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शाह ने राहुल को दी संसद में बहस की चुनौती

SIR पर सियासी घमासान, अमित शाह ने राहुल को दी संसद में बहस की चुनौती

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ गया है। अमित शाह ने राहुल गांधी को संसद में बहस की चुनौती देते हुए विशेष सत्र बुलाने की बात कही।

sir पर सियासी घमासान अमित शाह ने राहुल को दी संसद में बहस की चुनौती

शाह ने राहुल को दी संसद में बहस की चुनौती |

नई दिल्ली: मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर राजनीतिक टकराव गुरुवार को और तेज हो गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बहस के उस दावे को स्वीकार कर लिया, जिसमें उन्होंने संसद में इस मुद्दे पर चर्चा करने की चुनौती दी थी। साथ ही भाजपा नेताओं ने इस प्रक्रिया के समर्थन में कई राज्यों में र रैलियां निकालीं और विपक्षी दलों ने अपना विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया।

SIR के मुद्दे पर भाजपा और विपक्ष आमने-सामने

भाजपा और विपक्ष के बीच इस ताजा मुकाबले में अमित शाह ने पार्टी के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत करनाल में एक रैली को संबोधित किया। वहीं, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और अन्य इंडिया गठबंधन के नेताओं ने बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने मांग की कि एसआईआर को रद्द किया जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार इस्तीफा दें। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने 7 नवंबर को कोच्चि में एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन करने की घोषणा की। पिछले महीने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद यह उनका पहला बड़ा प्रदर्शन होगा।

शाह की राहुल गांधी को चुनौती

करनाल में भाजपा की पदयात्रा के दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने राहुल गांधी को संसद में इस मुद्दे को उठाने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस औपचारिक रूप से चर्चा का अनुरोध करती है, तो सरकार विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है। शाह ने कहा कि अगर आप राहुल गांधी एक जिम्मेदार चर्चा करना चाहते हैं, तो संसद के भीतर आएं और चर्चा करें, लेकिन आप जवाब नहीं संभाल पाएंगे और हमेशा की तरह भाग जाएंगे। शाह ने कहा कि मैं राहुल गांधी को सीधे चुनौती देता हूं। आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चर्चा की चुनौती देते हैं, अगर आप चर्चा चाहते हैं तो प्रधानमंत्री को पत्र लिखें। हम एसआईआर पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार हैं।

शाह और भाजपा नेताओं का कांग्रेस पर हमला

शाह ने राहुल गांधी पर संसद में गतिरोध पैदा करने और चर्चा करने के बजाय राजनीतिक विवादों को सड़कों पर ले जाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शनों और वॉकआउट को अपनी राजनीतिक संस्कृति बना लिया है। वह अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है। शाह ने कहा कि क्या आपको सच में लगता है कि अस्सी साल पुराना लोकतंत्र आपके बहकावे में आ जाएगा। राहुल गांधी, हम सड़कों के लोग हैं। भाजपा आपको संसद में, विधानसभाओं में, गांवों और खेतों में मुंहतोड़ जवाब देगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह साहिनी ने भी कांग्रेस पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग नियमित रूप से मतदाता सूची का पुनरीक्षण कर रहा है और कांग्रेस ने झूठा प्रचार फैलाया है। केंद्रीय पर्यावरण, फॉरेस्ट और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने दरभंगा में एक मार्च को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईआर पहली बार नहीं हो रहा है, बल्कि 1950 से अब तक नौ बार हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मृत मतदाताओं, स्थायी रूप से स्थानांतरित हुए लोगों और दोहरी प्रविष्टियों को हटाना है।

भाजपा नेताओं ने SIR पर संसद में बहस की चुनौती दोहराई

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जयपुर में कहा कि अगर कांग्रेस तैयार है तो वह संसद में बहस की मांग करे और सरकार विशेष सत्र बुलाने से नहीं हिचकिचाएगी। उन्होंने कांग्रेस पर संसद के दौरान सदन से वॉकआउट करने का आरोप लगाया। भाजपा सांसद संबित पटवा ने बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नेताओं के बीच बहस संसद के भीतर होनी चाहिए, सड़कों पर नहीं। उन्होंने राहुल गांधी पर बिना आंकड़ों के राजनीति करने का आरोप लगाया। दिल्ली में भाजपा नेताओं सुब्रत पाठक, आरपी सिंह और नरेश बंसल ने शाह की चुनौती का समर्थन किया। केरल में भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस पर अपने राजनीतिक फायदे के अनुसार रुख बदलने का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने सूरत में कहा कि एसआईआर का उद्देश्य किसी को बाहर करना नहीं, बल्कि पात्र नागरिकों को शामिल करना है।

SIR के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन

दूसरी ओर कर्नाटक में इंडिया गठबंधन ने फ्रीडम पार्क में एक बड़ा प्रदर्शन किया और एसआईआर को तुरंत रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। इस प्रदर्शन में कांग्रेस, सीपीएम, सीपीआई और अन्य दलों के नेता शामिल हुए। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि जब तक मतदाताओं को न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास और कांग्रेस नेताओं ने सरकार के दावों पर सवाल उठाए और कहा कि विपक्ष हमेशा चर्चा के लिए तैयार था लेकिन सरकार ने संसद में चर्चा से इनकार किया। कोच्चि में कॉकरोच जनता पार्टी ने भी 7 नवंबर को राजेंद्र मैदान में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इस बीच राजनीतिक दलों के बीच एसआईआर और अन्य मुद्दों को लेकर बयानबाजी का दौर जारी है। 

(ANI)

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