बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों द्वारा भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों पर अपना दावा जताने के विरोध में त्रिपुरा में भी लोगों ने बांग्लादेशी कट्टरपंथियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
ढाका। भारत विरोधी नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश की राजधानी ढाका तप रहा है। साथ ही शेख हसीना की वापसी की मांग को लेकर पूरे बांग्लादेश में आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों ने 'डेली स्टार' और 'प्रोथोम अलो' अखबारों के ऑफिस में आग लगा दी और जमकर तोड़फोड़ की। प्रदर्शन के दौरान भारत विरोधी नारे भी सुने गए।
हत्या के बाद पेड़ से लटका कर जलाया गया हिन्दू व्यक्ति का शव
इसके अलावा ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू को पीट-पीटकर मार डाला गया और शव पेड़ पर टांग कर आग लगा दी गई। साथ में देश की सबसे पुरानी सांस्कृतिक संस्था 'छायानट' पर भी उपद्रवियों ने हमला कर दिया। वहां पहले तोड़फोड़ की गई और बाद में आग लगा दी गई। इससे वहां के संगीत वाद्य यंत्र धूं-धूं कर जल गए। संस्था का कहना है कि बहुत सारी दुर्लभ किताबों, वाद्य यंत्रों और सांस्कृतिक सामग्रियों को आग के हवाले कर दिया गया। संस्था के महासचिव लैसा अहमद ने इस हमले की निंदा करते हुए जांच की मांग की है।
बहुत ही कम समय में हुए बड़े नुकसान की अब नहीं हो सकती भरपाई
अहमद के अनुसार बहुत ही कम समय में इतना ज्यादा नुकसान कर दिया गया है कि उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। बता दें कि छायानट की स्थापना रवींद्रनाथ टैगोर की जन्म शताब्दी के मौके पर 1961 में की गई थी। इस संस्था का उद्देश्य बंगाली साहित्य और संस्कृति को प्रसारित करना था। इसके अलावा गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की शिक्षाओं और साहित्य को लेकर भी यहां काम होता था। वंचितों और पिछड़ों के लिए भी यह एक ओपन संस्था है।
इंकलाब मंच के नेता उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा
बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के समय छायानट की तरफ से स्वतंत्रता सेनानियों और शरणार्थियों के लिए कार्यक्रम आयोजित करवाए जाते थे जिसमें सेनानियों में उत्साह का संचार होता था। इसके अलावा यह बंगाली संस्कृति, संगीत और साहित्य के दिशा में लगातार काम करने वाली संस्था है। इंकलाब मंच के नेता उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा में बांग्लादेश को बड़ा नुकासन पहुंचा है। उपद्रवियों ने शेख मुजीबुर्रहमान की प्रतिमा तोड़ डाली। इसके अलावा टीवी चैनल के कार्यालयों को भी निशाना बनाया गया।
बीती रात एक फेसबुक पोस्ट में छायानट की तरफ से कहा गया था कि इस तरह से आगजनी और उपद्रव करके यही दर्शाया जा रहा है कि बांग्लादेश की स्वतंत्रता चली गई है और यहां की सरकार बेकार है। हमारी संप्रभुता और स्वतंत्रता को तार-तार किया जा रहा है।
विजयनगर इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान नकाबपोश बंदूकधारियों मारी थी गोली
हादी देश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव में उम्मीदवार थे और पिछले सप्ताह ढाका के विजयनगर इलाके में चुनाव प्रचार शुरू करते समय नकाबपोश बंदूकधारियों ने उनके सिर में गोली मार दी थी। गोली मारे जाने के बाद हादी की हालत को ढाका के चिकित्सकों ने ‘‘बेहद नाजुक’’ बताया था जिसके बाद अंतरिम सरकार ने सोमवार को उन्हें बेहतर उपचार के लिए एयर एंबुलेंस से सिंगापुर भेजा था जहां कोमा में रहने के बाद उनकी मौत हो गई।
प्रदर्शनकारियों ने आखबारों के दफ्तर पर किए हमले, बचाए गए 30 पत्रकार
प्रदर्शनकारियों ने आखबारों के दफ्तर पर हमले किए और आग लगा दी। चार घंटे से अधिक समय बाद कम से कम 30 पत्रकारों को उनके दफ्तर से बचाया गया है। पहला हमला बंगाली भाषा के दैनिक 'प्रोथोम आलो' पर हुआ। वहां भीड़ नारे लगाते हुए पहुंची थी। बीडी न्यूज़ के अनुसार, भीड़ ने रात करीब 12 बजे दफ्तर में तोड़फोड़ करने के बाद आग लगा दी। 'द डेली स्टार' के पत्रकारों को शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे बचाया गया। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पहले अखबार के दफ्तर के ग्राउंड और पहली मंजिल पर तोड़फोड़ की और फिर रात के करीब 12.30 बजे आग लगा दी। आग तेजी से दो मंजिल में फैल गई, जिससे हवा में धुएं का एक बड़ा गुबार फैल गया। अखबार के रिपोर्टरों ने बताया कि फायर सर्विस भी मौके पर नहीं पहुंच सकी, क्यों कि इमारत के सामने बड़ी संख्या में भीड़ खड़ी थी।
चटगांव में भारतीय मिशन पर पथराव और तोड़फोड़
यहां भारतीय सहायक उच्चायोग के बाहर शुक्रवार को हिंसा देखने को मिली। इसमें दो पुलिस अधिकारियों समेत कम से कम चार लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, चटगांव के खुलशी इलाके में भारतीय मिशन के ऑफिस के बाहर जमा हुए प्रदर्शनकारियों ने ऑफिस में ईंटें फेंकी और तोड़फोड़ की। चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस (सीएमपी) कमिश्नर हसीब अजीज ने कहा कि पुलिस के दखल के बाद पुलिसवालों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की हुई। झड़प में घायल हुए लोगों को चटगांव मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाया गया। बांग्लादेशी अखबार 'ढाका ट्रिब्यून' के मुताबिक, अजीज ने कहा कि पुलिस ने मौके से कुछ लोगों को हिरासत में लिया, जिन पर आतंकवाद विरोधी एक्ट के तहत केस दर्ज किया जा सकता है।
बांग्लादेश की घटनाओं के खिलाफ त्रिपुरा में प्रदर्शन
बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों द्वारा भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों पर अपना दावा जताने के विरोध में भारत में भी प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। त्रिपुरा में लोगों ने बांग्लादेश के कट्टरपंथियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। राजधानी अगरतला में बांग्लादेश उप-उच्चायुक्त कार्यालय के बाहर टिपरा मोथा पार्टी की यूथ विंग ने विरोध प्रदर्शन किया। टिपरा मोथा पार्टी ने बांग्लादेश के नेताओं द्वारा भारत विरोधी बयानबाजी पर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और नारे लगाए।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/india/india-oman-sign-free-trade-agreement-opening-up-new-opportunities-for-trade/101751
भारत–ओमान के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर, व्यापार, सेवाओं और रोजगार के खुलेंगे नए अवसर