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केन्द्र सरकार ने पेट्रोल कंपनियों को राहत

केन्द्र सरकार ने दी पेट्रोलियम कंपनियों को राहत

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से परेशान पेट्रोलियम कंपनियों को राहत देने के लिए प्रमुख टैक्स दरों में बदलाव किया है।

केन्द्र सरकार ने दी पेट्रोलियम कंपनियों को राहत

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नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी तनाव और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से परेशान पेट्रोलियम कंपनियों को राहत देने के लिए प्रमुख टैक्स दरों में बदलाव किया है। केन्द्र की इस पहल के बाद कंपनियों पर आर्थिक बोझ कम होगा और घरेलू ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।

एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती

केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर टैक्स और निर्यात नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर एक्साइज ड्यूटी शून्य कर दी गई है। इससे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से परेशान पेट्रोलियम कंपनियों को राहत मिली है। नए नियम तुरंत लागू कर दिए गए हैं।

निर्यात शुल्क और ATF पर बदलाव

वित्त मंत्रालय के मुताबिक डीजल पर निर्यात शुल्क 18.5 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है, जबकि पेट्रोल पर यह शून्य रखा गया है। ATF पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क बढ़ाकर 50 रुपये प्रति लीटर किया गया है। साथ ही निर्यात और विदेशी एयरलाइंस को सप्लाई पर बेसिक एक्साइज ड्यूटी और AIDC से छूट दी गई है, जबकि आयातित ATF पर अतिरिक्त कस्टम ड्यूटी भी हटा दी गई है। इन फैसलों से तेल और एविएशन सेक्टर को राहत और निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

तुरंत लागू हुए नए नियम

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचनाओं के मुताबिक ये सभी नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। सरकार का यह कदम ऊर्जा क्षेत्र में टैक्स स्ट्रक्चर को तर्कसंगत बनाने और निर्यात से जुड़े प्रावधानों को स्पष्ट करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

पड़ोसी देशों को निर्यात पर राहत

केन्द्र सरकार ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क नियम, 2017 में संशोधन करते हुए पेट्रोल, हाई-स्पीड डीजल (HSD) और ATF पर नियम 18 और 19 के प्रावधानों को लागू न करने का फैसला किया है। इस बदलाव से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (PSUs) को राहत दी गई है। ये कंपनियां अगर नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को ईंधन निर्यात करती हैं, तो उन पर पुराने नियम ही लागू रहेंगे और उन्हें पहले की तरह छूट मिलती रहेगी।

डीजल और पेट्रोल निर्यात को बढ़ावा

सरकार ने निर्यात के लिए भेजे जाने वाले हाई-स्पीड डीजल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) की दर 18.5 रुपये प्रति लीटर तय की है। वहीं, पेट्रोल (मोटर स्पिरिट) के निर्यात पर इस विशेष शुल्क को शून्य रखा गया है, जिससे पेट्रोल निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। इसके अलावा, हाई-स्पीड डीजल पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क 3 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है।

विदेशी एयरलाइंस को भी राहत

सरकार ने निर्यात और विदेशी विमानों को ईंधन आपूर्ति के मामले में भी राहत दी है। अब जब पेट्रोल, डीजल या ATF का निर्यात किया जाएगा या विदेशी एयरलाइंस को ईंधन के रूप में दिया जाएगा, तो उस पर बुनियादी उत्पाद शुल्क (Basic Excise Duty) और कृषि उपकर (AIDC) नहीं लगेगा। इससे अंतरराष्ट्रीय एविएशन सेक्टर को राहत मिलने की उम्मीद है।

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