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भोजपुरी स्टार पवन सिंह और ज्योति सिंह विवाद बीजेपी धर्म संकट में !

पवन सिंह बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के साथ अपनी राजनीतिक पारी मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी पत्नी ज्योति सिंह के साथ चल रहे तलाक और हाई-वोल्टेज ड्रामे ने मुश्किल बढ़ा दी है

भोजपुरी स्टार पवन सिंह और ज्योति सिंह विवाद बीजेपी धर्म संकट में

लखनऊ। भोजपुरी स्टार पवन सिंह बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के साथ जुगलबंदी कर नयी सियासी पारी खेलने की जद्दोजहद में लगे हैं। इस बीच उनकी पत्नी ज्योति सिंह की महत्वाकांक्षाओं ने पवन सिंह के सामने नयी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। पवन का अपनी पत्नी के साथ कोर्ट में तलाक का मुकदमा चल रहा है। हाल ही में ज्योति लखनऊ में अपने अभिनेता पति के घर पहुंची थीं, जहां हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ था। इस दौरान ज्योति सिंह ने पति पवन पर पुलिस बुलाने और उन्हें अपमानित कराने का आरोप लगाया था। इस घटना को लेकर ज्योति सिंह का पुलिस के सामने रोता बिलखता वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वारल हुआ था। अब पवन सिंह ने इस मामले में चुप्पी तोड़ी है। 

भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म "इंस्टाग्राम" और "फेसबुक" पर एक पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने लिखा, ‘मैं अपने जीवन में एक ही बात जानता हूं कि जनता मेरे लिए भगवान है। क्या मैं आप सब के जनभावना को ठेस पहुंचाऊंगा, जिनके बदौलत मैं यहां तक पहुंचा’? 

पवन सिंह ने आगे पोस्ट में ज्योति सिंह से कई सवाल किए हैं। पवन ने पहला सवाल पूछा, ‘क्या यह सच नहीं है कि कल सुबह आप मेरे सोसाइटी में आईं तो मैंने सम्मान के साथ आपको अपने घर पर बुलाया और करीब 1:30 घंटे हमलोगों की वार्तालाप हुई। ’ फिर दूसरा सवाल उन्होंने पूछा, ‘आपके द्वारा बस एक ही रट, कि मुझे चुनाव लड़वाइये कैसे भी, जो कि मेरे बस का नहीं।’ इसके बाद अंतिम बात उन्होंने कही, ‘समाज में भ्रम फैलाया गया कि मैंने पुलिस बुलाया, जबकि सच्चाई यह है कि पुलिस सुबह से वहां इसलिए मौजूद थी ताकि जो भी हो उनकी उपस्थिति में हो। कहीं भी आपके साथ आए लोगों द्वारा या किसी और के द्वारा कोई अनहोनी ना हो।’

पवन सिंह कुछ पोस्ट के बाद अब ज्योति सिंह ने उन पर फिर से पलटवार किया है। पवन सिंह ने दावा किया था कि दोनों में डेढ़ घंटे बैठकर बात हुई। पर ज्योति ने इस दावे को झूठा बताया है। साथ ही चुनाव नहीं लड़ने के लिए पवन सिंह के सामने एक शर्त भी रख दी है। 

पवन सिंह ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डालकर ज्योति सिंह को जवाब दिया था। उसी पोस्ट पर ज्योति ने कमेंट कर दिया, जिसे बाद में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर भी शेयर किया. वो लिखती हैं, “आदरणीय पति देव श्री पवन सिंह जी, क्या सच है और क्या झूठ, यह हमारी देवतुल्य जनता को भी जानने का अधिकार है। हम सही हों या आप सही हों, कल हम मिलकर मीडिया के सामने बैठते हैं. आप भी बैठिए और मैं भी बैठूंगी, क्योंकि यह अब चारदीवारी के अंदर की बात नहीं रह गई है।”

