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नये साल में घर खरीदना हो सकता है मंहगा

नये साल में घर खरीदना हो सकता है मंहगा, कीमत में पांच प्रतिशत से अधिक की वृद्धि संभव

देश में नये साल में घर खरीदना मंहगा हो सकता है। अगले वर्ष घरों की कीमत में पांच प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। हाल में मांग और लोगों की आय में वृद्धि के साथ ही जनसांख्यिकीय बदलावों के कारण संभव है।

नये साल में घर खरीदना हो सकता है मंहगा कीमत में पांच प्रतिशत से अधिक की वृद्धि संभव

Buying a home in the new year could be expensive |

नई दिल्ली। देश में नये साल में घर खरीदना मंहगा हो सकता है। अगले वर्ष घरों की कीमत में पांच प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। हाल में मांग और लोगों की आय में वृद्धि के साथ ही जनसांख्यिकीय बदलावों के कारण संभव है।

घरों की कीमतों 5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि का अनुमान

रियल एस्टेट डेवलपर्स के संगठन क्रेडाई और सीआरई मैट्रिक्स की ओर से नवंबर-दिसंबर के दौरान 647 स्टेकहोल्डर्स पर किए गए एक सर्वे के आधार पर अपनी रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 68 प्रतिशत रियल एस्टेट डेवलपर्स ने कैलेंडर वर्ष 2026 के दौरान घरों की कीमतों में पांच प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होने की उम्मीद जताई है। डेवलपर्स का मानना है कि नये साल में प्रीमियम घरों की मांग बढ़ सकती है।

आठ प्रतिशत डेवलपर्स ने कीमतों में नकारात्मक वृद्धि की कही है बात

रिपोर्ट के अनुसार, एक प्रतिशत डेवलपर्स ने तो घरों की कीमतों में 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि का दावा किया है। रीयल स्टेट डेवलपर्स में से तीन प्रतिशत ने कीमतों में 15-25 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान जताया है। 18 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने आवास कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत के बीच वृद्धि की उम्मीद जताई है, जबकि 46 प्रतिशत प्रतिभागियों का मानना है कि दरें 5-10 प्रतिशत के बीच बढ़ेंगी। केवल आठ प्रतिशत ने कीमतों में नकारात्मक वृद्धि की बात कही है। दो-तिहाई डेवलपर 2026 के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं।

टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर लागत कम करने पर दिया जा रहा ध्यान

क्रेडाई के प्रेसिडेंट शेखर पटेल ने कहा कि यह सर्वे दिखाता है कि हाउसिंग मार्केट में ग्रोथ असली मांग पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यह सेक्टर नए सप्लाई को लेकर एक सोची-समझी रणनीति अपना रहा है। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके लागत कम करने पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही, खरीदारों की बदलती पसंद के हिसाब से प्रोडक्ट बनाने की कोशिश की जा रही है।

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