अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर भारत में ब्रिटिश उच्चायोग ने प्राचीन भारतीय पद्धति की सराहना करते हुए इसे दुनिया को जोड़ने वाला एक मजबूत माध्यम बताया है।
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर भारत में ब्रिटिश उच्चायोग ने प्राचीन भारतीय पद्धति की सराहना करते हुए इसे दुनिया को जोड़ने वाला एक मजबूत माध्यम बताया है। वैश्विक स्तर पर मनाए जा रहे इस उत्सव में ब्रिटिश राजनयिकों ने भी पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और योग को भारत-ब्रिटेन के बीच के जीवंत संबंधों की एक अहम कड़ी करार दिया।
दुनिया को एकजुट कर रहा है प्राचीन भारतीय योग
ब्रिटिश उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए योग के वैश्विक महत्व को रेखांकित किया। उच्चायोग ने लिखा, "अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हम दुनिया भर के लाखों लोगों के साथ मिलकर उस अभ्यास का जश्न मना रहे हैं जिसकी शुरुआत प्राचीन भारत में हुई थी। आज यह पद्धति दुनिया भर के लोगों को संतुलन और कल्याण की एक साझा भावना से एकजुट करती है।"
बेंगलुरु में 'Yoga for Healthy Ageing' पर विशेष सत्र
इस बार का योग दिवस बेंगलुरु में भी बेहद खास रहा। ब्रिटिश उप उच्चायोग ने वर्ष 2026 की विशेष थीम 'Yoga for Healthy Ageing' के तहत एक योग सत्र का आयोजन किया। बेंगलुरु स्थित उप उच्चायोग ने 'एक्स' पर पोस्ट कर बताया कि वे लंदन में भारतीय उच्चायोग, यूके में रह रहे भारतीय प्रवासियों और दुनिया भर के समुदायों के साथ मिलकर इस उत्सव को मना रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच के जीवंत और सांस लेते संबंधों को दर्शाता है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राजनयिकों संग साझा किया मंच
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में विदेशी राजनयिकों (Diplomatic Corps) के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। उन्होंने इस खास पल की तस्वीरें साझा करते हुए X पर लिखा, "अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए नई दिल्ली में डिप्लोमैटिक कॉर्प्स के साथ शामिल हुआ।" विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को याद करते हुए आगे लिखा, "जैसा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने रेखांकित किया है, हमें योग को अपने जीवन, अपने परिवारों और अपनी आने वाली पीढ़ियों का हिस्सा बनाने का प्रयास करना चाहिए।"
आम पाठकों के लिए क्यों अहम है यह खबर?
इस खबर का सीधा संदेश यह है कि योग अब सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और दो देशों के सांस्कृतिक संबंधों को जोड़ने वाला एक मजबूत 'ग्लोबल ब्रिज' बन चुका है। 'Yoga for Healthy Ageing' जैसी थीम यह दिखाती है कि बढ़ती उम्र में भी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए दुनिया अब भारतीय पद्धतियों को अपना रही है। (Source: ANI)
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