मुंबई। देश के बैंकिंग सिस्टम में शुद्ध नकदी में भारी कमी आयी है जिससे कई बैंक घाटे की स्थिति में आ गये हैं। एक अनुमान के मुताबिक यह कमी लगभग ₹3 लाख करोड़ से अधिक की है।
मुंबई। देश के बैंकिंग सिस्टम में शुद्ध नकदी में भारी कमी आयी है जिससे कई बैंक घाटे की स्थिति में आ गये हैं। एक अनुमान के मुताबिक यह कमी लगभग ₹3 लाख करोड़ से अधिक की है। इसे देखते हुए रिजर्व बैंक (RBI) ने प्रणाली में नकदी डालने के लिए वेरिएबल रेट रेपो नीलामी शुरू करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
एडवांस टैक्स और GST बना वजह
मार्च 2026 के अंत में अग्रिम कर (Advance Tax) और GST भुगतान के कारण भारतीय बैंकिंग प्रणाली में नकदी (Liquidity) में भारी कमी आई है, जिससे बैंकिंग सिस्टम घाटे में आ गया है। दो महीने के बाद यह घाटे के स्तर पर पहुंच गई है। बैंकिंग सिस्टम में नकदी में करीब 3 लाख करोड़ रुपये की कमी का अनुमान है। इससे पहले चालू वर्ष में 21 जनवरी को बैंकिंग प्रणाली की नकदी घाटे में थी।
ब्याज दरों पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग प्रणाली में नकदी की तंगी के कारण अल्पकालिक ब्याज दरें नीतिगत दरों से ऊपर जा सकती हैं। प्रणाली में नकदी बनाए रखने के लिए रिज़र्व बैंक ने 1 लाख करोड़ रुपये की वेरिएबल रेट रेपो (VRR) नीलामी की पहल की है।
RBI के आंकड़ों में घाटा
भारतीय रिज़र्व बैंक के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार रविवार को शुद्ध तरलता 65,395 करोड़ रुपये के घाटे में थी। निजी बैंक के वित्त प्रमुख ने कहा, 'नकदी में यह कमी 2 लाख करोड़ रुपये के अग्रिम कर भुगतान और लगभग 1 ट्रिलियन रुपये के जीएसटी भुगतान के कारण हुई है।'
अप्रैल में सुधर सकती है स्थिति
विशेषज्ञों का कहना है कि मूल नकदी पर्याप्त बनी हुई है और सरकारी व्यय के समर्थन से अप्रैल के पहले सप्ताह में प्रणाली की नकदी सरप्लस (अधिशेष) में लौटने की उम्मीद है।
VRR नीलामी से राहत
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की अर्थशास्त्री गौरा सेन गुप्ता ने कहा, 'अभी भी कोर लिक्विडिटी लगभग 5 लाख करोड़ रुपये पर काफी अधिक है। यह अस्थायी घाटा है और अप्रैल के पहले सप्ताह में सरकारी खर्च शुरू होने के बाद यह फिर से अधिशेष में बदल जाएगा।' इसके परिणामस्वरूप रिजर्व बैंक ने 1 लाख करोड़ रुपये की ओवरनाइट वेरिएबल रेट रेपो नीलामी आयोजित की। केंद्रीय बैंक को अधिसूचित राशि के मुकाबले 79,256 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं। रिजर्व बैंक ने अधिसूचित राशि को 5.26 प्रतिशत की भारित औसत दर पर जारी किया।
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