'द सेव आरिहा टीम' ने भारतीय बच्ची आरिहा शाह को जर्मनी में रह रहे उसके मां-बाप से अलग रखे जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
नई दिल्ली। 'द सेव आरिहा टीम' ने भारतीय बच्ची आरिहा शाह को जर्मनी में रह रहे उसके मां-बाप से अलग रखे जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। टीम ने सरकार से आग्रह किया है कि जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज के भारत आने से पहले राजनयिक तौर पर हस्तक्षेप कर उन्हें प्रत्यार्पित किया जाए। जर्मन चांसलर इसी माह भारत आ रहे हैं।
शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, टीम ने कहा है कि आरिहा जर्मन चाइल्ड सर्विस (जजमेंट) की देखरेख में है जबकि उसके मां-बाप के सारे केस फरवरी 2022 में ही बंद हो गए। आरिहा सितंबर 2021 से ही पालनगृहों में रही है।
टीम का कहना है कि जर्मनी के उच्च न्यायालय ने बच्चों को मां-बाप के साथ रहने की सुविधा वाली जगह पर आरिहा को उसके मां-बाप के साथ रखा जाए। लेकन इसका पालन नहीं किया गया।
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