भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक संजय खन्ना ने शुक्रवार को अगली पीढ़ी के एक्सट्रीम वेदर ग्रेड (XWG) डीजल के सफल विकास पर प्रकाश डाला।
नई दिल्ली: भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक संजय खन्ना ने शुक्रवार को अगली पीढ़ी के "एक्सट्रीम वेदर ग्रेड (XWG) डीजल" के सफल विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे शून्य से नीचे के बेहद कम तापमान वाले क्षेत्रों में तैनात भारतीय सेना के जवानों के लिए रणनीतिक आवश्यकता बताया।
सेना के साथ मिलकर तैयार किया गया खास ईंधन
ईंधन के लॉन्च समारोह को संबोधित करते हुए खन्ना ने कहा कि इसे भारतीय सेना के साथ करीबी सहयोग में विकसित किया गया है, ताकि उन इलाकों में विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके जहां इंसानी क्षमता और मशीनों की कार्यक्षमता दोनों की कठिन परीक्षा होती है। खन्ना ने कहा, "हमारे सैनिक शून्य से नीचे के अत्यधिक तापमान में तैनात रहते हैं, जहां मानवीय सहनशक्ति और मशीन की विश्वसनीयता की चरम सीमा तक परीक्षा होती है। ऐसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में भरोसेमंद ईंधन कोई विकल्प नहीं बल्कि एक रणनीतिक आवश्यकता है।"
अत्यधिक ठंड में भी बेहतर प्रदर्शन करेगा डीजल
बीपीसीएल चेयरमैन ने बताया कि जमीनी परिस्थितियों को समझते हुए भारतीय सेना के साथ मिलकर इस अगली पीढ़ी के ईंधन समाधान को तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि सेना और उद्योग के बीच यह साझेदारी भारत की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता का उदाहरण है। उन्होंने कहा, "जब भारतीय सेना का साहस और परिचालन कौशल, भारतीय उद्योग की वैज्ञानिक क्षमता और नवाचार की भावना के साथ जुड़ता है तो भारत बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है।"
अग्रिम मोर्चों तक ईंधन पहुंचाने के लिए मजबूत सप्लाई सिस्टम
बीपीसीएल ने इस विशेष डीजल की बिना किसी देरी के अग्रिम मोर्चों तक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मजबूत सप्लाई चेन तैयार की है। खन्ना ने कहा कि एक्सट्रीम विंटर ग्रेड डीजल का उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेना की टीमों के साथ व्यापक परीक्षण किया गया है। बीना रिफाइनरी में उत्पादन से लेकर बठिंडा में रणनीतिक भंडारण तक, बीपीसीएल ने इसकी निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं। उन्होंने इसे वैज्ञानिक उत्कृष्टता, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत की उपलब्धि बताया।
सेना प्रमुख ने बताया गेम चेंजर
इससे पहले सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने नए एक्सट्रीम वेदर ग्रेड डीजल को उच्च ऊंचाई वाले इलाकों और बेहद कम तापमान में भारतीय सेना के अभियानों के लिए "वास्तविक गेम चेंजर" बताया। उन्होंने कहा कि यह ईंधन सैनिकों के सामने आने वाली थकान और मनोबल संबंधी चुनौतियों को कम करने में मदद करेगा।
माइनस 42 डिग्री तक काम करने की क्षमता
सेना प्रमुख ने बताया कि इस नए डीजल की तकनीकी क्षमता बेहद खास है। यह माइनस 42 डिग्री सेल्सियस के पोर पॉइंट और करीब 50 डिग्री सेल्सियस के फ्लैश पॉइंट के साथ तापमान की एक बड़ी रेंज में काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस ईंधन का प्रभाव अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों में सेना के अभियानों पर दूरगामी असर डाल सकता है।
एक साल में समस्या से समाधान तक पहुंची साझेदारी
सेना प्रमुख ने सेना और उद्योग के बीच हुई इस साझेदारी की सराहना करते हुए कहा कि सिर्फ एक साल के भीतर इस ईंधन को समस्या की पहचान से लेकर तैयार उत्पाद तक पहुंचाया गया। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत का बेहतरीन उदाहरण बताया।
(एएनआई)
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