अपनी पोस्ट में ज्योति आगे लिखती हैं, “मैं जानती हूं कि मैं अपनी बात सिद्ध कर सकती हूं। यदि आप भी ऐसा कर सकते हैं, तो हमारी देवतुल्य जनता के सामने आइए और खुलकर बात कीजिए। जहां तक चुनाव का प्रश्न है, यदि आप मुझे जीवनभर के लिए पत्नी के रूप में स्वीकार करते हैं, तो मैं चुनाव नहीं लड़ूंगी, क्योंकि हम सत्ता के लिए अपनों का इस्तेमाल करने में विश्वास नहीं रखते हैं। और जहां तक आपने ‘डेढ़ घंटे बैठने’ की बात कही है, तो आपके फ्लैट में मेरे आने और वहां से जाने की सारी फुटेज सीसीटीवी में उपलब्ध है। मैं आशा करती हूं कि यदि आप सच हैं, तो हमारी देवतुल्य जनता के सामने मेरे साथ बैठेंगे। आपकी पत्नी, ज्योति।”

मालूम हो कि पवन सिंह ने 2024 के लोकसमा निर्वाचन में बिहार के काराकाट संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़कर बीजेपी के सहयोगी उपेन्द्र कुशवाहा को हराने में अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन अब वे इस गलती को सुधार बीजेपी के साथ नये संबंध बनाने में जुट गये हैं। इसी क्रम में उन्होंने बीजेपी के नेता और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा से मुलाकात कर गिला शिकवा दूर करने और बीजेपी के साथ नया अध्याय शुरू करने की पहल की थी। इन मुलाकातों की फोटो खूब वायरल हुई थी। 

लेकिन इसी बीच उनकी पत्नी ज्योति सिंह की इंट्री ने भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार के जीवन में उथल पुथल पैदा कर दी है। इस बार मामला सिर्फ पर्सनल नहीं रहा, इसका सीधा असर पवन की राजनीतिक छवि और बीजेपी की आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति पर पड़ सकता है। 

पवन सिंह का दूसरी पत्नी ज्योति सिंह के साथ लंबे समय से तलाक का मामला अदालत में चल रहा है। लेकिन हाल ही में लखनऊ में हुए एक घटनाक्रम ने इस विवाद को नया मोड़ दे दिया है। अब यह विवाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन चुका है। जिस प्रकार से यह मुद्दा महिलाओं की अस्मिता, सम्मान और संवेदना से जुड़ता दिख रहा है, उससे बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। भाजपा के लिए यह स्थिति असहज बनती जा रही है, खासकर तब जब पार्टी पवन सिंह को दक्षिण बिहार में अपना लोकप्रिय चेहरा बनाकर 2025 के चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी में है।

लखनऊ में हुए ताजा घटनाक्रम की बात करें तो ज्योति सिंह सोशल मीडिया पर पहले ही यह घोषणा कर चुकी थीं कि वह अपने पति से मिलने लखनऊ जा रही हैं। उन्होंने लिखा था कि उन्हें उम्मीद है पवन सिंह उनसे जरूर मिलेंगे। लेकिन जब वह उनके घर पहुंचीं, तो वहां पुलिस पहले से मौजूद थी। न तो उन्हें घर में घुसने दिया गया और न ही पवन सिंह सामने आए। इस पूरी घटना का वीडियो खुद ज्योति सिंह ने रिकॉर्ड किया और उसे लाइव किया। वीडियो में ज्योति सिंह फूट-फूट कर रोती नजर आती हैं। वह कहती हैं कि अगर उन्हें पुलिस स्टेशन जाना पड़ा तो वह इसी घर में जान दे देंगी। यह बयान और उनका दुखड़ा सुनकर सोशल मीडिया पर लोग भावुक हो गए। वीडियो वायरल हुआ और ज्योति सिंह के समर्थन में हजारों कमेंट आने लगे।


