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राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द

उत्तराखंड के 6 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दल डीलिस्ट, 11 को नोटिस

निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण में 11 अन्य निष्क्रिय पंजीकृत अमान्यता प्राप्त दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ये दल वर्ष 2019 से अब तक किसी भी चुनाव में शामिल नहीं हुए हैं।

उत्तराखंड के 6 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दल डीलिस्ट 11 को नोटिस

देहरादून: भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड के 6 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई 9 अगस्त को जारी आदेश के तहत उन दलों पर हुई, जो पिछले 6 वर्षों से ना तो किसी चुनाव में उतरे और ना ही उनके पते भौतिक सत्यापन में मिल पाए। आयोग ने इन दलों को आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिन के भीतर अंतिम अपील का अवसर दिया है।

डीलिस्ट किए गए दल

  • भारतीय जनक्रांति पार्टी, देहरादून
  • हमारी जनमंच पार्टी, देहरादून
  • मैदानी क्रांति दल, देहरादून
  • प्रजा मंडल पार्टी, पौड़ी गढ़वाल
  • राष्ट्रीय ग्राम विकास पार्टी, हरिद्वार
  • राष्ट्रीय जन सहाय दल, देहरादून

दूसरे चरण में 11 दलों को नोटिस

निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण में 11 अन्य निष्क्रिय पंजीकृत अमान्यता प्राप्त दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ये दल वर्ष 2019 से अब तक किसी भी चुनाव में शामिल नहीं हुए हैं। इन्हें जवाब देने के लिए 27 अगस्त 2025 तक का समय दिया गया है।

नोटिस पाने वाले दल

भारत कौमी दल, भारत परिवार पार्टी, भारतीय मूल निवासी समाज पार्टी, भारतीय सम्राट सुभाष सेना, भारतीय अन्तोदय पार्टी, भारतीय ग्राम नगर विकास पार्टी, गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट, पीपल्स पार्टी, प्रजातंत्र पार्टी ऑफ इंडिया, सुराज सेवा दल, उत्तराखंड जनशक्ति पार्टी।

आयोग का कहना है कि यह कदम राजनीतिक व्यवस्था के शुद्धिकरण और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है। देश में राजनीतिक दलों का पंजीकरण लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत होता है।

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