मिडिल ईस्ट में जारी तनाव व कच्चे तेल और गैस की किल्लत को देखते हुए केन्द्र सरकार कुकिंग गैस पर निर्भरता कम करने के लिए इंडक्शन मिशन के तहत इंडक्शन चूल्हे के उत्पादन को बढ़ावा देने का फैसला किया है।
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव व कच्चे तेल और गैस की किल्लत को देखते हुए केन्द्र सरकार कुकिंग गैस पर निर्भरता कम करने के लिए "इंडक्शन मिशन" के तहत इंडक्शन चूल्हे के उत्पादन को बढ़ावा देने का फैसला किया है। इस योजना के तहत सरकार इंडक्शन चूल्हे के प्रमुख पुर्जों पर सीमा शुल्क (Customs Duty) में कटौती करने पर विचार कर रही है, जिससे देश में इनका उत्पादन बढ़े और कुकिंग गैस की शार्ट सप्लाई से परेशान आम जनता को कुछ राहत मिल सके।
गैस संकट गहराया, कई शहरों में असर
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग की वजह से देश में एलपीजी की समस्या बढ़ी है। घरेलू गैस की सप्लाई सीमित हो गयी है जबकि कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति लगभग ठप्प है। स्थिति ये है तमाम शहरों में रेस्टोरेंट या तो बंद हैं। दिल्ली, गुजरात जैसे राज्यों से गैस की किल्लत के कारण पलायन हो रहा है। सरकार ने संसदीय समिति के सामने भरोसा दिलाया है कि देश में तेल-गैस का पर्याप्त स्टॉक है। लेकिन युद्ध की लंबी खिंचने की आशंका को देखते हुए सरकार एहतियाती कदम उठाते हुए अन्य विकल्पों पर विचार करने लगी है।
इंडक्शन कुकटॉप बना बड़ा विकल्प
इन परिस्थितियों से निपटने के लिए सरकार इंडक्शन कुकटॉप जैसे बिजली के उपकरणों को बड़ा विकल्प मान रही है।
ड्यूटी कटौती और GST घटाने पर विचार
सूत्रों के अनुसार केन्द्र सरकार इंडक्शन चूल्हे के महत्वपूर्ण उपकरणों पर सीमा शुल्क में कटौती करने पर विचार कर रही है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (DPIIT) ने इंडक्शन हीटर का घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें की हैं। एक अधिकारी ने बताया कि, इंडक्शन चूल्हे को और अधिक किफायती बनाने के लिए इन पर जीएसटी को 18 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी करने की सिफारिश भी की गई है।
मांग-आपूर्ति संतुलन पर सरकार की नजर
इंडक्शन कुकटॉप क्षेत्र में मांग-आपूर्ति की चुनौतियों से निपटने और आपूर्ति एवं कीमतों को स्थिर करने के लिए उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग ने वाणिज्य विभाग और बिजली मंत्रालय के साथ मिलकर हितधारकों से परामर्श किया है।
उच्चस्तरीय बैठक में बनी रणनीति
केन्द्र सरकार के सूत्रों के अनुसार, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने गुरुवार को एक उच्चस्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक में इस मसले पर विचार-विमर्श किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के भीतर इंडक्शन हीटर और उससे संबंधित बर्तनों (cookware) के प्रोडक्शन को बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार करना था। बैठक में DPIIT सचिव अमरदीप सिंह भाटिया, पावर सचिव पंकज अग्रवाल और डीजीएफटी प्रमुख लव अग्रवाल समेत कई मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
PNG कवरेज बढ़ाने की भी तैयारी
केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय घरेलू ऊर्जा खपत के दबाव को कम करने के लिए पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) के कवरेज को बढ़ाने पर काम कर रहा है ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके। लेकिन इसमें समय लग सकता है।
इलेक्ट्रिक कुकिंग से मिलेगी त्वरित राहत
ऐसे में इलेक्ट्रिक कुकिंग को बढ़ावा देना समस्या का त्वरित समाधान हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न सिर्फ मौजूदा संकट से निपटने में मदद करेगा, बल्कि लंबे समय में ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत करेगा।
GST घटाने की सिफारिश पर अंतिम फैसला बाकी
केन्द्र सरकार ने इस सलाह को गंभीरता से लेते हुए इंडक्शन कुक टाप के प्रमुख पुर्जों पर जीएसटी 18 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी करने की सिफारिश की है, जिस पर अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है।
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