All India Bar Examination : कानून की पढ़ाई करने वाले छात्रों को अदालतों में प्रैक्टिस करने के लिए वकील के रूप में पंजीकरण के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
All India Bar Examination : कानून की पढ़ाई करने वाले छात्रों को अदालतों में प्रैक्टिस करने के लिए वकील के रूप में पंजीकरण के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। विधि स्नातकों के वकील के रूप में पंजीकृत करने के लिए होने वाली अखिल भारतीय बार परीक्षा (एआईबीई) साल में दो बार आयोजित की जाएगी।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि अखिल भारतीय बार परीक्षा (एआईबीई) साल में दो बार आयोजित की जाएगी। एलएलबी अंतिम वर्ष के विधि छात्र भी इसमें बैठ सकेंगे। हालांकि उनका परिणाम अंतिम कानून परीक्षा उत्तीर्ण करने के अधीन रहेगा। एआईबीई विधि स्नातकों को वकील के रूप में पंजीकृत करने के लिए एक योग्यता परीक्षा है।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ, 2024 में दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें अंतिम सेमेस्टर के छात्रों को एआईबीई में बैठने की अनुमति देने के निर्देश मांगे गए थे। पीठ ने बीसीआई की दलीलें दर्ज कीं और याचिका का निपटारा कर दिया। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के वकील ने बताया कि इस संबंध में बीसीआई नियम 2026 बना लिए गए हैं। 2024 में, अदालत ने अंतरिम आदेश पारित कर अंतिम वर्ष के छात्रों को उस वर्ष आयोजित एआईबीई परीक्षा में बैठने की अनुमति दी।
इससे पहले वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित कर अंतिम वर्ष के स्टूडेंट्स को उस वर्ष आयोजित AIBE में शामिल होने की अनुमति दी थी। वहीं वर्ष 2023 में कोर्ट ने BCI को इस संबंध में नियम बनाने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान BCI की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि इन निर्देशों के अनुपालन में BCI नियम, 2026 तैयार कर लिए गए हैं। BCI के वकील ने कहा कि ऑल इंडिया बार परीक्षा अब साल में कम से कम दो बार आयोजित की जाएगी और अंतिम सेमेस्टर के स्टूडेंट को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि उनका परिणाम अंतिम कानून परीक्षा उत्तीर्ण करने के अधीन रहेगा।
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