पश्चिम बंगाल में यह पहल उदाहरण है कि किसी विधायक को अपने क्षेत्र में विकास के लिए अपने हिस्से की राशि की मांग को लेकर अनशन करने का फैसला करना पड़ा।
विधायक निधि न मिलने पर भाजपा विधायक का अनशन
पश्चिम बंगाल में यह पहल उदाहरण है कि किसी विधायक को अपने क्षेत्र में विकास के लिए अपने हिस्से की राशि की मांग को लेकर अनशन करने का फैसला करना पड़ा। वे हैं उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी के भाजपा विधायक शंकर घोष। भाजपा विधायक शंकर घोष के कहना है कि जिला प्रशासन विधायक क्षेत्र विकास निधि के तरह उनके हिस्से की राशि का आबंटित नहीं कर रहा है। वे इसके लिए बार-बार गुहार लगा रहे हैं। लेकिन जिला प्रशासन उनकी एक नहीं सुन रहा है। अब उसके खिलाफ अनशन करने के सिवाय कोई दूसरा चारा नहीं रह गया है। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले उन्हें अनशन के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने केवल उनके विधायक के मौजूदा टर्मं में ही नहीं, पिछले टर्म में भी उनके हिस्से की राशि को आंबटित नहीं किया। भाजपा विधायक शंकर घोष का कहना है कि सिलीगुड़ी शहर में लोगों को कई समस्याओं को सामना करना पड़ रहा है। वे उनकी जरूरत के विकास कार्य कर उन्हें राहत देना चाहते हैं लेकिन जिला प्रशासन ही उनके रास्ते का रोड़ा बन रहा है। उन्होंने अपने मुद्दे को लेकर जिला प्रशासन, राज्य सरकार, सिलीगुड़डी-जलपाईगुड़डी विकास प्राधिकरण और सिलीगुड़ी नगर निगम को पत्र कर कई बार ध्यान आकर्षित कर चुके हैं। लेकिन उनकी लगातार उपेक्षा ही की गई है। विधायक का मानना है कि उनकी छवि खराब करने के लिए टीएमसी के इशारे पर जिला प्रशासन उनके हिस्से की विधायक निधि की राशि को रोक रखा है। उन्होंने टीएमसी और जिला प्रशासन को चेताया कि उनके ऐसा करने से उनकी छवि खराब होने की बजाय लोकप्रिय हो रही है।
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