बिहार के भोजपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। वहीं, यूपी के श्रावस्ती और सुल्तानपुर में एनकाउंटर का विरोध करते हुए लोगों ने प्रदर्शन किया।
नई दिल्ली: बिहार के भोजपुर में भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ की कहानी अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। अधिवक्ता विशाल तिवारी ने जनहित याचिका दाखिल कर एनकाउंटर को फर्जी बताया है। साथ ही उन्होंने CBI जांच की मांग की है। अधिवक्ता तिवारी ने उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR भी दर्ज करने की बात कर रहे हैं, जो मुठभेड़ में शामिल थे।
सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में स्वतंत्र समिति बनाने की मांग
अधिवक्ता ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति बनाई जाए। यह मामला न सिर्फ बिहार, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। क्या सच में यह एक फर्जी मुठभेड़ थी? या फिर कुछ और?
यूपी के श्रावस्ती में निकाला गया कैंडल मार्च
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में विरोध प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कैंडल मार्च निकाला। दर्जनों कार्यकर्ता हाथों में मोमबत्तियां लेकर कैंडल मार्च में शामिल हुए और भरत तिवारी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
प्रदर्शनकारियों ने की जमकर नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बिहार सरकार और बीजेपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि भरत तिवारी के आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस द्वारा गोली चलाना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इस घटना को षड्यंत्र बताते हुए न्याय की मांग की।
सुल्तानपुर में भी निकाला गया मार्च
बिहार में भरत तिवारी के एनकाउंटर पर नाराजगी जताते हुए उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में भगवान परशुराम युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला। मार्च के दौरान जमकर नारेबाजी की गई।