंने कहा, मैं उनके नाम का सीधा उपयोग न करने को लेकर बहुत सचेत था। अपनी रिसर्च के दौरान जब मैं नीम करौली गांव पहुंचा, तो वहां के लोगों ने मुझे बताया कि उन्हें 'अंशिक हनुमान' या 'अंशिक अवतार' के नाम से जाना जाता था। 'हनुमान अंश' एक वैचारिक नाम है। मैं सीधे तौर पर यह नहीं कह रहा हूं कि नीम करौली बाबा ही हनुमान अंश थे। यह 'हनुमान अंश' नामक एक अवधारणा की कहानी है, जो नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित है।

फिल्म की पटकथा तैयार करते समय लिया कई स्रोतों का सहारा

फिल्म निर्माता ने कहा कि पटकथा तैयार करते समय उन्होंने कई स्रोतों का सहारा लिया। मैंने भारतीय लेखकों, किताबों, वेबसाइटों और संदर्भों का अध्ययन किया, लोगों से बातचीत की और बाबा से जुड़े स्थानों पर खुद भी शोध किया। बाद में मैंने इन सभी जानकारियों को 'दिव्य भ्रमण' नामक पुस्तक में संकलित किया और इन्हीं स्रोतों से कहानी का रूप दिया। 

नीम करौली बाबा के अधिकांश भक्त हैं जेनरेशन Z के

विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक यह थी कि फिल्म के आध्यात्मिक सार को बनाए रखते हुए इसे युवा दर्शकों के लिए प्रासंगिक बनाया जाए। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ बाबा में आस्था रखने वालों के लिए फिल्म नहीं बनाना चाहता था। आज का युवा पहले से ही आध्यात्मिकता से जुड़ा हुआ है। नीम करौली बाबा के अधिकांश भक्त जेनरेशन Z के हैं। अच्छा म्यूजिक और अच्छी कहानी कहने का तरीका कहानी के मूल भाव को बदले बिना युवा दर्शकों से जुड़ सकता है।

किस आधार पर बनी है फिल्म

फिल्म के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए निर्देशक ने कहा कि दर्शकों को चमत्कारों से भरी कहानी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। हमने कोई चमत्कारिक फिल्म नहीं बनाई है। हमने महाराज जी की 'लीलाओं' पर फिल्म बनाई है। यह फिल्म मानवीय भावनाओं और संवेदनाओं के इर्द-गिर्द बुनी गई है। यह दिखाती है कि कैसे एक संत करुणा, सेवा और अपने संदेश के माध्यम से समाज में दीर्घकालिक परिवर्तन ला सकते हैं। 

क्या दिखाती है यह फिल्म?

निर्देशक के अनुसार, फिल्म बाबा जी के भूखों को भोजन कराने और समाज के हाशिए पर रहने वालों की देखभाल करने के महत्व को भी उजागर करती है। रागिनी एस, नम्रता जी सिंह, अनुप्रिया ए नागर और विशाल चतुर्वेदी द्वारा निर्मित यह फिल्म सिनेपोलिस द्वारा अखिल भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी। 

(एएनआई)

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