चीनी प्रतिनिधिमंडल के भाजपा कार्यालय पहुंचने पर कांग्रेस पार्टी ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने भाजपा पर चीन के साथ अपने व्यवहार में पाखंड करने का आरोप लगाया।
नयी दिल्ली। चीनी प्रतिनिधिमंडल के भाजपा कार्यालय पहुंचने पर कांग्रेस पार्टी ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने भाजपा पर चीन के साथ अपने व्यवहार में पाखंड करने का आरोप लगाया। पार्टी की तरफ से पूछा गया कि क्या भाजपा इस तरह की बातचीत के दौरान बार-बार होने वाले चीनी अतिक्रमण का मुद्दा उठाती है या नहीं। कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार से उसकी चीन नीति पर पूर्ण जवाबदेही और पूरी पारदर्शिता की मांग करती है।
कांग्रेस पर "गुप्त रूप से" एमओयू पर हस्ताक्षर करने का आरोप
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कहा कि उसने नयी दिल्ली और बीजिंग के बीच संबंधों में सुधार के मद्देनजर एक चीनी प्रतिनिधिमंडल के साथ "खुले तौर पर" औपचारिक बैठक की। भाजपा ने आरोप भी लगाया कि कांग्रेस ने पड़ोसी देश की सत्तारूढ़ पार्टी के साथ "गुप्त रूप से" एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे।
कांग्रेस के सीमा संबंधी मुद्दे उठाने पर भाजपा ने किया पलटवार
भाजपा ने सीमा संबंधी मुद्दे उठाने पर कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसा करने का उसे कोई अधिकार नहीं है क्योंकि चीन से जुड़ी समस्याएं पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय से ही मौजूद हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नलिन कोहली ने कहा कि, "फिर भी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व वाली सरकार इसे सुलझाने के लिए काम कर रही है। और यह प्रयास लगातार जारी है।" भारतीय जनता पार्टी ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के प्रतिनिधिमंडल के भाजपा मुख्यालय के दौरे को लेकर कांग्रेस द्वारा निशाना साधे जाने पर यह प्रतिक्रिया दी।
कांग्रेस ने भाजपा से की पूर्ण जवाबदेही और पारादर्शिता की मांग
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार से उसकी चीन नीति पर पूर्ण जवाबदेही और पूरी पारदर्शिता की मांग करती है। इस पर पलटवार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कहा, "यह एक औपचारिक बैठक थी। स्थिति सुधरने पर औपचारिक बैठक होती है। हम इसे बहुत खुले तौर पर करते हैं।" उन्होंने बिना विस्तार में गए कहा, "हम गुपचुप तरीके से ऐसे किसी भी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं, जिसकी हम वर्षों तक व्याख्या न कर सकें।"
कांग्रेस से गुप्त एमओयू के विवरण को सार्वजनिक करने की मांग
भाजपा ने इस मुद्दे पर कई बार कांग्रेस पर हमला करते हुए आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने 2018 में बीजिंग में सोनिया गांधी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की उपस्थिति में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ एक "गुप्त" एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे। भाजपा, कांग्रेस से इस समझौता ज्ञापन के विवरण को सार्वजनिक करने की भी मांग करती रही है।
चीन के साथ हालात में हुआ है सुधार
सिन्हा ने कहा कि चीनी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक भाजपा मुख्यालय में इसलिए हुई कि "हालात में सुधार हुआ है।" कांग्रेस के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हाल में दोनों देशों के बीच उड़ानें फिर से शुरू हुई हैं। व्यापारिक वार्ताएं भी हो रही हैं। भाजपा प्रवक्ता ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी हमला करते हुए कहा कि उन्होंने नरेन्द्र मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाने का अपना अधिकार खो दिया है, क्योंकि उन्होंने निराधार दावा किया था कि गलवान घाटी झड़प के दौरान भारतीय सैनिकों को चीनी सैनिकों ने "पीटा" था।
चीनी प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा मुख्यालय का किया था दौरा
गौरतलब है कि सोमवार को सीपीसी के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप मंत्री सुन हैयान के नेतृत्व में एक चीनी प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा मुख्यालय का दौरा किया था। बैठक के दौरान, भारतीय जनता पार्टी के महासचिव अरुण सिंह के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा और सीपीसी के बीच अंतर-दलीय संवाद को बढ़ावा देने के माध्यमों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में भारत में चीनी राजदूत शु फीहोंग भी सीपीसी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे।
आरएसएस महासचिव से भी मिला चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल
सूत्रों के मुताबिक, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबाले से भी मुलाकात की। यह बैठक करीब एक घंटे तक चली। सूत्रों ने कहा कि यह उनकी कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से एक शिष्टाचार भेंट थी। मुलाकात का अनुरोध चीन की ओर से आया था।
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