यह विवाद यहीं तक सीमित नहीं रहा। भोजपुरी सिनेमा के एक और बड़े नाम, खेसारी लाल यादव ने भी इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अगर भाभी ने कोई बड़ी गलती नहीं की है तो पवन सिंह को उन्हें माफ कर देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह भले ही उनकी बहन नहीं हैं, लेकिन एक बेटी हैं, और अगर उनकी अपनी बेटी के साथ ऐसा होता तो वह चुप नहीं बैठते। खेसारी लाल का यह बयान सिर्फ व्यक्तिगत संवेदना नहीं, बल्कि इसमें सामाजिक और राजनीतिक संकेत भी छिपे हैं। पवन सिंह और खेसारी लाल के बीच पहले से प्रतिस्पर्धा रही है, लेकिन अब यह प्रतिस्पर्धा केवल फिल्मी पर्दे तक सीमित नहीं रही, बल्कि सियासी रंग लेती नजर आ रही है।

यह बयान और परिस्थितियां भाजपा के लिए नई चिंता बन गई हैं। बिहार की राजनीति में महिला वोटर की भूमिका बेहद अहम होती जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से महिलाओं के लिए योजनाएं चला रहे हैं और महिला सशक्तिकरण को अपना प्रमुख एजेंडा बना चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 2019 के लोकसभा चुनाव में महिला वोटर्स को भाजपा की साइलेंट स्ट्रेंथ बता चुके हैं। ऐसे में अगर यह विवाद और गहराया, और महिलाओं में ज्योति सिंह के प्रति सहानुभूति की लहर चल पड़ी, तो भाजपा को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पवन सिंह को बंगाल की आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाया था। लेकिन जैसे ही पुराने गानों को लेकर विरोध शुरू हुआ, खासकर बंगाली महिलाओं के अपमान को लेकर, पवन सिंह को टिकट वापस लेना पड़ा। अब बीजेपी उन्हें बिहार में नए चेहरे के रूप में पेश करने की तैयारी में थी, खासकर भोजपुर, रोहतास, और आसपास की सीटों पर। पवन सिंह की लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी को उम्मीद थी कि वह युवाओं, खासकर पुरुष वोटरों को अपनी तरफ खींच सकेंगे। लेकिन अब यह विवाद उनकी छवि को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचा रहा है।

बीजेपी द्वारा बिहार की राजनीति में इस समय सवर्ण मतदाताओं, खासकर ठाकुर समाज को साधने की कोशिश हो रही है। पवन सिंह ठाकुर समुदाय से आते हैं और बीजेपी उन्हें इसी वर्ग का प्रभावी चेहरा बनाकर पेश करना चाहती थी। लेकिन अब यह पूरा समीकरण बिगड़ता नजर आ रहा है। अगर महिला वोटर्स नाराज हुईं तो न केवल पवन सिंह की सीट खतरे में पड़ेगी, बल्कि आसपास की सीटों पर भी असर देखा जा सकता है। यही नहीं विपक्षी दलों को भी बीजेपी पर निशाना साधने का मौका मिल जाएगा। 

पवन सिंह का विवादों से चोली दामन का नाता रहा है। हाल ही में लखनऊ के एक स्टेज शो के दौरान हरियाणवी डांसर अंजलि राघव के साथ अनुचित व्यवहार के कारण भी उन्हें आलोचना झेलनी पड़ी थी। बाद में उन्होंने माफी जरूर मांगी थी, लेकिन तब भी सवाल खड़े हुए थे कि क्या पवन सिंह महिलाओं के प्रति संवेदनशील हैं ? अब पत्नी के साथ जिस तरह का व्यवहार सामने आया है, उससे यही धारणा मजबूत होती जा रही है कि महिलाओं के प्रति उनके आचरण में गंभीर कमी है। पवन सिंह के साथ घटी हालिया घटनाओं ने बीजेपी के समक्ष धर्म संकट की स्थिति उत्पन्न कर दी है।

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