भारत के आठ प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर उद्योगों में वृद्धि दर दिसंबर में चार महीने के उच्चतम स्तर पर रही। इन उद्योगों का संयुक्त सूचकांक (आईसीआई) दिसंबर 2025 में सालाना आधार पर 3.7 प्रतिशत की दर से बढ़ा है
कोर सेक्टर की 8 इंडस्ट्रीज़ में 2.6% संचयी बढ़त
भारत के आठ प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर उद्योगों में वृद्धि दर दिसंबर में चार महीने के उच्चतम स्तर पर रही। इन उद्योगों का संयुक्त सूचकांक (आईसीआई) दिसंबर 2025 में सालाना आधार पर 3.7 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। यह दर पिछले चार महीनों का उच्चतम स्तर है। इस दौरान सीमेंट, स्टील, इलेक्ट्रिसिटी, उर्वरकों और कोयले के उत्पादन में तेज वृद्धि दर्ज की गई है।
केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक, अप्रैल-दिसंबर अवधि में आठ मुख्य उद्योगों के संयुक्त सूचकांक की संचयी वृद्धि दर 2.6 प्रतिशत रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कोर सेक्टर में यह तेजी नवंबर के संशोधित 2.1 प्रतिशत के मुकाबले बेहतर रही। हालांकि दिसंबर 2024 में इन सेक्टर्स की ग्रोथ 5.1 प्रतिशत दर्ज की गयी थी। कोर सेक्टर में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली शामिल हैं। इन आठ उद्योगों का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आइआइपी) में करीब 40 प्रतिशत वेटेज है। वाणिज्य विभाग के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में अप्रेल से दिसंबर के बीच इनका कुल उत्पादन 2.6 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में ग्रोथ 4.5 प्रतिशत रही थी।
कोर सेक्टर में नवंबर के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन
मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में स्टील का उत्पादन सालाना आधार पर 6.9 प्रतिशत बढ़ा है। अप्रैल से दिसंबर अवधि की संचयी विकास दर पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 9.5 प्रतिशत रही है। कोयले का उत्पादन दिसंबर 2025 में सालाना आधार पर 3.6 प्रतिशत बढ़ा है। हालाकि, अप्रैल से दिसंबर की संचयी अवधि में इसमें 0.7 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। इसके साथ ही, उर्वरकों का उत्पादन दिसंबर 2025 में सालाना आधार पर 4.1 प्रतिशत बढ़ा है। अप्रैल से दिसंबर की अवधि में इसमें 1.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। डेटा में कहा गया कि सीमेंट का उत्पादन दिसंबर 2025 में सालाना आधार पर 13.5 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि अप्रैल से दिसंबर की अवधि में इसमें पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 8.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
आईसीआई में 8 प्रमुख उद्योगों की वृद्धि में सुधार
इस अवधि में इलेक्ट्रिसिटी उत्पादन पिछले महीने सालाना आधार पर 5.3 प्रतिशत बढ़ा है। अप्रैल से दिसंबर अवधि में इसमें 0.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके अतिरिक्त, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक ने नवंबर में 6.7 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की है, जबकि पिछले वर्ष इसी माह में यह 5 प्रतिशत थी। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में नवंबर में वार्षिक आधार पर 8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हुई। इस तेजी के कारण मैन्युफैक्करिंग क्षेत्र में के 23 समूहों में से 20 उद्योग समूहों ने नवंबर 2025 में नवंबर 2024 की तुलना में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है। डेटा में बताया गया कि आठ मुख्य उद्योगों का संयुक्त सूचकांक की नवंबर 2025 में अंतिम विकास दर 2.1 प्रतिशत रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमेंट और स्टील में मजबूत ग्रोथ इंफास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गतिविधियों में बनी मांग को दर्शाती है। केंद्र सरकार के बढ़ते कैपिटल एक्सपेंडिचर से इन सेक्टर्स को आगे भी सहारा मिलने की उम्मीद है। वहीं तेल और गैस उत्पादन में सुस्ती को परिपक्व होते क्षेत्रों और ऊर्जा मिश्रण में बदलाव की सरकारी रणनीति से जोड़ा जा रहा है।
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